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धर्म समाज

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने एक दिवसीय दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान आज बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के पावन मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने मां  दंतेश्वरी के चरणों में नमन करते हुए समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और सर्वांगीण कल्याण की मंगलकामनाएँ कीं।


इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक श्री चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी,  संस्कृति सचिव श्री रोहित यादव, आईजी बस्तर श्री सुंदरराज पी., डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
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नववर्ष पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय व केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना

नववर्ष के प्रथम दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कबीरधाम जिले के ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की । उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।


इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्रीमती भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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भोरमदेव कॉरिडोर का भूमिपूजन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत करेंगे

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत कबीरधाम जिले के भोरमदेव कॉरिडोर का 01 जनवरी को भूमिपूजन करेंगे। इस कॉरिडोर के लिए केन्द्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत 146 करोड़ रूपए की स्वीकृति मिली है। इसके अंतर्गत ऐतिहासिक और धार्मिक केंद्र भोरमदेव मंदिर परिसर एवं आसपास के स्थलों के समग्र विकास किया जाएगा। 


भोरमदेव मंदिर परिसर में आयोजित किए जा रहे भूमिपूजन समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव और श्री विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, लोकसभा संसद श्री संतोष पाण्डेय विधायक श्रीमती भावना बोहरा, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष  श्री नीलू शर्मा सहित अनेक पूर्व विधायक, आयोग निगम मंडल के अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप तैयार की गई यह परियोजना धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और पर्यटन विकास का त्रिवेणी संगम बनेगी। इसके पूरा होने से भोरमदेव क्षेत्र विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा, वहीं क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

भोरमदेव कॉरिडोर में मुख्य मंदिर से लेकर मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ और सरोदा जलाशय तक फैले ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को आपस में जोड़ते हुए उनका संरक्षण और विकास किया जाएगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन, पुरातत्व विभाग एवं कबीरधाम जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार की है। 

भोरमदेव मंदिर परिसर का भव्य विकास के अंतर्गत मुख्य मंदिर में छह आकर्षक प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, जिनमें नागद्वार प्रमुख होगा। परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक विशाल संग्रहालय का निर्माण, पिलर हॉल, गार्डन, चिल्ड्रन पार्क, प्रसाद मंडप, अनुष्ठान भवन, यज्ञ स्थल, और सीढ़ियों का निर्माण किया जाएगा। 

मंदिर परिसर के तालाब का सौंदर्यीकरण करने के साथ-साथ यहां म्यूजिकल फाउंटेन भी बनाया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए ठहरने हेतु डोम, छायायुक्त मार्ग, स्टेज और भंडारा भवन का निर्माण प्रस्तावित है। पूरे परिसर और आसपास के ऐतिहासिक स्थलों को शामिल करते हुए प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, पेयजल, बिजली, ड्रेनेज सिस्टम, वृक्षारोपण और सड़क उन्नयन आदि के कार्य होंगे।
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भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का 01 जनवरी को होगा भूमिपूजन

01 जनवरी को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास को नई दिशा देने वाले भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का भूमिपूजन होने जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल से लगभग 146 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले इस परियोजना का भूमिपूजन केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के करकमलों से संपन्न होगा।

        आयोजन की तैयारियों का जायजा लेने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज भोरमदेव मंदिर परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मुख्य मंच एवं बैठक व्यवस्था, जनसमुदाय के बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात, पार्किंग, पेयजल सहित आयोजन से संबंधित अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, सभापति डॉ वीरेंद्र साहू, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, एएसपी श्री पुष्पेंद्र सिंह बघेल, एडीएम श्री विनय पोयाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
         भोरमदेव मंदिर परिसर अपनी प्राचीन स्थापत्य कला और धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है। पर्यटन कॉरिडोर के निर्माण से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत सड़क, पार्किंग, व्यू प्वाइंट, पर्यटक सुविधा केंद्र, सौंदर्यीकरण एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाए। भोरमदेव कॉरिडोर इसी सोच का परिणाम है, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्र की पहचान को और मजबूत करेगा। भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का भूमिपूजन न केवल नए साल की शुरुआत को खास बनाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा। यह परियोजना राज्य के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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हनुमंत कथा के चौथे दिवस उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा हुए शामिल, पं. धीरेंद्र शास्त्री से लिया आशीर्वाद

 जयंती स्टेडियम में आयोजित पांच दिवसीय हनुमंत कथा के चौथे दिवस रविवार को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शामिल हुए। 

          उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा व्यासपीठ की आरती में भाग लेकर पं. धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पाण्डेय तथा पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय भी उपस्थित रहे।
      इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती की ओर से एवं राज्य सरकार की तरफ से वे पं. धीरेंद्र शास्त्री महाराज के चरणों में नमन और अभिनंदन करते हैं। उन्होंने कहा कि महाराज के छत्तीसगढ़ आगमन से समाज में सकारात्मक चर्चा होती है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे जब भी महाराज के कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं, उन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच के भेदभाव को दूर करने के लिए उनके सतत प्रयास देखे हैं।
        उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पं. धीरेंद्र शास्त्री समाज में समरसता, एकता और देश को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। सनातन संस्कृति की प्रतिष्ठा और जन-जागरूकता के लिए उनके प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भावना है कि महाराज का छत्तीसगढ़ में बार-बार आगमन हो और उनका मार्गदर्शन मिलता रहे। 
      उप मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी बात करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के समापन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है और इस दिशा में महाराज की चिंता रहती है और मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने भविष्य में पुनः महाराज के छत्तीसगढ़ आगमन की कामना की।
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मुख्यमंत्री श्री साय से अखिल भारतीय राष्ट्रीय महासभा हल्बा हल्बी आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल भारतीय राष्ट्रीय महासभा हल्बा हल्बी समाज के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को 20 जनवरी 2026 ग्राम खैरवाही जिला बालोद में आयोजित होने वाले क्रांतिकारी अमर शहीद गैंदसिंह जी के 201 वी शहादत दिवस समारोह कार्यक्रम में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।


मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए पूरे हल्बा हल्बी समाज के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर अध्यक्ष श्री मंतुराम पवार, श्री जी आर राणा,श्री श्याम सिंह तारण, जी आर चुरेंद्र एवं श्री देवेंद्र सिंह भाऊ सहित समाज के अन्य सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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बाबा गुरु घासीदास का संदेश मानवता के लिए पथ-प्रदर्शक: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सारंगढ़ स्थित गुरु घासीदास ज्ञान स्थली, पुष्पवाटिका में आयोजित तीन दिवसीय संत गुरु घासीदास रजत जयंती समारोह के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ज्ञान स्थली में स्थापित जैतखाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के मार्गदर्शक थे। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और भाईचारे की सुदृढ़ नींव रखता है। उन्होंने कहा कि जिस दौर में समाज छुआछूत, भेदभाव और रूढ़ियों से जकड़ा हुआ था, उस समय बाबा गुरु घासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का निर्भीक संदेश देकर समाज को नई दिशा दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संत गुरु घासीदास बाबा के विचारों से प्रेरणा लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और न्याय पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को बीते दो वर्षों में धरातल पर उतारा गया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में धान का रकबा और किसानों की संख्या दोनों में वृद्धि हुई है, जो कृषि क्षेत्र में सरकार की नीतियों के प्रति किसानों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। सरकार प्रत्येक पात्र किसान से धान खरीदी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है, जिससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएससी भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर मिल सके। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग के बेटा-बेटियों को उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह नीति न केवल रोजगार सृजन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि सामाजिक न्याय को भी सशक्त कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी समाज वर्गों से संत गुरु घासीदास बाबा के विचारों को आत्मसात करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि “मनखे-मनखे एक समान” का विचार सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे की अडिग आधारशिला है। उन्होंने बताया कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पूरे विश्व में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में अनुसूचित जाति समाज के विकास को नई गति मिली है। गिरौदपुरी धाम के सर्वांगीण विकास के अंतर्गत जैतखाम, मंदिर परिसर, अमृत कुंड, छाता पहाड़ तक सड़क, सीढ़ियों एवं प्रकाश व्यवस्था जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्य प्रवेश द्वार से मंदिर तक शेड निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये तथा अन्य विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त भंडारपुरी धाम के विकास हेतु 17 करोड़ 11 लाख 22 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे वहां अधोसंरचना संबंधी कार्य शीघ्र प्रारंभ होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान हेतु प्रत्येक वर्ष पांच प्रतिभावान युवाओं को पायलट प्रशिक्षण के लिए 15-15 लाख रुपये की सहायता देने का निर्णय भी लिया गया है।

समारोह को राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक श्रीमती उत्तरी गणपत जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूषण पाण्डेय, पूर्व विधायक श्री निर्मल सिन्हा, डॉ. छबिलाल रात्रे, श्रीमती केराबाई मनहर, सुश्री कामदा जोल्हे, श्रीमती ज्योति पटेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।
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बलिदान और कर्तव्य के गौरवशाली इतिहास से नई पीढ़ी को परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा  आयोजित वीर बाल रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस भव्य रैली में लगभग 5,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स ने सहभागिता की। रैली में सिख परंपरा की वीरता को दर्शाती गतका जैसी साहसिक गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं प्रेरणादायी झांकियों ने उपस्थित जनसमूह को गहरे भावनात्मक स्तर पर जोड़ा।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में हम दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों — बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी — के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल 9 वर्ष और 7 वर्ष की अल्पायु में साहिबजादों ने जिस अदम्य साहस, आस्था और बलिदान का परिचय दिया, वह मानव इतिहास में अनुकरणीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में भी साहिबजादे किसी दबाव के आगे नहीं झुके, अपनी आस्था से विचलित नहीं हुए और धर्म एवं सत्य की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। श्री साय ने कहा कि सिख धर्म की यह गौरवशाली परंपरा हम सभी के लिए गर्व का विषय है। नई पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान और मूल्यों से परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं में शौर्य, साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम साहिबजादों के जीवन को देखते हैं, तो हमें दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा दिए गए संस्कारों और शिक्षाओं पर गर्व होता है। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया। उनकी प्रेरक पंक्तियाँ “सवा लाख से एक लड़ाऊँ, चिड़ियन ते मैं बाज लड़ाऊँ, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहलाऊँ।” आज भी हर भारतीय के भीतर साहस और संघर्ष की चेतना जागृत करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंक्तियाँ हमें सिखाती हैं कि साधन नहीं, साहस और संकल्प ही विजय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। भारत की धरती धन्य है, जिसने ऐसे महान गुरुओं और साहिबजादों को जन्म दिया। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं शिक्षा विभाग को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। 

कैबिनेट मंत्री श्री खुशवंत साहेब ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान हमें निर्भीकता, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रथम की भावना का मार्ग दिखाता है। उनका जीवन हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।

छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा ने साहिबजादों की शहादत के ऐतिहासिक प्रसंगों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया।

इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, सीजीएमएससी अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा सहित सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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बाबा गुरु घासीदास ने पूरी मानवजाति को सामाजिक समरसता का दिया संदेश – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर के पेंशनबाड़ा स्थित शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास परिसर में आयोजित परमपूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छात्रावास के विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर बाबा गुरु घासीदास जी को श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके आदर्शों को स्मरण किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने “मनखे-मनखे एक समान” का अमर संदेश देकर पूरी मानवजाति को सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाया। उनका विचार आज भी समाज को जोड़ने और भेदभाव रहित व्यवस्था की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पेंशनबाड़ा स्थित शासकीय पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 300 सीटर किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्य मंत्री और अब मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें हर वर्ष बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिलता रहा है, लेकिन विद्यार्थियों के बीच यह आयोजन मनाना उनके लिए विशेष आनंद और संतोष का विषय है। उन्होंने कहा कि जब समाज ऊँच-नीच और असमानता से जूझ रहा था, तब छत्तीसगढ़ की धरती पर बाबा गुरु घासीदास जी का अवतरण हुआ—यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है। बाबा जी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर समाज को नई दिशा दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के संदेशों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विगत 25 वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज प्रदेश के विद्यार्थी आईआईटी, एम्स और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं में शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य गढ़ रहे हैं। नई औद्योगिक नीति में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएससी में भ्रष्टाचार के दोषियों पर कार्रवाई की गई है और अब पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती तभी सार्थक होगी, जब हम उनके उपदेशों को अपने जीवन में उतारें। उन्होंने युवाओं से सत्य के मार्ग पर अडिग रहते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं की स्किलिंग पर विशेष ध्यान दे रही है। रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नीशियन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।

समारोह में शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक पंथी नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में राजमहंत श्री बंशी लाल कुर्रे, श्री संदीप सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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गुरु घासीदास बाबा ने समाज को समानता, सद्भाव और मानवता का दिया संदेश: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

गुरु घासीदास बाबा ने समाज को समानता, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। बाबा के विचार आज भी सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता को सुदृढ़ करते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुंगेली जिले के खैरा-सेतगंगा धाम में आयोजित बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने जैतखंभ में विधिवत पूजा-अर्चना कर पालो चढ़ाया तथा गुरुगद्दी एवं राम जानकी मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सेतगंगा धाम के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपये, राम जानकी मंदिर पर्यटन क्षेत्र विकास के लिए 50 लाख रुपये तथा गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम आयोजन के लिए 10 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु श्री खुशवंत साहेब, विधायक सर्वश्री पुन्नूलाल मोहले, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, डोमन लाल कोरसेवाड़ा तथा श्रीमती भावना बोहरा उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने एवं छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, सुरक्षा और विकास के कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं। गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ निरंतर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और किसानों के धान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से राशि प्रदान की जा रही है। प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में भी ठोस और प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सेतगंगा धाम के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर विकास की ओर अग्रसर है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब एवं खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने भी गुरु घासीदास जयंती की शुभकामनाएं देते हुए समाज के हित में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने गुरु घासीदास बाबा के जीवन, विचारों और आदर्शों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में सतनाम पंथ के अनुयायी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बाबा गुरु घासीदास जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  महान समाज सुधारक और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास जी की 18 दिसम्बर को जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने अपने दिव्य उपदेशों और आचरण से समाज को सत्य, अहिंसा, समानता और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर अग्रसर किया। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” केवल एक विचार नहीं, बल्कि मानवता को जोड़ने वाला ऐसा जीवन-दर्शन है, जो भेदभाव रहित, न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज की मजबूत नींव रखता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने छत्तीसगढ़ की धरती पर सामाजिक एवं आध्यात्मिक जागरण की सुदृढ़ आधारशिला रखी। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों, असमानताओं और अंधविश्वासों के विरुद्ध चेतना जगाते हुए नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की और जनमानस को आत्मसम्मान एवं मानवीय गरिमा का बोध कराया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा जी का जीवन-दर्शन करुणा, सहिष्णुता, प्रेम, सत्यनिष्ठा और परस्पर सम्मान जैसे मानवीय गुणों के विकास का मार्गदर्शक है। उनके विचार और आदर्श समय की कसौटी पर खरे उतरते हुए आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और वर्तमान समाज के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत बने हुए हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा सामाजिक समरसता, शांति और सौहार्द के साथ एक समृद्ध एवं समावेशी छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को गुरु घासीदास जयंती महोत्सव का मिला निमंत्रण

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज सतनाम कल्याण समिति, बंधवा के प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा की 269वीं जयंती के अवसर पर मुंगेली जिले के लालपुर धाम में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय विशाल मेला—18, 19 एवं 20 दिसंबर—में सम्मिलित होने का निमंत्रण प्रदान किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का जीवन-दर्शन, सत्य, अहिंसा, समानता और सद्भाव के मूल्य हमें सामाजिक समरसता और मानवकल्याण की दिशा में निरंतर प्रेरित करते हैं।उन्होंने कहा कि लालपुर धाम का यह मेला छत्तीसगढ़ की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, जहां हर वर्ष भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर गुरु बाबा के उपदेशों को आत्मसात करते हैं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल भी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री रामकथा पोस्टर एवं कैलेंडर का किया विमोचन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्यारे श्री राधाकृष्ण संस्कार मंच, जामुल के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी श्री रामकथा कार्यक्रम हेतु तैयार किए गए पोस्टर एवं कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया।


प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि श्री रामकथा का आयोजन 28 दिसंबर 2025 से 06 जनवरी 2026 तक दुर्ग जिले के जामुल नगर में किया जाएगा।  प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को इस पावन आयोजन में सादर आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए प्यारे श्री राधाकृष्ण संस्कार मंच, जामुल के सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त किया एवं आयोजन की सफलता हेतु शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर मंच के संरक्षक श्री दिलेश्वर उमरे, संयोजक श्री ईश्वर उपाध्याय, तथा श्री जागेश्वर मल सोनी, श्री उमेश निर्मलकर, श्री नेत राम साहू, श्री जितेंद्र साहू, श्री इंद्रजीत उपाध्याय, श्री वैभव उपाध्याय सहित मंच के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अघोर गुरुपीठ में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरुपीठ पहुंचे, जहाँ उन्होंने अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के समक्ष प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की। उन्होंने गुरुपीठ में विधिवत पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की शांति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने अघोरेश्वर अवधूत जी के कृपापात्र शिष्य प्रियदर्शी भगवान राम जी से आशीर्वाद ग्रहण किया और कहा कि उनका स्नेह, मार्गदर्शन एवं आध्यात्मिक स्पर्श सदैव ऊर्जा, प्रेरणा और सकारात्मकता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन ही समाज को सही दिशा देता है और जनसेवा के कार्यों को अधिक संवेदनशीलता और समर्पण के साथ आगे बढ़ाने में सहायक होता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक सौहार्द हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। इन्हीं मूल्यों के आधार पर राज्य सरकार जनकल्याण, विकास और सुशासन के संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रही है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री से अखिल विश्व गायत्री परिवार के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 10 दिसंबर से 13 दिसंबर तक जशपुर जिले के अंतर्गत नगर पंचायत बगीचा में आयोजित होने वाले 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए गायत्री परिवार के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर श्री भानु यादव, श्रीमती मुक्ता देवी, श्रीमती रीना बरला, श्री मिकलेश यादव एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री से अखिल विश्व गायत्री परिवार के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 09 दिसंबर से 12 दिसंबर तक सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित होने वाले 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।


मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए गायत्री परिवार के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर श्री निर्मल सिन्हा, श्री कैलाश साहू, श्री कृष्ण कुमार जायसवाल, श्री आदर्श वर्मा, श्री हेमंत पटेल एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय श्री श्री रणेश्वर रामचंडी मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में हुए शामिल

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम झगरपुर में कोलता समाज द्वारा आयोजित श्री श्री रणेश्वर रामचंडी मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन स्वामी आत्मानंद शासकीय हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झगरपुर परिसर में किया गया, जहाँ समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का पारंपरिक गजमाला पहनाकर और तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री श्री रणेश्वर रामचंडी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर माता रामचंडी के चरणों में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि झगरपुर की इस पावन भूमि पर आकर उन्हें आत्मिक शांति का अनुभव हुआ है। यह मंदिर न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि समाज की सांस्कृतिक चेतना और एकता का भी सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा उसकी संस्कृति और परंपराओं में बसती है। जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं ईश्वर का वास होता है। उन्होंने माता-पिता को सच्चा ईश्वर बताते हुए कहा कि यदि माता-पिता प्रसन्न हैं तो सभी देवी-देवता प्रसन्न रहते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी से अपने घर के बड़ों के प्रति सम्मान और सेवा-भाव बनाए रखने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए ई-गवर्नेंस की शुरुआत हो चुकी है तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ सतत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के 18 से 19 माह के भीतर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस दिया गया, धान खरीदी की सीमा 15 क्विंटल से बढ़ाकर 21 क्विंटल प्रति एकड़ की गई, और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया।

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की सहायता दी जा रही है। 18 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत किए गए हैं। भूमिहीन मजदूर सहायता योजना, तेंदूपत्ता खरीदी 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा, रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी योजनाएं जनहित में संचालित की जा रही हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संसाधनों से समृद्ध राज्य है, और जनसहयोग तथा संसाधनों के सही उपयोग से हम विकास के नए अध्याय लिख रहे हैं। ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ यह केवल नारा नहीं, बल्कि हमारी कार्यसंस्कृति है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज 35,440 करोड़ रुपए के परिव्यय वाली दो प्रमुख योजनाओं – प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मिशन – का शुभारंभ किया है। यह योजनाएं देश के किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, कृषि उत्पादन वृद्धि और ग्रामीण समृद्धि के लिए सतत प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि भूमि रजिस्ट्री व्यवस्था में सुधार कर शासन प्रणाली में नई पारदर्शिता और जवाबदेही लाई गई है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने झगरपुर में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपए, विकासखंड मुख्यालय लैलूंगा में कोलता समाज हेतु सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख रुपए, कुंजारा–तोलगे–मिलूपारा मार्ग निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपए, वार्ड क्रमांक 5 पटेलपारा के बीच नदी में स्टॉप डैम कम कॉजवे निर्माण हेतु 2.5 करोड़ रुपए, लैलूंगा–कुंजारा से गमेकेला में खारुन नदी पुलिया निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए और वार्ड क्रमांक 11 में शासकीय कन्या हाईस्कूल के नवीन भवन निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित है। कोलता समाज का आशीर्वाद और सहयोग सदैव प्रेरणास्रोत रहा है।

वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि प्रदेश का सौभाग्य है कि उसे ऐसे जनसेवक का नेतृत्व प्राप्त है जो प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पदभार ग्रहण करने के मात्र 12 दिन बाद ही 13 लाख किसानों को 3,716 करोड़ रुपए बोनस का भुगतान कर दिया। धान खरीदी की सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ और मूल्य 3,100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। प्रदेश में 18 लाख से अधिक गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभ दिया जा रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि है और प्रभु श्रीराम इस धरती के भांजा हैं। यही हमारी सांस्कृतिक पहचान और गर्व है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय का ध्यान प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। लैलूंगा और आसपास के क्षेत्रों की आवश्यकताओं से मुख्यमंत्री पूर्णतः अवगत हैं, और क्षेत्र के विकास से जुड़े सभी कार्य चरणबद्ध रूप से पूरे किए जाएंगे।

कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन जिला पंचायत सदस्य श्री बृजेश गुप्ता ने किया, जिन्होंने कोलता समाज की ऐतिहासिक परंपराओं और 120 उपजातियों की एकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन पर श्री रत्थूलाल गुप्ता ने मुख्यमंत्री एवं सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, पूर्व विधायक श्री सत्यानंद राठिया, श्रीमती सुनीति राठिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्रीमती ज्योति भगत, समाजसेवी श्री अमर अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, गुरुपाल भल्ला, श्रीकांत सोमावर, अरुण कातोरे, जतिन साव, विनय साव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और श्रद्धालु उपस्थित थे।
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संतों के आशीर्वाद और जनसहयोग से छत्तीसगढ़ आगे बढ़ रहा है विकास और आस्था के मार्ग पर - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 छत्तीसगढ़ की पुण्यभूमि माता कौशल्या की जन्मस्थली होने के साथ-साथ प्रभु श्रीराम का ननिहाल भी है — यह हमारे लिए परम सौभाग्य और गर्व का विषय है। प्रभु श्रीराम ने अपने चौदह वर्षों के वनवास काल का अधिकांश समय इसी पावन छत्तीसगढ़ की धरती पर व्यतीत किया, जिससे यह भूमि भक्ति, त्याग और मर्यादा की दिव्यता से आलोकित हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम बड़े जुंगेरा स्थित माँ कौशल्या धाम, जामड़ी पाटेश्वर आश्रम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने संत श्री रामकृष्णदास महात्यागी एवं संत श्री रामजानकीदास महात्यागी के समाधि स्थल पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दोनों संत महापुरुषों के राष्ट्र, समाज और अध्यात्म के प्रति योगदान को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग, तप और सेवा से छत्तीसगढ़ की यह भूमि आज भी आलोकित है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबाजी तेजस्वी साधक और त्याग, सेवा व अध्यात्म के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन लोककल्याण और मानवता की सेवा को समर्पित किया। 
उन्होंने कहा कि ऐसे संतों की प्रेरणा ही हमारे समाज की आत्मा और राज्य के सांस्कृतिक गौरव की आधारशिला है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम के ननिहाल में आकार ले रहा यह दिव्य धाम छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और गौरव का प्रतीक बनेगा। उन्होंने संत बालक दास महात्यागी जी से भेंट कर निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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