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JEE-एडवांस के परिणाम घोषित, ऐसे डाउनलोड करें अपना स्कोर कार्ड...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जेईई एडवांस रिजल्ट घोषित कर दिए गए हैं। आईआईटी बॉम्बे के अनुसार, इस परीक्षा के नतीजे आज, 11 सितंबर को जारी कर दिए गए हैं। अब ऐसे, में जो भी कैंडिडेट्स इस परीक्षा के लिए शामिल हुए थे, वे पोर्टल jeeadv.ac.in पर जाकर नतीजे देख सकते हैं। परिणाम देखने के लिए कैंडिडेट्स को रोल नंबर, जन्म तिथि और फोन नंबर एंटर करना होगा, जिसके बाद, वे अपने नतीजे देख सकते हैं। बता दें कि जेईई एडवांस 2022 परीक्षा का आयोजन 28 अगस्त, 2022 को किया गया था।

रिजल्ट के साथ ही जेईई एडवांस्ड 2022 की मेरिट लिस्ट भी घोषित की गई। इस साल, कुल 160038 कैंडिडेट ने रजिस्ट्रेशन कराया और 155538 दोनों पेपरों के लिए उपस्थित हुए, जिनमें से 40712 उम्मीदवारों ने क्वालीफाई किया। आईआईटी बॉम्बे जोन के आर के शिशिर कॉमन रैंक लिस्ट (CRL) में टॉप रैंक पर हैं। उन्होंने 360 अंकों में से 314 अंक प्राप्त किए। वहीं लड़कियों में तनिष्का काबरा ने टॉप किया है। तनिष्का IIT दिल्ली जोन से हैं। टॉप-10 में आर के शिशिरो, पोलु लक्ष्मी साई लोहित रेड्डी, थॉमस बीजू चिरामवेली, वांगपल्ली साई सिद्धार्थ, मयंक मोटवानी, पोलीसेट्टी कार्तिकेय, प्रतीक साहू, धीरज कुरुकुंड, महित गढ़ीवाला तथा वेचा ज्ञान महेश शामिल हैं।

जेईई एडवांस रिजल्ट डाउनलोड करने के लिए इन स्टेप्स को करें फॉलो :
जेईई एडवांस रिजल्ट डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले उम्मीदवारों को जेईई एडवांस की आधिकारिक साइट jeeadv.ac.in पर जाना होगा। इसके बाद, होम पेज पर उपलब्ध जेईई एडवांस 2022 रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें। अब लॉगिन विवरण दर्ज करें और सबमिट पर क्लिक करें। इसके बाद, आपका परिणाम स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा। अब रिजल्ट चेक करें और पेज डाउनलोड करें। इसके बाद, आगे की जरूरत के लिए उसी की एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें।

जेईई एडवांस प्रोविजनल आसंर-की 3 सितंबर को रिलीज होने के बाद उम्मीदवारों को अगले दिन यानी कि 4 सितंबर तका मौका दिया गया था। अभ्यर्थियों को इस दौरान अपने ऑब्जेक्शन ऑफिशियल वेबसाइट पर दर्ज कराने थे। इसके बाद अब इन्हीं आपत्तियों पर विचार करने के बाद परिणाम जारी किया जाएगा। वहीं जेईई एडवांस एग्जाम देने वाले उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि किसी भी ताजा अपडेट के लिए कैंडिडेट्स को आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना होगा। जेईई एडवांस 2022 में रैंक हासिल करने वाला उम्मीदवारों को JOSSA काउंसिलिंग में शामिल होना होगा। यह 12 सितंबर से शुरू होगी।

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प्रयास के 4 छात्र जेईई एडवांस में हुए सफल

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रयास आदर्श आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर के 4 छात्र इस बार इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए प्रतिष्ठित परीक्षा जेईई एडवांस में सफल हुए है। अनुसूचित जनजाति वर्ग में छात्र सागर को 197, योगेश सिंह को 299, आशी भगत को 935 तथा शैलेश कुमार सिंह को 1100 वां रैंक मिला है। रैंक के आधार पर इन्हें आईआईटी, एनआईटी या ट्रिपल आईटी में प्रवेश मिलेगा। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जेईई में सफल चारो छात्रों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास  जे.आर. नागवंशी ने बताया कि इस वर्ष जेईई एडवांस परीक्षा में प्रयास आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर के कुल 17 छात्र शामिल हुए थे जिनमें से 4 छात्र सफल हुए हुए है। उन्होंने सफल छात्रों को बधाई व उज्ज्वल भविष्य की  शुभकामना दी है।

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आई.टी.आई. डभरा में रोजगार पंजीयन शिविर 12 सितम्बर को

 जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला रोजगार कार्यालय जांजगीर-चांपा द्वारा युवाओं को सुविधा प्रदान करने की दृष्टि से शासकीय आई.टी.आई. डभरा में रोजगार पंजीयन शिविर एवं पंजीयन मार्गदर्शन का आयोजन 12 सितम्बर दिन सोमवार को किया जा रहा है।

       जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि शिविर में नया रोजगार पंजीयन और  नवीनीकरण का कार्य किया जाएगा। नया पंजीयन के लिए सभी युवाओं को च्वाईस सेंटर से ऑनलाइन कराकर सत्यापन हेतु अपने समस्त शैक्षणिक योग्यता एवं जाति, निवास आदि प्रमाण पत्रों की मूल प्रति एवं आधार कार्ड की छायाप्रति के साथ स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य होगा। रोजगार पंजीयन का कार्य प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जाएगा। रोजगार पंजीयन शिविर एवं पंजीयन मार्गदर्शन में भाग लेने के इच्छुक आवेदक अपने मूल प्रमाणपत्र एवं आधार कार्ड की छायाप्रति के साथ स्वयं उपस्थित होकर रोजगार पंजीयन, नवीनीकरण, पंजीयन मार्गदर्शन में भाग ले सकते है। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय जांजगीर चांपा से संपर्क कर सकते है।

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एससीव्हीटी के अंतर्गत होने वाली परीक्षा का समय-सारणी जारी*

 जांजगीर-चाम्पा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के समस्त शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण  संस्थाओं के लिए सचिव स्टेट बोर्ड ऑफ एक्जामिनेशन द्वारा राज्य व्यावसायिक परीक्षा (एस.सी.व्ही.टी.) के अंतर्गत आयोजित होने वाली परीक्षा का समय-सारणी जारी कर दिया गया है। प्राचार्य शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान जांजगीर से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रवेश सत्र अगस्त 2020 द्विवर्षीय एवं अगस्त 2021 एक वर्षीय व छ:माही के नियमित पात्र प्रशिक्षणार्थियों एवं पूरक पात्र प्रशिक्षणार्थियों जिनके प्रयास शेष है उक्त परीक्षा में सम्मिलित होंगे। यह परीक्षा 19  सितम्बर 2022 से प्रारंभ होकर 26 सितम्बर  तक संपन्न होगा तथा यह परीक्षा विगत परीक्षाओं की भांति कन्वेंशनल पद्धति से आयोजित होगी। अधिक जानकारी के लिए संस्था के नोटिस बोर्ड का कार्यलयीन समय पर अवलोकन किया जा सकता है।

 

 

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पढ़व कतको बेर कोनो मेर विषय पर हुआ संगोष्ठी का आयोजन

 बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर बंसल के निर्देश पर नव भारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत साक्षरता सप्ताह के द्वितीय दिवस को पढ़व कतको बेर कोनो मेर विषय पर आधारित संगोष्ठी सह परिचर्चा का आयोजन जिला साक्षरता मिशन  प्राधिकरण बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष सरिता ठाकुर अध्यक्षता अध्यक्ष जनपद पंचायत बलौदाबाजार सुमन वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शिक्षाविद एस. एम. पाध्ये डॉ. निशा झा रमाकांत झा, वरिष्ठ पत्रकार रामाधार पटेल व सीईओ रूही टेम्भुरकर के उपस्थिति में सर्वप्रथम मॉ सरस्वती का पूजा अर्चना, गीत वंदन किया गया तदपचात अतिथियों का फूलमाला से स्वागत, अभिनंदन व साक्षरता प्ररेणा गीतों के माध्यम से इस कार्यक्रम शुभांरभ किया गया। 

परिचर्चा में सरिता ठाकुर ने शिक्षा एवं साक्षरता के निरंतर सीखने व सतत् प्रयास पर बल देते हुए विभिन्न उदाहरणों से मार्गर्दान स्वरूप विचार प्रस्तुत किए। दैनिक जीवन में डिजिटल नवसाक्षरों को हर परिवेश से आगे बढऩे की प्रेरणा दिए व कौशल विकास से विभिन्न आजीविकाओं,आसपास के वातावरण में रहकर विभिन्न सोशल मिडिया के बारे में मार्गदर्शन किया। सुमन वर्मा ने साक्षरता केवल पढऩा लिखना ही नहीं बल्कि व्यवहारिक जीवन में परिवर्तन लाना ही साक्षरता है व शिक्षा के बढ़ते सोपान आदि से प्रेरणा लेने की बात कही उसी तरह रिटायर्ड प्रोफेसर व शिक्षाविद एस.एम. पाध्ये ने व्यवहारिक ज्ञान व साक्षरता पर विचार रखें तथा वास्तविक पहुओं पर बात रखी। इसी तरह अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। इस दौरान जिला परियोजना अधिकारी आर. सोमेवर राव ने नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के मुख्य लक्ष्य,उद्देश्य, गतिविधियों व समस्त नवाचारी बिन्दुओं पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला गया। साथ ही परिचर्चा में उपस्थित छात्रों कोकम्प्यूटर, एंड्राइड मोबाईल, डिजिटल साक्षरता संचालन के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, चुनावी साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, विधिक साक्षरता, श्रेष्ठ पालकत्व, आत्मरक्षा अधिनियम के संबंध मे भी जानकारी दी गयी। इस दौरान आभार प्रकट सहायक संचालक बरत राम पटेल की ओर से किया गया। उक्त मौके पर रितु शुक्ला प्राचार्य, नवीन कुमार प्रोग्रामर, सालिक राम पटेल भृत्य, स्कूल के बच्चे व अनेक संख्या में कर्मचारी गण उपस्थित रहे।

 
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पढऩे की कोई उम्र नहीं है किसी भी समय हम शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं सिर्फ अपने में लगन होनी चाहिए : डीपीओ

 सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। साक्षरता सप्ताह अंतर्गत द्वीतीय दिवस का आयोजन कलेक्टर सुश्री इफ्फत आरा व  मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत लीना कोसम के मार्गदर्शन में तथा जिला परियोजना अधिकारी  रोहित कुमार सोनी की अध्यक्षता में विकासखंड सूरजपुर के ग्राम पंचायत बसदेई व विकासखंड भैयाथान के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सलका अघीना में पढ़बो कोनो मेरे कतको बेर विषयक संगोष्ठी आयोजित किया गया। 

इस अवसर पर जिला परियोजना अधिकारी रोहित कुमार सोनी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पढऩे की कोई उम्र नहीं है, किसी भी समय हम शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं सिर्फ अपने में लगन होनी चाहिए। सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुनील पोर्ते ने संगोष्ठी कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के बिना सब कुछ अधूरा है, आज के समय में सभी व्यक्ति को पढऩे लिखने आना जरूरी है, शासन की ओर से सभी उम्र के व्यक्ति के लिए पढऩे की व्यवस्था की गई है, शा. कन्या उत्तर माध्यमिक विद्यालय विकासखंड भैयाथान के बीईओ राजीव सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि केवल अक्षर ज्ञान ही साक्षरता नहीं है, हमें जोड़ घटाव गुड़ा भाग के अलावा डिजिटल साक्षर होना भी जरूरी है आज के समय में पैसे का लेन देन टिकट बुकिंग ऑनलाइन शॉपिंग इत्यादि कार्य मोबाइल के द्वारा घर बैठे आसानी से हो जा रहा है, इसके लिए भी हम सभी को डिजिटल रूप से साक्षर होना आवश्यक है, उपस्थित छात्राओं से उन्होंने अपील की कि आपके घर परिवार मोहल्ले में यदि कोई भी व्यक्ति साक्षर है तो आप अपना समय निकालकर उसको साक्षर करने का पुनीत कार्य कर सकते हैं, शासन की ओर से प्रस्तावित नवभारत साक्षरता कार्यक्रम में सभी लोग मन लगाकर काम करें एवं अपने गांव मोहल्ला परिवार समाज को पूर्ण साक्षर करने का संकल्प लें, कार्यक्रम को प्रभारी प्राचार्य गोवर्धन सिंह ने भी संबोधित किया, इस अवसर पर साहित्यकार रीता गिरी ने साक्षरता के महत्व साक्षरता की आवश्यकता साक्षरता के कार्य क्षेत्र साक्षरता में स्कूली छात्र-छात्राओं के योगदान के बारे में विस्तार पूर्वक बताया... इस अवसर पर पत्रकार, कार्यालयीन कर्मचारी, शिक्षक शिक्षिकाएं, शिक्षाविद, साक्षरता कार्यक्रम से जुड़े स्वयंसेवी शिक्षक उपस्थित थे।

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सीख केंद्रों में मनाया जा रहा साक्षरता दिवस

 भैयाथान (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला शिक्षा अधिकारी  विनोद कुमार राय के मार्गदर्शन में जिले से सभी सीख केंद्रों में सीख मित्रों व शिक्षकों के मदद से अंतराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जा रहा है। बीते मंगलवार को ग्राम समौली में बच्चे पालक सीख मित्रों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीख कार्यक्रम में समन्वयक दीपक गोस्वामी द्वारा साक्षरता दिवस का उद्देश्य व महत्व बताया गया। सीख मित्र राम सागर, सुनीता पाटिल, रिया दुबे, एवं सविता सामिल हो कर बच्चों के साथ कार्य करने का अपना अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम में उपस्थित संकुल समन्वयक जसवंत प्रताप सिंह  द्वारा बच्चों को सोनू मोनू और रीना की चतुराई नामक कहानी सुनाते हुए बच्चों को पुस्तक पढ़ना व सिखाया गया।

जन प्रतिनिधि सिद्धार्थ द्वारा क्यों भाई क्यों कहानी सुनाया गया । सीख कार्यक्रम समन्वय द्वारा बताया गया समर्थ चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित सीख कार्यक्रम के तहत सभी सीख केंद्रों में साक्षरता दिवस मनाया जा रहा । यह कार्यक्रम 5 सितम्बर से 8 सितंबर तक मनाया जाएगा इन चार दिनों में समुदाय पालक बच्चे जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के साथ मिलकर आयोजन में बच्चे व समुदाय रचनात्मक गतिविधियों में शामिल रहेंगे इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों के लिए रचनात्मक के साथ -  साथ आन्नददायक सीखने का वातावरण तैयार करना तथा साक्षरता और सीखने के विभिन्न स्थानों को युवा और बच्चों की जरूरतों के अनुसार नए ज्ञान के प्रति जागरूक करना है । इसके तहत 5 सितम्बर को कहानी सुने व सुनाये , 6 सितम्बर चित्रकला , 7 सितम्बर लोक खेल व लोक गीत , सीख मित्र, पालक , बच्चे , समुदाय,1 द्वारा एवं 8 सितम्बर को कहानी सुने व सुनाएं  जिला प्रसाशन , जनप्रतिनिधि व पालकों द्वारा इस आयोजन के माध्यम से समुदाय को जागरूक करना व शिक्षा में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना ।

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अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 8 को, 14 सितम्बर तक साक्षरता सप्ताह का आयोजन

 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में साक्षरता कार्यक्रम के लिए वातावरण निर्माण करने 8 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस तथा 8 से 14 सितम्बर तक साक्षरता सप्ताह का आयोजन विभिन्न विभागों के समन्वय से किया जाएगा। 

साक्षरता सप्ताह के पहले दिन शैक्षणिक संस्थाओं में साक्षरता रैली, दूसरे दिन साक्षरता संगोष्ठी व परिचर्चा, तीसरे दिन शैक्षणिक संस्थाओं में साक्षरता कार्यक्रम, चौथे दिन नव भारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत महिला साक्षरता पर केन्द्रित कार्यक्रम, पांचवां दिन नव भारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत प्रतियोगिता, छठवां दिन एनआईएलपी के शिक्षार्थियों के लिए, सातवां दिन सम्मान व सामूहिक संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। साक्षरता सप्ताह में सभी वर्गों का ध्यान नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की ओर केन्द्रित करना है। जिले में विशेष रणनीति बनाकर कार्य करना है। एनआईएलपी के सभी घटकों पर प्रत्येक दिन विषयवार गतिविधि भी आयोजित की जाएगी।

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वेसलियन अंग्रेजी माध्यम स्कूल में 31 बालकों को दिया गया प्रवेश

 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों के 25 प्रतिशत आरक्षित सीट पर प्रवेश दिया जाता है। जिसकी संपूर्ण कार्रवाई विभागीय पोर्टल के माध्यम से की जाती है। वर्तमान सत्र 2022-23 में वेसलियन उच्चतर माध्यमिक अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा का अधिकार के तहत कक्षा नर्सरी में 25 व कक्षा पहली में 7 सीटें आरक्षित थी। आरक्षित सीट के विरूद्ध लोक शिक्षण संचालनालय से ऑनलाईन लॉटरी के माध्यम से 31 बालकों का चयन कर प्रवेश दिया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण की लॉटरी में चयन नहीं होने वाले आवेदकों का स्टेट्स वेटिंग प्रदर्शित होता है। प्रथम चरण की लॉटरी पश्चात् रिक्त सीटों के लिए पुन: द्वितीय चरण की लॉटरी केवल वेटिंग वाले आवेदनों को ही प्राथमिकता नहीं दिया जाता। बल्कि नवीन आवेदनों व वेटिंग में लंबित आवेदनों को लॉटरी में समान अवसर दिया जाता है। मानवीय प्रक्रिया से पोर्टल पर रिक्त प्रदर्शित हो रहे सीटों पर प्रवेश संभव नहीं है।

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शिक्षक दिवस में महापुरुषों की वेशभूषा धारण कर बच्चों ने लोगों का किया ध्यान आकर्षित

बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बेमेतरा जिले में शिक्षक दिवस के अवसर पर 37वें शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन कृषि उपज मंडी बेमेतरा में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के गृह, जेल, लोक निर्माण, धार्मिक न्यास व धर्मस्व व पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने किया। 

मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस के मौके पर सेल्फी जोन बनाया गया था, जिसमें ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल बेमेतरा के विद्यार्थियों ने महापुरुषों की वेशभूषा धारण कर लोगों को प्रेरणा दी। इनमें डॉ. सर्वपल्ली राधाकृषणन की भूमिका के रुप में समरथ सिंह खनूजा, स्वामी विवेकानंद-समरत सिंह चावला, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम-काश्वी साहू, सावित्री बाई फूले-काव्या साहू, आचार्य चाणक्य-हिमांचल पुरी गोस्वामी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों की इस शानदार प्रस्तुति के लिए उन्हे अपनी बधाई व शुभकामनाएं दी : 

इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, संसदीय सचिव व विधायक नवागढ़ गुरूदयाल सिंह बंजारे, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा, छ.ग. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष  थानेश्वर साहू, पूर्व विधायक प्रदीप चौबे, लक्ष्मण चंद्राकर, विधायक बेमेतरा आशीष कुमार छाबड़ा, संभागायुक्त दुर्ग महादेव कावरे, कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला, पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह छवई, अपर कलेक्टर डॉ. अनिल बाजपेयी सहित अन्य अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 
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शिक्षक के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार की विद्यार्थी उन्हें याद करें : राजेश राणा

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् में 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस का आयोजन किया गया। संचालक राजेश सिंह राणा, अतिरिक्त संचालक डॉ. योगेश शिवहरे, संयुक्त संचालक डॉ. श्रीमती निशी भाम्बरी सहित परिषद् के समस्त अकादमिक सदस्यों ने सर्वप्रथम डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

संचालक राजेश सिंह राणा ने अपने संबोधन में सभी को शिक्षक दिवस की बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि राज्य में 60 शिक्षकों को उनके अच्छे कार्यों के लिए  पुरस्कृत किया गया। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक के लिए बड़ा पुरस्कार यह है कि उनके विद्यार्थी उन्हें याद करें, अपनी कामयाबी में भी और अपनी विफलताओं में भी क्योंकि शिक्षक विद्यार्थियों की विफलताओं को सफलता में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। विद्यार्थियों द्वारा शिक्षक को याद रखा जाना शिक्षकों की सबसे बड़ी पूंजी है। आप जहाँ भी रहे अपने दायित्वों का निर्वाह पूरी आस्था के साथ करें। हमारे समाज में शिक्षक दिवस और गुरु पूर्णिमा दोनों मनाएँ जाते हैं। हमें शिक्षक के साथ-साथ गुरु भी बनना है। शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान प्राप्त करने में सहायता कर उन्हें सार्थक जीवन जीने योग्य बनाता है। गुरू विद्यार्थी को अध्यात्मिक ज्ञान से जोड़कर उसका अध्यात्मिक विकास भी करता है। प्रत्येक गुरू एक शिक्षक होता है। प्रत्येक शिक्षक यह प्रयास करें कि वह सच्चे अर्थों में गुरू बने। बच्चों का समेकित विकास करते हुए उनकी समस्याओं का निदान करे।

राणा ने कहा कि परिषद् शिक्षा से जुड़े सभी पहलूओं पर कार्य करती है। इसका एक बेहतर उदाहरण (कोविड-19) के समय पढ़ई तुहर दुआर के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई करवाना है। इसके माध्यम से बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनी रही। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में परिषद् व परिषद् से संबंधित संस्थाओं और उनके सदस्यों को उनके अच्छे कार्यों के लिए पुरस्कृत किया जावेगा। यह सभी के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा।

एससीईआरटी के अतिरिक्त संचालक डॉ. योगेश शिवहरे ने कहा कि माता-पिता के अलावा शिक्षक ही ऐसे होते हैं, जो बच्चों को अपने से ज्यादा सफल होते देखकर गर्व की अनुभूति करते हैं। हम सभी को अपने कार्यों के महत्व को पहचानना चाहिए। परिषद में जो भी कार्य होते हैं. उनका सार्थक प्रभाव सम्पूर्ण शिक्षा जगत पर पड़ता है। हम अपने विविध कार्यों के महत्व को जाने उनका संपादन इस तरह से करें कि एक चरित्रवान पीढ़ी उभरकर सामने आये। हमें हमेशा यह सोचना चाहिए कि हम अपने कार्यों को किस तरह बेहतर तरीके से अंजाम दें कि उसके सार्थक परिणाम हमें और शिक्षा जगत को प्राप्त हो। उन्होंने सभी सदस्यों को अपने कार्यों के महत्व का एहसास दिलाया। कार्यक्रम को उप संचालक श्रीमती पुष्पा किस्पोट्टा, डॉ विद्यावती चन्द्राकर और परिषद् के ललित साहू ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर डी. दर्शन ने शिक्षकों को समर्पित एक गीत प्रस्तुत किया। आभार प्रदर्शन डॉ निशी भाम्बरी ने किया। कार्यक्रम का संचालन ज्ञान प्रकाश द्विवेदी ने किया।

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अंचल के विद्यार्थियों के लिए निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करें : कलेक्टर

 जगदलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर ने आश्रम छात्रावासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कर अंचल के विद्यार्थियों को इसका लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। मंगलवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि शासन की ओर से अंचल के आदिवासी विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा के साथ शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अधोसंरचनाओं के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसका लाभ विद्यार्थियों को प्राप्त होना चाहिए। उन्होंने कार्य पूर्ण होने पर तत्काल अधिग्रहण की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित तौर पर तकनीकी अधिकारियों की ओर से निरीक्षण पर जोर देते हुए निर्माण कार्य का मूल्यांकन करते हुए किए गए कार्य के एवज में 85 प्रतिशत राशि का भुगतान तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

कलेक्टर ने कार्य में रुचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों के फर्म को ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ठेकेदारों के फर्म के साथ ही उन फर्मों को भी ब्लैक लिस्टेड करने की कार्यवाही की जाएं, जिसमें उनकी सहभागिता है।

 
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नवा रायपुर में खुलेगा विश्व स्तरीय सुविधाओं से युक्त उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने राज्य में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने 5 सितंबर को अपने निवास कार्यालय से राजधानी में विश्व स्तरीय सुविधाओं से युक्त बनने वाले उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान का वर्चुअल शिलान्यास किया है। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा 20 एकड़ भूमि नवा रायपुर के सेक्टर-32 में निःशुल्क आवंटित की गई है। विश्व स्तरीय स्तरीय शिक्षण संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ उत्कृष्ट विद्यालय सोसायटी के संचालन में किया जाएगा। उत्कृष्ट विद्यालय सोसायटी के अध्यक्ष मुख्यमंत्री तथा स्कूल शिक्षा मंत्री इसके उपाध्यक्ष होंगे। सोसायटी में सदस्य सचिव एवं अन्य सात सदस्य नियुक्त किये गये हैं।


विश्व स्तरीय आवासीय शिक्षण संस्थान को कक्षा 6वीं से 12वीं तक कुल 700 छात्र-छात्राओं हेतु विकसित किया जाएगा। परिसर का निर्माण विकास दो चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण में कुल 200 छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक आवासीय परिसर में  एकेडमिक बिल्डिंग एवं लेबोरेट्री,  एडमिन बिल्डिंग , डाइनिंग हॉल,  हॉस्टल, इन डोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, स्वीमिंग पुल , हॉर्स रायडिंग , प्लेग्राउंड, प्रिंसिपल  एवं वाईस प्रिंसिपल बंगला का विकास  विकास किया जाएगा। दूसरे चरण में ऑडिटोरियम, स्कूल की पूर्ण क्षमता अनुसार छात्र एवं छात्राओं हेतु हॉस्टल तथा स्टॉफ क्वार्टर्स का विकास किया जाएगा। उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान परिसर परियोजना के प्रथम चरण निर्माण हेतु सोसायटी द्वारा 49.52 करोड़ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान के निर्माण कार्य की अवधि 12 माह रखी गई है।

छत्तीसगढ़ उत्कृष्ट विद्यालय सोसायटी के द्वारा नवा रायपुर में स्थापित किए जा रहे महत्वकांक्षी परियोजना उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान से छत्तीसगढ़ के छात्र छात्राओं को विश्व स्तरीय शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी  । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ में शिक्षा को नया स्वरूप प्रदान करने एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान स्थापित करे इसके लिए भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

 

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम,  कृषि, जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविंद्र चौबे , मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा , प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा  डॉ आलोक शुक्ला, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह,सचिव स्कूल शिक्षा डॉ एस भारती दासन, विशेष सचिव कृषि डॉ.अयाज़ तंबोली, समग्र शिक्षा प्रबंध संचालक नरेन्द्र दुग्गा, एनआरडीए की सीईओ श्रीमती किरण कौशल एवम् अन्य वरिष्ठ अधिकारी  उपस्थित थे।

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विद्यार्थियों को चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करें शिक्षक: राज्यपाल उइके

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया और शिक्षक दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। सम्मान समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती और डॉ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर 4 शिक्षकों को स्मृति पुरस्कार और 56 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया।

राज्यपाल उइके ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए सम्मानित शिक्षकों सहित प्रदेश के शिक्षकों व विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने राज्य शासन द्वारा स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के खुलने से शहरों से लेकर दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों के अंग्रेजी में पढ़ने का सपना पूरा हो रहा है। नक्सली क्षेत्रों में बंद स्कूलों को प्रारंभ करवाने तथा बालवाड़ी का प्रारंभ शिक्षा की दिशा और दशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्यपाल ने कहा कि कोविड काल के दौरान मृत शिक्षकों के परिजनों को शीघ्र अनुकंपा नियुक्ति देकर मानवीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पहल की है। साथ ही विद्यालयों के रंगरोगन और जीर्णोद्धार के लिए 500 करोड़ की राशि आबंटित करने की भी सराहना की।

राज्यपाल ने कहा कि बच्चे हमारे देश के कर्णधार हैं, उनकी मौलिकता, कल्पनाशीलता देश की अनमोल संपदा है और उनके जीवन को गढ़ने का महत्वपूर्ण दायित्व शिक्षकों का है। शिक्षकों का यह कर्तव्य है कि वे विद्यार्थियों में उच्च आदर्शों एवं नैतिक मूल्यों को रोपित करने के साथ ही उनमेें देशभक्ति एवं एकता की भावना बढ़ाएं। हमें उन्हें योग्य, प्रशिक्षित एवं कुशल नागरिक बनाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से अनुरोध है कि वे अपने विद्यार्थियों के मन में भारतीय सांस्कृतिक विरासतों के समृद्ध तत्वों का संचार करें तथा भारतीय संविधान, लोकतंत्र, सर्वधर्म समभाव, राष्ट्रीय एकता तथा अखण्डता के प्रति दृढ़ आस्था एवं विश्वास बढ़ायें। वे ऐसे प्रयास करें जिससे बच्चों में न केवल अनुशासन बढ़े, बल्कि उन्हें खुद को जानने और समझने में मदद मिले और वे भावी चुनौतियों का सामना करने में खुद को सक्षम और समर्थ बना सके।

राज्यपाल उइके ने कहा कि मानव संसाधन का विकास हमारी सबसे पहली जरूरत है और यह विकास, शिक्षा से ही संभव है। मानव संसाधन के विकास से अन्य संसाधनों का विकास आसानी से किया जा सकता है। इसके अभाव में बहुमूल्य संसाधन अनुपयोगी होकर नष्ट हो जायेंगे।

उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान कई ऐसी घटनाएं हुईं जिसके कारण अनेकों विद्यार्थियों को स्कूल तक छोड़ना पड़ा और भी कई विपरीत परिस्थितियां निर्मित हुई। बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक क्षति भी हुई, जिसे दूर करने के लिए हमें और प्रभावी कदम उठाने होंगे। राज्यपाल ने कहा कि हमारे देश में गुरूओं को पूजने की यशस्वी परंपरा रही है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह परम्परा और अधिक सशक्त होती जाएगी।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सम्मानित सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने समाज के प्रति अपना दायित्व निभाते हुए कोविड के चुनौती भरे समय में भी विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित नहीं होने दिया। अनेकों नवाचारों के माध्यम से शिक्षा अनवरत जारी रही और प्रधानमंत्री जी ने भी जशपुर के शिक्षक का मन की बात कार्यक्रम में उल्लेख किया और उनकी प्रशंसा भी की। इसी प्रकार छत्तीसगढ़  के शिक्षा में नवाचार को नीति आयोग ने भी सराहा। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता तथा उसके विस्तार के लिए शासन ने हर वो पहल की है, जिसकी जरूरत महसूस की जा रही थी। सुकमा से लेकर बलरामपुर तक स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम के और स्कूलों को खोलने की मांग की जा रही है। हमने 279 अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले हैं तथा और स्कूल खोले जाएंगे। शिक्षा उन्नयन के प्रयासों में स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए 500 करोड़ की राशि स्वीकृत की है तथा बच्चों के लिए बालवाड़ी भी खोले जा रहे हैं। साथ ही छत्तीसगढ़ी सहित प्रदेश की विभिन्न स्थानीय बोलियों में एक दिन कार्य का संचालन भी किया जायेगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो, सचिव स्कूल शिक्षा एस. भारतीदासन, राज्यपाल के विधिक सलाहकार राजेश श्रीवास्तव, संचालक स्कूल शिक्षा सुनील कुमार जैन, राज्यपाल के उप सचिव दीपक कुमार अग्रवाल सहित राजभवन व शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित शिक्षकगण उपस्थित थे।

 

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सिंहदेव ने ली आयुर्वेदिक कॉलेज की स्वशासी कार्यकारिणी समिति की बैठक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री टी.एस. सिंहदेव की अध्यक्षता में 5 सितंबर को शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, बिलासपुर की स्वशासी कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में आयोजित बैठक में समिति की पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन के साथ ही 31 मार्च तक महाविद्यालय द्वारा किए गए व्यय का अनुमोदन किया गया। स्वशासी कार्यकारिणी समिति की बैठक में महाविद्यालय के सेमीनार कक्ष एवं डिजिटल लाइब्रेरी के लिए ए.सी. खरीदने के लिए मंजूरी प्रदान की गई। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव प्रसन्ना आर., संचालक आयुष पी. दयानंद और बिलासपुर शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रक्षपाल गुप्ता सहित स्वशासी कार्यकारिणी समिति के अन्य सदस्य भी बैठक में मौजूद थे।

 

 

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जिले में शुरू हुई 186 बालवाड़ियां

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया योजना का शुभारंभ

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नई शिक्षा नीति के अनुसार खेल-खेल में बच्चों के सीखने और समझने की क्षमता को विकसित करने के लिए आज अपने निवास कार्यालय से शिक्षक दिवस पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश में बालवाड़ी योजना का शुभारंभ किया। योजना की थीम ‘‘जाबो बालवाड़ी बढ़ाबो शिक्षा की गाड़ी’’ पर आधारित है। बिलासपुर जिले में भी 186 बालवाड़ियां आज से शुरू हुई है।

बालवाड़ी योजना के माध्यम सेे नन्हें बच्चे खेल-खेल में स्कूली माहौल के अनुरूप तैयार होंगे। जिले में नई शिक्षा नीति के अनुरूप 5 से 6 वर्ष तक के 1 हजार 674 बच्चों को इस योजना से फायदा मिल रहा है। बालवाड़ी योजना का उद्देश्य बच्चों का मानसिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक विकास करना है ताकि बच्चे पहलीं कक्षा में जाये तो वह उसके लिए पूरी तरह से तैयार हो चुके हो। उल्लेखनीय है कि बिल्हा विकासखण्ड में 39 बालवाड़ी, कोटा विकासखण्ड में 57, मस्तूरी विकासखण्ड में 31 और तखतपुर विकासखण्ड मेें 53 बालवाड़ियां संचालित की जा रही है।

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डी. ए.वी. एम.पी.एस. में हुआ अलंकरण समारोह

 कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कोरबा के डी.ए.वी. एम.पी.एस जेंजरा में 'अलंकरण समारोह'  का आयोजन किया गया, जिसमें 'हेड बॉय' के रूप में सार्थक अग्रवाल और 'हेड गर्ल 'के रूप में ऐश्लिशा पोर्टे का चयन किया गया। साथ ही कल्चरल हेड वरुण नायडू और दृष्टि जायसवाल, स्पोर्ट्स हेड विवेक सोनी एवं तृप्ति सिंग, डिसीप्लिन इंचार्ज रौनक अग्रवाल, नेहा दुबे,   स्पोकन इंग्लिश इंचार्ज अनुराग  यादव, अदिति प्रभाकर का चयन किया।

वहीँ वाइस कैप्टन के रूप आयुष साहू, ईशा कंवर,  वाइस कल्चरल पीयूष जायसवाल, दीक्षा साहू, वाइस स्पोर्ट्स सूर्या प्रताप, नाजीश मिर्ज़ा,  वाइस डिसीप्लीन  रेहान  अलि सुपर्णा केला, वाइस स्पोकेन इंग्लिश किशन साहू एव नौसिन मेमन नियुक्त किये गए।  साथ ही साथ  हाउस कैप्टन का भी चयन दयानंद से ऋतुराज, अनुष्का दुबे, श्रद्धनंद से रुद्रपाल सिंह, आकांक्षा डिक्सना, हंसराज से हिमांशु, निसि सोनी और विरजानंद से करणदीप सिंह एंजल कर्कट का  भी चयन किया गया ।इस अवसर पर सभी सदस्यों को प्राचार्या राज रेखा शुक्ला के द्वारा' बैजेस 'पहनाकर अलंकृत किया गया। नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई गई। प्राचार्या ने छात्रों का मनोबल बढ़ते हुए उन्हें अपने दायित्वों का  निर्वाह करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

 

 

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मुख्यमंत्री ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का स्मरण कर शिक्षक दिवस की दी शुभकामनाएं

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का स्मरण करते हुए शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों और प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक विद्वान, चिंतक और प्राध्यापक भी रहे हैं। उनके जन्मदिन 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाकर हम सभी गौरवान्वित महसूस करते हैं। डॉ. राधाकृष्णन ने उच्च नैतिक मूल्यों को अपने जीवन उतारा और अपने छात्रों को भी प्रेरित किया। वे कठिन विषय को भी अपनी शैली से सरल, रोचक और प्रिय बना देते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और समाज के लिए अच्छा नागरिक तैयार करने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अपने गुणों से वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश-प्रदेश का उज्जवल भविष्य गढ़ने की दिशा में सभी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

 

 

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