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भारत की 94 वर्षीय धावक भगवानी देवी ने 100 मीटर स्प्रिंट स्‍पर्धा का स्वर्ण पदक जीता

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ दर्पण)। भारत की 94 वर्षीय धावक भगवानी देवी ने फिनलैंड के टाम्परे में आयोजित विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर स्प्रिंट स्‍पर्धा का स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने 100 मीटर की दूरी 24 दशमलव सात चार सेकेंड में दौड़कर पूरी की।
 

भगवानी देवी ने शॉटपुट में भी कांस्य पदक हासिल किया। यह प्रतियोगिता 29 जून से 10 जुलाई तक टाम्परे में आयोजित की गई थी। चैंपियनशिप 35 वर्ष और उससे अधिक उम्र के पुरुष तथा महिला एथलीटों के लिए आयोजित होती है।

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किर्गियोस को विंबलडन फाइनल में हराते हुए जोकोविच ने जीता 21वां ग्रैड स्लैम खिताब

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सर्बिया के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने रिकॉर्ड 21वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीत लिया है। उन्होंने निक किर्गियोस को विंबलडन फाइनल में हराते हुए यह खिताब जीता है।किर्गियोस के खिलाफ 4-6, 6-3, 6-4, 7-6(3) से जीत हासिल करते हुए जोकोविच ने अपना 21वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीता है। जोकोविच अब संयुक्त रूप से सबसे अधिक बार विंबलडन खिताब जीतने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।

जोकिविच ने इस मैच में 131 प्वाइंट और 46 विनर्स हासिल किए। किर्गियोस ने 29 ऐस और जोकोविच ने 15 ऐस हासिल किए। जोकोविच ने पहली सर्व में 82 प्रतिशत प्वाइंट हासिल किए तो वहीं सेकेंड सर्व में उन्हें 61 प्रतिशत प्वाइंट मिले।सर्बियन दिग्गज ने 59 प्रतिशत नेट प्वाइंट हासिल किए। दोनों ही खिलाड़ियों ने सात डबल फॉल्ट किए तो वहीं ऑस्ट्रेलियन ने 33 अनचाही गलतियां की।
 
जोकोविच ने कैमरून नोरी को सेमीफाइनल में हराते हुए अपने 32वें ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह बनाई थी। उन्होंने रोजर फेडरर को छोड़ते हुए ओपन एरा में सबसे अधिक ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचने की उपलब्धि हासिल की थी।जोकोविच ने टूर्नामेंट के पहले राउंड में क्वून सून-वू, दूसरे राउंड में थनासी कोकिनाकिस, तीसरा राउंड में मिओमिर केमानोविक, चौथे राउंड में टिम वान रिज्थोवेन और क्वार्टर फाइनल में जैनिक सिनर को हराया था।
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खिताब जीतने वाली कजाकिस्तान की पहली खिलाड़ी बनीं एलेना रयबकिना

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 17वीं वरीयता प्राप्त एलेना रयबकिना ने महिला एकल के फाइनल में दुनिया की नंबर दो खिलाड़ी ओन्स जबूर को हराकर अपना पहला विंबलडन खिताब जीत लिया है।रयबकिना ने लगभग दो घंटे से ज्यादा चले मुकाबले में 3-6, 6-2, 6-2 से जीत दर्ज की। इसके साथ ही वह ग्रास कोर्ट स्लैम जीतने वाली कजाकिस्तान की पहली खिलाड़ी बन गई हैं।23 वर्षीय रयबकिना 2011 के बाद से विंबलडन जीतने वाली सबसे युवा महिला बन गई हैं।

रयबकिना ने पहले दौर में कोको को 7-6(2), 7-5 से हराया।उन्होंने दूसरे दौर में कनाडा की बियांका एंड्रीस्कु को 6-4, 7-6(5) से हराया।तीसरे दौर में रयबाकिना ने चीन की किनवेन झेंग को सीधे सेटों में 7-6(4), 7-5 से हराया।वहीं राउंड ऑफ-16 में पेट्रा मार्टिक को 7-5, 6-3 से मात दी।उन्होंने क्वार्टर फाइनल में अजला टोमलजानोविक को 4-6, 6-2, 6-3 से मात दी।सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने सिमोना हालेप के खिलाफ जीत दर्ज की।
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Wimbledon 2022: नोवाक जोकोविच ने जीता 7वां विंबलडन खिताब

लंदन(छत्तीसगढ़ दर्पण)। सर्बियाई स्टार नोवाक जोकोविच ने रविवार को सेंटर कोर्ट में ऑस्ट्रेलिया के निक किर्गियोस को 4-6, 6-3, 6-4, 7-6 (7-3) से हराकर अपना विंबलडन खिताब 2022 जीत लिया है। कोविड डोज को लेकर अपने रवैये के लिए ऑस्ट्रेलियन ओपन में आलोचना के केंद्र में आए जोकोविच की यह टेनिस में शानदार वापसी है।

35 वर्षीय रोजर फेडरर, पीट सम्प्रास और ब्योर्न बोर्ग के बाद SW19 में लगातार चार खिताब जीतने वाले चौथे खिलाड़ी बने। जोकोविच के पास कुल सात विंबलडन खिताब हैं, जिसमें उनके आखिरी चार खिताब 2018, 2019, 2021 और 2022 में आए हैं। यह उनका 8वां विंबलडन फाइनल भी था।

विश्व की तीसरे नंबर के खिलाड़ी ने पहला सेट गंवाने के बाद मैच की शुरुआत थोड़ी खराब की। नडाल की चोट के कारण बिना सेमीफाइन मुकाबला खेले फाइनल में आए किर्गियोस ने कड़ी मेहनत की। लेकिन दूसरे सेट के बाद से, जोकोविच मौके पर पहुंचे और ऑस्ट्रेलियाई को ज्यादा सांस लेने की जगह नहीं दी।
 

 

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खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कार और पेंशन योजना की शुरूआत की

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केन्‍द्रीय युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने नई दिल्‍ली में संशोधित नकद पुरस्‍कार योजना, खिलाडि़यों के राष्‍ट्रीय कल्‍याण और पेंशन योजना, खेल और राष्‍ट्रीय खेल विकास कोष योजना के पोर्टल का लोकार्पण किया।

श्री ठाकुर ने पोर्टल का ऑनलाइन उद्घाटन करते हुए कहा कि मंत्रालय ने अंतर्राष्‍ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाडि़यों और उनके कोच के लिए नकद पुरस्‍कार की योजना में कई महत्‍वपूर्ण सुधार किये हैं। उन्‍होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय राष्‍ट्रीय खिलाड़ी कल्‍याण और पेंशन योजना को और अनुकूल तथा पारदर्शी बनाया गया है।
 
केन्‍द्रीय मंत्री ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि इससे सरकार और नागरिकों के बीच दूरी घटेगी और समस्‍याओं का आसानी से समाधान होगा। उन्‍होंने कहा कि प्रक्रिया में रियाहतें दी गई हैं जिससे खिलाड़ी बिना किसी देरी के सरलता से योजनाओं का लाभ ले सके। उन्‍होंने जनता, सार्वजनिक उपक्रमों, कॉर्पोरेट कंपनियों और अन्‍य संस्‍थानों से राष्‍ट्रीय खेल विकास कोष में योगदान करने की अपील की।
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राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे 215 एथलीट

नई दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मिशन ओलंपिक सेल (एमओसी) की बैठक में राष्ट्रमंडल खेल 2022 के लिए भारत की तैयारियों की समीक्षा की। आगामी राष्ट्रमंडल खेलों में कुल 215 एथलीट भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

एमओसी की बैठक में लम्बी कूद की पूर्व खिलाड़ी अंजू बॉबी जॉर्ज, पूर्व हॉकी खिलाड़ी वीरेन रसकिन्हा, पूर्व टेबल टेनिस खिलाड़ी मोनालिसा बरुआ, पूर्व पहलवान योगेश्वर दत्त तथा पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी तृप्ति मुर्गंडे उपस्थित थीं।
 
श्री ठाकुर ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा, एथलीटों की तैयारी जोरों से चल रही है। मुझे खुशी है कि ओलंपिक के बाद प्रशिक्षण और प्रतियोगिता की गति बढ़ी है और हम ओलंपिक और पैरालंपिक के बाद निरंतर सफलता की उम्मीद कर सकते हैं।

समीक्षा के दौरान भारत की तैयारी के कई पहलू सामने आए। टोक्यो 2020 ओलंपिक के बाद एथलीट फिर से पूर्ण प्रशिक्षण पर हैं, जिनमें राष्ट्रीय शिविरों में प्रशिक्षण एवं कई अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण और प्रतियोगिताएं शामिल हैं। अब तक, भारत सरकार ने उन खेलों में 111 एक्सपोज़र ट्रिप की सुविधा प्रदान करने में मदद की है, जिनमें भारत बर्मिंघम 2022 में मुकाबला करेगा।
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भारतीय राष्ट्रमंडल खेल टीम अब तक की सबसे अच्छी एवं सबसे मजबूत टीम : अनुराग

नई दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने  नई दिल्ली में बर्मिघम राष्ट्रमंडल खेल (सीडब्ल्यूजी) 2022 के लिए भारतीय टीम के प्रस्‍थान समारोह में भाग लिया। इस समारोह का आयोजन भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) द्वारा किया गया, जो भारत में ओलंपिक खेलों के लिए शासी निकाय या संचालक मंडल है।

टोक्यो 2020 ओलंपिक के पदक विजेता बजरंग पुनिया, पीआर श्रीजेश, मनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह और लवलीना बोरगोहेन 215 खिलाडि़यों की मजबूत टीम की ओर से इस समारोह में मौजूद कुछ स्टार सदस्य थे। इस अवसर पर उपस्थित कुछ अन्य प्रमुख खिलाडि़यों में ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, स्प्रिंट स्टार दुती चंद एवं हिमा दास, एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता शिव थापा एवं मुक्केबाज अमित पंघाल, इत्‍यादि शामिल थे।
 
इस समारोह में टीम के लिए आधिकारिक किट का अनावरण भी किया गया।  आईओए ने जेएसडब्ल्यू इंस्पायर से करार किया है, जो यात्रा और खेल किट के लिए किटिंग पार्टनर के रूप में टीम के प्रमुख प्रायोजक भी हैं। मान्यवर को औपचारिक किटिंग पार्टनर के रूप में शामिल किया गया है, जबकि एडिडास इस टीम के आधिकारिक प्रदर्शन फुटवियर पार्टनर है।

उन्होंने यह भी कहा, यह भारतीय राष्ट्रमंडल खेल टीम निश्चित रूप से हमारी अब तक की सबसे अच्छी एवं सबसे मजबूत टीम है और मुझे पूरा भरोसा है कि हमारे सभी खिलाड़ी वैश्विक स्तर पर भारत को फिर से गौरवान्वित करेंगे, चाहे वे जितने भी पदक जीतें। हम सभी को उन पर गर्व है और पूरा देश निरंतर उनके साथ रहेगा, चाहे जीत हो या हार। हम आप सभी को शुभकामनाएं देते हैं।
 
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि वह इस बात से अत्‍यंत प्रसन्‍न हैं कि राष्ट्रमंडल खेल टीम ने महिला-पुरुष संतुलन हासिल कर लिया है, जिसमें 108 पुरुष खिलाड़ी और 107 महिला खिलाड़ी हैं।
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महिला क्रिकेट में भारत ने एकदिवसीय अंतर्राष्‍ट्रीय मैच में श्रीलंका को हराकर श्रृंखला जीती

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महिला क्रिकेट में कैंडी में भारत ने तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतर्राष्‍ट्रीय मैच में श्रीलंका को 39 रन से हराकर श्रृंखला तीन-शून्य से जीत ली है। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवर में नौ विकेट पर 255 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका की टीम 216 रन ही बना सकी। हरमनप्रीत कौर को प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज घोषित किया गया।

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भारत महिला टीम ने श्रीलंका को किया क्लीन स्वीप, हरमनप्रीत कौर ने खेली कप्तानी पारी

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हरमनप्रीत कौर ने भारत को तीसरे एकदिवसीय मैच में 39 रन से जीत दिलाने में मदद की और इस तरह गुरुवार को श्रीलंका पर क्लीन स्वीप कर दिया। यह भारतीय महिला क्रिकेट टीम का श्रीलंका दौरा था जहां पर भारत को 3-0 से क्लीन स्वीप मिला है। इस सीरीज में हरमनप्रीत कौर को प्लेयर ऑफ द मैच मिला। उन्होंने प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड भी जीता।

कौर ने 88 गेंदों में 75 रनों की शानदार पारी खेली, क्योंकि उन्होंने भारत को निर्धारित 50 ओवरों में नौ विकेट पर 255 के सम्मानजनक स्कोर पर पहुंचाया।

इससे पहले, सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा ने अच्छी शुरुआत दिलाई लेकिन स्मृति मंधाना 6 के स्कोर के साथ आउट हुई। हालांकि, शैफाली वर्मा ने अपनी पारी जारी रखी और उन्हें यास्तिका भाटिया का समर्थन मिला। इनोका राणावीरा ने भाटिया को 30 रन पर आउट किया। पहले इस जोड़ी ने 59 रन की साझेदारी की। 

इसके साथ ही भारत का मध्य-क्रम ढहना शुरू हुआ क्योंकि उन्होंने जल्दी ही स्कोरबोर्ड को छह विकेट पर 124 रनों के साथ खुद को मुश्किल में पाया। कौर ने तब एक कप्तान की पारी खेली क्योंकि उन्होंने कठिन दौर से भारत को आगे बढ़ाया और निचले क्रम पर पूजा वस्त्राकर से बहुत समर्थन मिला। ऑलराउंडर ने 65 गेंदों में 56 रन बनाए और नाबाद रहे। 

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत की पारी में 88 गेंदों में सात चौके और दो छक्के शामिल थे। जवाब में, श्रीलंका की शुरुआत खराब रही और उसने सलामी बल्लेबाज विशमी गुणरत्ने को तीन रन पर खो दिया और बोर्ड पर सिर्फ सात रन थे। 

कप्तान चमारी अथापथु ने 41 गेंदों में 44 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन उनको हरमनप्रीत ने वापस पवेलियन भेज दिया। अथापथु के आउट होने के बाद, हसीनी पेरारा ने 39 रन बनाए, निलाक्षी डी सिल्वा ने भी 59 गेंदों में 48 रनों की शानदार पारी खेली और मेजबान टीम को कुछ उम्मीद दी। हालांकि, अन्य बल्लेबाज प्रभाव डालने में विफल रहे और श्रीलंका की पारी 216 रन पर सिमट गई। राजेश्वरी गायकवाड़ ने 10 ओवर में सिर्फ 36 रन देकर तीन विकेट लिए।
 
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वेस्टइंडीज के खिलाफ BCCI को उतारनी है 'असली' T20 टीम, पर कोहली ने मांग लिया आराम- रिपोर्ट

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अभी इस बात को लेकर काफी चर्चा हुई थी कि विराट कोहली आराम फरमाकर कैसे अपनी फॉर्म में वापसी करेंगे, कि अब फिर से एक और सनसनीखेज खुलासा सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि बीसीसीआई वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में पूरी ताकत वाली भारतीय टीम उतारना चाहता था लेकिन विराट कोहली ने साफ कह दिया है कि उनको टीम में ना शामिल किया जाए।

3 मैचों की वनडे सीरीज से पहले ही गायब था कोहली का नाम 
अगर रिपोर्ट के अनुसार सामने आई यह बात सही है तो लगातार रनों के लिए तरस रहे कोहली की ओर से यह बर्ताव काफी अजीब है क्योंकि वे अब लगातार क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं बल्कि चुनिंदा मैचों में उपलब्ध होते हैं। आईपीएल में लगातार उपलब्ध रहने वाले कोहली इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में भी विफल रहे। पांच मैचों की विंडीज टी20 सीरीज 29 जुलाई से शुरू होगी लेकिन इससे पहले वनडे मैच खेले जाएंगे। 3 मैचों की वनडे सीरीज से भी कोहली का नाम गायब है। इस सीरीज के लिए शिखर धवन को कप्तान और रवींद्र जडेजा को उनका उप-कप्तान बनाया गया है।

कोहली का भविष्य फिलहाल क्या है? 
हालांकि टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट यह भी कहती है कि कोहली की किस्मत का असली फैसला इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज करेगी। पहले टी20 मुकाबले में कोहली का नाम नहीं है लेकिन बाकी दोनों में वे टीम का हिस्सा होंगे। इसके बाद तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी वे टीम का हिस्सा होंगे। दूसरी ओर, क्रिकबज की रिपोर्ट बताती है कि जिन सीनियर खिलाड़ियों को वनडे मैचों से आराम मिला है वह टी20 के लिए जरूर लौटेंगे जिनमें कप्तान रोहित शर्मा भी शामिल हैं। इस सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा 10 जुलाई को हो सकती है। भारत आज से इंग्लैंड के खिलाफ भी टी20 सीरीज की शुरुआत कर रहा है।
टी20 वर्ल्ड कप के लिए कोहली को लेकर प्लान क्या है?
टी20 वर्ल्ड कप के लिए कोहली को लेकर प्लान क्या है? 
पिछले सात महीने से भारत के लिए सफेद गेंद क्रिकेट नहीं खेल पाए रविचंद्रन अश्विन भी विंडीज टी20 सीरीज में वापसी कर सकते हैं। यहां मुख्य बात यह सामने आ रही है कि विराट कोहली का टी20 टीम में होना या नहीं होना इस बात पर निर्भर करेगा कि टी20 वर्ल्ड कप को लेकर भारतीय टीम प्रबंधन का प्लान क्या है। विराट कोहली को लेकर बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली पहले ही कह चुके हैं कि वह क्लास प्लेयर हैं और उनकी फॉर्म चिंता की बात नहीं है। दादा ने यह बात विराट को खराब आईपीएल के बाद कही थी।
रोहित, कोहली, पांड्या, बुमराह जैसे खिलाड़ियों को हमेशा आराम की जरूरत
रोहित, कोहली, पांड्या, बुमराह जैसे खिलाड़ियों को हमेशा आराम की जरूरत 
"हर चयन बैठक में, कार्यभार प्रबंधन का मुद्दा सामने आता है। रोहित, कोहली, पांड्या, बुमराह और शमी जैसे खिलाड़ियों को हमेशा आराम की जरूरत के बारे में बात की जाती है। इन सभी खिलाड़ियों को हमेशा आराम करने की तरजीह मिली है। ट्रेनर और फिजियो टीम प्रबंधन के माध्यम से चयनकर्ताओं को नोट भेजते हैं कि इन खिलाड़ियों को आराम देने की जरूरत है।"
 

 

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एलआईसी की मंडल स्तरीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता में बैसवाड़े बने विजेता

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय जीवन बीमा निगम, रायपुर मंडल की मंडल स्तरीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता का आयोजन 4 जुलाई को पंडरी स्थित मंडल कार्यालय, रायपुर में किया गया | उक्त प्रतियोगिता के सम्बन्ध में भारतीय जीवन बीमा निगम, क्रीडा एवं मनोरंजन समिति, रायपुर के सचिव गजेंद्र पटेल ने जानकारी दी कि पुरुष वर्ग में मंडल कार्यालय रायपुर के पूर्व अखिल भारतीय जीवन बीमा निगम विजेता खिलाड़ी विनय बैसवाड़े विजेता बने एवं महिला वर्ग में कु. साक्षी धनविजय प्रथम स्थान पर रही | इस प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि भारतीय जीवन बीमा निगम, रायपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक अशोक ठाकुर थे एवं इस अवसर पर प्रबंधक (कार्मिक) एन. वेंकटेश, रायपुर डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाईज यूनियन महासचिव सुरेंद्र शर्मा, प्रथम श्रेणी अधिकारी एसोसिएसन महासचिव एच.के. गणपाल उपस्थित थे| प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक अंतर्राष्ट्रीय अंपायर गीता पंडित थी।

पुरुष वर्ग के फायनल में मंडल कार्यालय रायपुर के विनय बैसवाड़े ने भिलाई-2 के केशव खण्डेलवाल को 4-0 से हराकर विजेता बने।
 
पुरुष वर्ग :
प्रथम – विनय बैसवाड़े (मंडल कार्यालय रायपुर), द्वितीय – केशव खण्डेलवाल (भिलाई-2), तृतीय – एस.पी. चंद्राकर (रायपुर-1)।

महिला वर्ग :
प्रथम – कु. साक्षी धनविजय (रायपुर-1 )।
 
प्रतियोगिता में पुरुष एवं महिला वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त खिलाडियों का चयन 4 और 5 अगस्त को भोपाल में “मध्य क्षेत्रीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता” के लिए किया गया है, जिसमें सम्पूर्ण मध्य क्षेत्र (म.प्र. एवं छ.ग.) के 08 मंडल कार्यालय के पुरुष एवं महिला विजेता खिलाड़ी भाग लेंगे। मध्य क्षेत्रीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता में प्रथम चार स्थान प्राप्त खिलाड़ी भारतीय जीवन बीमा निगम की अखिल भारतीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता में मध्य क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगें।
 
कार्यक्रम का संचालन टी.के. मिश्रा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन क्रीड़ा एवं मनोरंजन समिति, रायपुर के सचिव गजेंद्र पटेल ने दिया | इस अवसर पर सेलेक्शन कमेटी के सदस्य यशवंत शर्मा, पूर्व स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड सदस्य शिशिर गुप्ता, विजय तिरपुडे, मोहन साहू एवं अन्य सदस्यगण, खिलाडीगण उपस्थित थे।
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27 साल की हो गई बैडमिंटन इतिहास में रजत पदक जीतने वाली इकलौती भारतीय शटलर पीवी सिंधु

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय बैडमिंटन को शिखर तक पहुंचाने में पीवी सिंधु ने अहम योगदान दिया है। सिंधु मंगलवार (05 जुलाई) को 27 साल की हो गई हैं।वह एकमात्र भारतीय महिला खिलाड़ी हैं, जिन्होंने ओलंपिक खेलों में दो पदक जीते हैं। वहीं वह बैडमिंटन इतिहास में रजत पदक जीतने वाली इकलौती भारतीय शटलर हैं।इसके अलावा भी उन्होंने कई रिकॉर्ड्स बनाए हैं और कई उपलब्धियां हासिल की हैं, उन पर एक नजर डालते हैं। 

साल 2019 में सिंधू BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनी थीं।उन्होंने खिताबी मुकाबले में जापान की नाओमी ओकुहारा को 21-7, 21-7 से हराते हुए इस उपलब्धि को हासिल किया था।लगभग 38 मिनट तक चले उस मैच में सिंधू ने ओकुहारा को लगभग एकतरफा मुकाबले में हराया था।2017 और 2018 में उन्होंने लगातार रजत पदक अपने नाम किए थे।
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महिला क्रिकेट में भारत ने श्रीलंका को दूसरे एकदिवसीय अंतरर्राष्‍ट्रीय मुकाबले में 10 विकेट से हराया

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महिला क्रिकेट में, पल्‍लेकल में, भारत ने श्रीलंका को दूसरे एकदिवसीय अंतरर्राष्‍ट्रीय मुकाबले में दस विकेट से हराकर तीन मैचों की श्रंखला में 2-0 की अजेय बढत बना ली है। पहले बल्‍लेबाजी करते हुये श्रीलंका की पूरी टीम 173 रन ही बना सकी। भारत ने 26 वें ओवर में बिना किसी नुकसान के 174 रन बनाकर लक्ष्‍य हासिल कर लिया।

स्‍मृति मंधाना ने नाबाद 94 और शेफाली वर्मा ने नाबाद 71 रन की पारी खेली। चार विकेट लेने वाली तेज गेंदबाज रेणुका सिंह को प्‍लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया।
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एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों ने जीते 8 पदक

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय अंडर-15 ग्रीको रोमन कुश्ती टीम ने बहरीन में हो रही अंडर-15 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में दो स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक जीते। शनिवार को ग्रीको रोमन स्टाइल के सभी 10 भार वर्गों में मुकाबले हुए और भारत ने कुल 8 पदक जीते। पदक विजेता सचिन हैं, 68 किग्रा में, जबकि अभय ने 72 किग्रा में अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीते।

जबकि प्रणय चौधरी ने 52 किग्रा में रजत और 62 किग्रा वर्ग में वरुण कुमार ने रजत पदक हासिल किया। वरुण सोनकर (38 किग्रा), आदित्य कुमार (48 किग्रा), तुषार पाटिल (57 किग्रा) और हरदीप (85 किग्रा) ने अपने-अपने वर्ग में कांस्य पदक जीते।

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शतरंज ओलम्पियाड टॉर्च रिले का आगमन रायपुर में 16 जुलाई को

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजादी के अमृत महोत्सव के 75वें वर्षगांठ के अवसर पर देश में प्रथम बार आयोजित होने वाले 44वें शतरंज ओलम्पियाड टॉर्च रिले का आयोजन 19 जून से 28 जुलाई 2022 तक देश के विभिन्न राज्यों में किया जा रहा है। चेस ओलम्पियाड के आयोजन की शुरुआत चेन्नई में 28 जुलाई से होगी। चेस ओलम्पियाड टॉर्च रिले का आगमन स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में 16 जुलाई को होगा।

आयोजन की तैयारी के संबंध में संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव एवं ए.आई.सी.एफ. राज्य प्रभारी गुरूचरण सिंह होरा, संयुक्त संचालक प्रणव सिंह एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के महासचिव  वी.के. राठी उपस्थित थे। बैठक में भारत सरकार के दिशा-निर्देश के तहत प्रारंभिक तैयारियों हेतु विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खिलाड़ी, खेल प्रेमी, छात्र-छात्राएं एवं खेल संघ के पदाधिकारी शामिल होंगे।
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सानिया मिर्जा और मेट पाविक की जोडी विम्‍बलडन टेनिस के मिकस्‍ड डबल्‍स के र्क्‍वाटर फाइनल में पहुंची

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत की सानिया मिर्जा और क्रोशिया के मेट पाविक की जोडी विम्‍बलडन टेनिस के मिकस्‍ड डबल्‍स के र्क्‍वाटर फाइनल में पहुंच गई है। आज उनका सामना ऑस्‍ट्रेलिया के जॉन पियर्स और कनाडा की गेब्रिएला डाब्रोवस्‍की की जोडी से होगा। सानिया मिर्जा और मेट पाविक की जोडी को अंतिम 16 में वाकओवर मिला था।

इस बीच, नोवाक जोकोविच पुरूष सिंगल्‍स के क्‍वार्टर फाइनल में पहुंच गये हैं। अब उनका सामना इटली के जेन्निक सिनर से होगा। बेल्जियम के डेविड गोफिन भी अंतिम आठ में पहुंच गये हैं।
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खेल में अग्रगण्‍य होगा हिंदी विश्‍वविद्यालय : प्रो. रजनीश शुक्‍ल

वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय में ग्रीष्‍मकालीन बैडमिंटन प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने कहा कि विश्‍वविद्यालय ज्ञान, कला और कौशल के साथ-साथ खेल में भी अग्रगण्‍य होगा। आज़ादी के अमृत महोत्‍सव के अंतर्गत क्रीड़ा समिति की ओर से 20 मई से 3 जुलाई के दौरान विश्‍वविद्यालय में बैडमिंटन प्रशिक्षण शिविर 5 से 15 वर्ष आयुवर्ग के बच्‍चों के लिए आयोजित किया गया जिसमें 52 बच्‍चों ने सहभागिता की। 04 जुलाई को दूर शिक्षा निदेशालय के भवन में आयोजित समापन समारोह में वर्धा के सांसद रामदास तडस मुख्‍य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कुलपति प्रो. शुक्‍ल ने कहा कि विभिन्‍न प्रकार के खेलों को बढ़ावा देने के लिए विश्‍वविद्यालय प्रतिबद्ध है। उन्‍होंने विश्‍वास जताया कि विश्‍वविद्यालय अपनी स्‍थापना के 25 वें वर्ष में चांदी जैसी चमक प्राप्‍त करेगा।

सांसद रामदास तडस ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए विश्‍वविद्यालय जैसी संस्‍थाओं को आगे आना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि भारत सरकार के खेलों इंडिया कार्यक्रम के तहत खेल स्‍पर्धाओं का आयोजन कर इस क्षेत्र के खिलाडियों को ऑलिंपिक तक पहुँचाया जा सकता है। इस अवसर पर समापन मैच खेला गया जिसमें लडकियों में क्रिष्‍णा मस्‍के एवं लडकों में जैनुल आबिदीन खान विजेता तथा वंशिका मते और शांतिक नाथ त्रिपाठी उपविजेता रहे। विजेताओं को कुलपति प्रो. शुक्‍ल और सांसद रामदास तडस ने प्रशस्ति पत्र तथा बैडमिटंन प्रशिक्षक सत्‍यम अधिकारी को शॉल, विश्‍वविद्यालय का प्रतीक चिन्‍ह एवं सूतमाला देकर सम्मानित किया। प्रारंभ में कुलपति प्रो. शुक्‍ल और सांसद रामदास तडस ने पंडित मदन मोहन मालवीय की मूर्ति पर तथा स्‍वामी विवेकानंद की पुण्‍यतिथि पर उनके चित्र पर माल्‍यार्पन कर अभिवादन किया। कार्यक्रम का प्रारंभ दीपप्रज्ज्‍वलन से किया गया। मंगलाचरण डॉ. जगदीश नारायण तिवारी ने प्रस्तुत किया।

स्‍वागत वक्‍तव्‍य क्रीडा समिति के उपाध्‍यक्ष प्रो. नृपेंद्र प्रसाद मोदी ने दिया। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रोफेसर डॉ. गौरी शर्मा ने किया तथा आभार कार्यक्रम के संयोजक क्रीड़ा सचिव अनिकेत आंबेकर ने ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रतिकुलपति प्रोफेसर चंद्रकांत रागीट, कुलसचिव काद़र नवाज़ ख़ान, अधिष्‍ठातागण, विभागाध्‍यक्ष, अध्‍यापक और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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‘बुमराह ब्लास्ट’ से भौंचक्के हैं अंग्रेज

बर्मिंघम (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एजबेस्टन में 'बुमराह ब्लास्ट’ से अंग्रेज भौंचक्के हैं। पहले बल्लेबाजी में गरजे। फिर गेंदबाजी में बरसे। कप्तान बनते ही तहलका मचा दिया। महान कपिल देव के बाद बुमराह दूसरे तेज गेंदबाज हैं जो भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान बने हैं। ये कप्तानी भले इत्तेफाक से मिली। लेकिन उन्होंने अपनी क्षमता की झलक दिखा दी। एक खामोश क्रांति मुहाने पर खड़ी है। कुछ साल इंतजार कीजिए। फिर मुलाकात होगी भारत के एक सर्वगुण सम्पन्न कप्तान से। क्या बुमराह विश्व के सबसे सफल तेज गेंदबाज कप्तान हो सकते हैं ? जसप्रीत बुमराह की उम्र अभी 28 साल है। उन्होंने 30 टेस्ट मैचों में 130 विकेट लिये हैं। उन्हें कप्तानी सौंपने का ये बिल्कुल सही समय है।

एजबेस्टन में बुमराह का ब्लास्ट
एजबेस्टन टेस्ट के दूसरे दिन क्रिकेट प्रेमियों ने देखा कि चमत्कार क्या होता है। भारत की पारी का 84 वां ओवर चल रहा था। क्रीज पर जसप्रीत बुमराह थे। उनका साथ दे रहे थे मोहम्मद सिराज। आखिरी जोड़ी मैदान पर थी। टेस्ट मैच में वैसे भी विस्फोटक बल्लेबाजी से परहेज किया जाता है। अगर खुदा ना खास्ते किसी तेज पारी की उम्मीद की भी जाती है तो वह किसी नामी बल्लेबाज से। दसवें नम्बर के बल्लेबाज से तो कोई सपने में भी इसकी कल्पना नहीं कर सकता। लेकिन जसप्रीत बुमराह ने करिश्मा कर दिया।

बुमराह ने बल्लेबाजी में ढहाया कहर
स्टुअर्ट ब्रॉड की पहली गेंद पर बुमराह ने चौका मारा। दूसरी गेंद वाइड रही जो बाई के रूप में चार रनों के लिए चली गयी। इस गेंद पर पांच रन मिले। दूसरी गेंद फिर करनी पड़ी। इस पर बुमराह ने हुक लगा कर छक्का मारा। संयोग से ये गेंद नो बॉल हो गयी। इस गेंद पर 7 रन बने। मान्यता प्राप्त दूसरी गेंद अभी भी बाकी थी। ब्रॉड के तीसरे प्रयास में दूसरी गेंद आयी जिस पर बुमराह ने चौका जड़ दिया। तीसरी गेंद पर भी चौका लगा। चौथी गेंद पर फिर चौका। पांचवीं गेंद पर छक्का ठोका। छठी गेंद पर 1 रन लेकर बुमराह ने इतिहास रच दिया।

इस ओवर में 35 रन बने जो 145 साल के टेस्ट इतिहास में सर्वाधिक था। इन 35 रनों में 29 रन बुमराह के बैट से आये। बुमराह से पहले एक ओवर में किसी भी बल्लेबाज ने 29 रन नहीं बनाये थे। महान ब्रायन लारा का रिकॉर्ड 28 रनों का था जिसे बुमराह ने तोड़ दिया। ब्रॉड ने इस ओवर में 8 गेंदें फेंकी। कप्तान बनते ही बुमराह का जोश सातवें आसमान पर है।

बुमराह का कप्तानी परफॉर्मेंस 
जब इंग्लैंड की पहली पारी शुरू हुई तो बुमराह ने अपनी तेज गेंदबाजी से इंग्लैंड के खेमे में खलबली मचा दी। 44 रन पर इंग्लैंड के तीन विकेट गिर गये और शुरुआती तीनों विकेट बुमराह ने झटके। इसका फायदा शमी और सिराज ने उठाया जिसकी वजह से इंग्लैंड की टीम 284 रन ही बना सकी। इस तरह भारत को 132 रनों की लीड मिल गयी। वो तो बेयरेस्ट ने शतक लगा दिया वर्ना इंग्लैंड की पारी डेढ़-दो सौ के बीच सिमट जाती। एक कप्तान के रूप में बुमराह ने गेंदबाजों का बेहतर इस्तेमाल किया। मैदान पर वे एक नये अवतार में थे। तीन विकेट लेने के बाद वे पांच विकेट लेने की मोह में नहीं पड़े। वक्त से हिसाब से शमी, सिराज और शार्दुल को मोर्चे पर लगाया। उन्होंने बिल्कुल शांत रह कर अपनी जिम्मेदारी निभायी। जब शार्दुल ठाकुर ने कवर में बेन स्टोक्स का कैच छोड़ा तब भी उन्होंने कोई नाराजगी नहीं दिखायी। इस बात को सहज रूप में लिया। कप्तानी का भौकाल भी नहीं दिखाया। वे तेज गेंदबाज हैं। 27 रन के स्कोर पर इंग्लैंड के दो खिलाड़ियों को आउट कर चुके थे। चाहते तो दबदबा दिखाने के लिए चार या पांच स्लीप के साथ बॉलिंग कर सकते थे। लेकिन ऐसा नहीं किया।
 
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