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23 ग्रैंड स्लैम जीतने वाली सेरेना विलियम्स ने किया संन्यास का ऐलान! जानें कब खेलेंगी अपना आखिरी मुकाबला

 

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका की महान टेनिस खिलाड़ी सेरेना विलियम्स जल्द ही रिटायरमेंट ले सकती हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए इस बात की जानकारी दी। विलियम्स ने बताया कि वह साल के अंतिम ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट यूएस ओपन के बाद टेनिस को अलविदा कहने के बारे में सोच रही हैं। सेरेना पहली बार 1999 में यूएस ओपन टूर्नामेंट जीती थीं।

अगले पड़ाव के बारे में सोच रही हूं
विलियम्स ने कहा, मुझे रिटायर शब्द पसंद नहीं है। मैं इसे जीवन का विकास कहूंगी। मैं अगले पड़ाव के बारे में सोच रही हूं। उन्होंनं इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में कहा, "जीवन में एक समय आता है जब हमें एक अलग दिशा में आगे बढ़ने का फैसला करना होता है। वह समय हमेशा कठिन होता है जब आप किसी चीज से इतना प्यार करते हैं। मैं टेनिस का आनंद लेती हूं। लेकिन अब उलटी गिनती शुरू हो गई है। मुझे एक मां होने, अपने आध्यात्मिक लक्ष्यों और अंत में एक अलग, लेकिन सिर्फ रोमांचक सेरेना की खोज पर ध्यान केंद्रित करना है। मैं आने वाले कुछ हफ्तों का आनंद लेने वाली हूं।"

अभी कैनेडियन ओपन में खेल रही
सेरेना फिलहाल कैनेडियन ओपन में खेल रही हैं। वह दूसरे दौर में पहुंच गई हैं। सेरेना ने पहले दौर में सोमवार को स्पेन की नूरिया डियाज को 6-3, 6-4 से हराया। उन्होंने इस मैच के पहले सेट में आसानी से बढ़त बनाते हुए 6-3 से जीत दर्ज की। इसके बाद दूसरे सेट में जरूर नूरिया ने कुछ कोशिश की और 4 गेम जीते लेकिन सेरेना के अनुभव के सामने उनकी नहीं चल पाई। सेरेना ने मैच के बाद कहा, 'मैं जीत दर्ज करके खुश हूं। यह जीत मुझे लंबे समय बाद मिली है। मैं भूल गई थी कि जीत का अहसास कैसा होता है।'

23 ग्रैंड स्लैम जीते
ऑस्ट्रेलियन ओपन: 2003, 2005, 2007, 2009, 2010, 2015, 2017
फ्रेंच ओपन: 2002, 2013, 2015
विम्बलडन: 2002, 2003, 2009, 2010, 2012, 2015, 2016
यूएस ओपन: 1999, 2002, 2008, 2012, 2013, 2014
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पीवी सिंधु ने लगाया गोल्डन शॉट, राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार जीता स्वर्ण पदक

 बर्मिंघम/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीत लिया है। उन्होंने सोमवार (आठ अगस्त) को महिला एकल के फाइनल में कनाडा की मिशेल ली को हरा दिया। सिंधु ने यह मुकाबला 21-15, 21-13 से अपने नाम किया। वह पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहीं। इससे पहले 2018 गोल्ड कोस्ट में उन्हें मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण मिला था। तब एकल में वह साइना नेहवाल के खिलाफ फाइनल हार गई थीं।

बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का बैडमिंटन में यह पहला स्वर्ण पदक हैं। देश को अब तक 19 स्वर्ण, 15 रजत और 22 कांस्य मिल चुके हैं। भारत अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। बैडमिंटन में सिंधु के बाद अब लक्ष्य सेन से पुरुष एकल में स्वर्ण की उम्मीद है।

पहले गेम का रोमांच
पीवी सिंधु ने पहले गेम में शानदार शुरुआत की। उन्होंने 4-2 से बढ़त बना ली थी, लेकिन मिशेल ली ने तुरंत वापसी की और स्कोर को बराबरी पर ला दिया। उसके बाद दोनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहले गेम में ब्रेक तक सिंधु 11-10 से आगे थीं। ब्रेक के बाद सिंधु ने तुरंत ही पांच अंकों की बढ़त हासिल कर ली। स्कोर 17-12 हो गया। मिशेल ली ने वापसी की कोशिश की, लेकिन सिंधु लगातार आक्रामक शॉट लगा रही थीं। उन्होंने पहले गेम को 21-15 से अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में दिखा सिंधु का पावर
दूसरे गेम में मिशेल ली ने पहला अंक हासिल किया। उसके बाद सिंधु ने वापसी की। उन्होंने अपनी ताकत का इस्तेमाल करके दो-तीन जबरदस्त स्मैश लगाए। ली के पास इसका कोई जवाब नहीं था। वह ब्रेक तक 11-6 से आगे हो गईं। इसके बाद सिंधु और ज्यादा आक्रामक हो गईं। उन्होंने ली को कोई मौका नहीं दिया और दूसरे गेम को 21-13 से अपने नाम कर लिया।

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भारतीय महिला हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीता

 बर्मिंघम (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  भारतीय महिला हॉकी टीम ने रविवार को यहां गत चैंपियन न्यूजीलैंड को शूट आउट में 2-1 से हराकर राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीता।

भारतीय टीम मैच के अंतिम लम्हों में 1-0 से आगे चल रही थी लेकिन आखिरी 30 सेकेंड से भी कम समय में उसने विरोधी टीम को पेनल्टी कॉर्नर दे दिया। यह पेनल्टी स्ट्रोक में बदला और ओलीविया मेरी ने न्यूजीलैंड को बराबरी दिला दी जिसके बाद मुकाबला शूट आउट में खिंच गया।

भारत ने शूट आउट में धैर्य बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की। विवादास्पद सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल तोड़ने वाली हार के बाद इस मुकाबले में खेल रही भारतीय टीम ने पूरे मैच के दौरान बेहतर प्रदर्शन किया और पदक अपने नाम किया।

सलीमा टेटे के गोल की बदौलत भारत मध्यांतर तक 1-0 से आगे था। ब्रेक के बाद नेहा गोयल ने टीम की बढ़त को लगभग दोगुना कर दिया था लेकिन न्यूजीलैंड ने अपनी रक्षापंक्ति के अच्छे प्रदर्शन की बदौलत भारत को अपनी स्थिति मजबूत नहीं करने दी।

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पिछले साल के टी20 विश्व कप के लिए रवैये और दृष्टिकोण में बदलाव की जरूरत थी: रोहित

 लॉडेरहिल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कप्तान रोहित शर्मा ने कहा है कि पिछले साल टी20 विश्व कप में लचर प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम अपने रवैये और दृष्टिकोण में आमूलचूल परिवर्तन लाने के लिए मजबूर हुई।

रोहित अब ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप के आगामी सत्र में भारतीय टीम की अगुवाई करने की तैयारी कर रहे हैं लेकिन इससे पहले टीम को एशिया कप में खेलना है।

स्टार स्पोर्ट्स के शो ‘फॉलो द ब्ल्यूज’ पर रोहित ने कहा, हमने दुबई में टी20 विश्व कप के फाइनल में जगह नहीं बनाने के बाद स्पष्ट कर दिया था कि हमने महसूस किया कि हम अपना खेल कैसे खेलते हैं, इस बारे में हमारे रवैये और दृष्टिकोण में बदलाव की जरूरत है।

भारत गत चैंपियन के रूप में एशिया कप में उतरेगा जिसे टी20 प्रारूप में खेला जाएगा। टीम इंडिया ने पिछले कुछ महीनों में अधिक आक्रामक बल्लेबाजी शैली अपनाई है और रोहित ने बताया कि टीम आगामी चुनौतियों के लिए कैसे तैयार हो रही है।

उन्होंने कहा, अगर कप्तान और कोच से यह संदेश स्पष्ट है कि टीम कहां जाने की कोशिश कर रही है तो हर खिलाड़ी निश्चित रूप से ऐसा करने की कोशिश करेगा। ऐसा करने के लिए उन्हें स्वतंत्रता और स्पष्टता की आवश्यकता है और यही हम करने की कोशिश कर रहे हैं। हम उन्हें ज्यादा से ज्यादा आजादी देने की कोशिश कर रहे हैं।

इतने सारे युवा नेतृत्वकर्ताओं की मौजूदगी में टीम की कप्तानी करने के अपने अनुभव के बारे में पूछे जाने पर रोहित ने कहा, मुझे पता है कि टीम में इतने सारे नेतृत्वकर्ता तैयार करना रोमांचक है क्योंकि यह हमेशा एक अच्छा संकेत है।

उन्होंने कहा, और आप चाहते हैं कि खिलाड़ी दबाव को संभालें, जो खेल को समझते हैं और एक-दूसरे को अच्छी तरह से जानते हैं। कई कारणों से पिछले आठ महीनों में भारत के छह अलग-अलग कप्तान रहे हैं।

रोहित ने कहा, मुझे लगता है कि नेतृत्व का होना बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन जाहिर है आप जानते हैं कि हम आईपीएल खेलते हैं और यह 10 टीम का टूर्नामेंट है। इसलिए 10 कप्तान होंगे जो किसी न किसी स्तर पर भारतीय टीम का भी हिस्सा होंगे।

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भारत के महान शतरंज खिलाड़ी आनंद फिडे उपाध्यक्ष बने

 चेन्नई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत के महान शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद को रविवार को खेल की वैश्विक संचालन संस्था फिडे का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया जबकि निवर्तमान अध्यक्ष आर्केडी वोर्कोविच को दूसरे कार्यकाल के लिए दोबारा अध्यक्ष चुन लिया गया। पांच बार के विश्व चैंपियन आनंद वोर्कोविच की टीम का हिस्सा थे।

वोर्कोविच को 157 मत मिले जबकि उनके विरोधी आंद्रेई बैरिशपोलेट्स के पक्ष में सिर्फ 16 मत पड़े। एक मत अवैध रहा जबकि पांच सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। चुनाव शतरंज की वैश्विक संस्था की फिडे कांग्रेस के दौरान हुए जिसका आयोजन यहां 44वें शतरंज ओलंपियाड के दौरान किया गया।

अपने करियर के दौरान ढेरों खिताब और सम्मान जीतने के बाद चेन्नई के आनंद ने हाल के समय में अपनी प्रतियोगिताओं की संख्या में कटौती की थी और कोचिंग पर अधिक ध्यान दे रहे थे। आनंद ने अपनी किशोरावस्था में ही सुर्खियां बटोरना शुरू कर दिया था जब वह विश्व जूनियर खिताब जीतने के बाद भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बने। वह तब से शतरंज के वैश्विक मंच पर भारत की अगुआई कर रहे हैं।

आनंद ने पांच विश्व खिताब जीते। उन्होंने अपना आखिरी विश्व खिताब 2017 में विश्व रेपिड खिताब के रूप में जीता। वह शतरंज ओलंपियाड में हिस्सा ले रही भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं लेकिन मेजबान देश की सभी टीम का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासक के रूप में खेल के लिए कुछ करने की इच्छा जताई है और पहले कार्यकाल में वोर्कोविच और उनकी टीम के काम की सराहना की। चुनावों से पहले वोर्कोविच ने आनंद को अपनी टीम में रखने की बात कही थी।

वोर्कोविच ने कहा था, मुझे वास्तव में गर्व है कि आनंद उपाध्यक्ष पद के लिए चुनौती पेश कर रहे हैं। वह एक महान व्यक्ति हैं। वह लंबे समय से मेरे मित्र हैं।
उन्होंने कहा, पहले से ही वह दुनिया भर में बेहद लोकप्रिय है। इस देश में ही नहीं बल्कि मैं जहां भी जाता हूं उनके व्यक्तित्व और योगदान को फिडे इतिहास और फिडे भविष्य के रूप में स्वीकार और मान्यता प्राप्त है। हमारे पास वास्तव में एक अच्छी टीम है।
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भारतीय मुक्केबाज पंघाल और नीतू ने स्वर्ण पदक जीते

 बर्मिंघम (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय मुक्केबाज अमित पंघाल और नीतू गंघास ने रविवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों में अपने दबदबे भरा प्रदर्शन जारी रखते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किये। इन दोनों मुक्केबाजों ने अपने मुकाबलों के फाइनल में मेजबान देश इंग्लैंड के प्रतिद्वंद्वी को पराजित किया।

पंघाल ने इस तरह पिछले चरण के रजत पदक का रंग बेहतर किया। उन्होंने पुरूषों के फ्लाईवेट (48-51 किग्रा) वर्ग में यूरोपीय चैम्पियनशिप के रजत पदक विजेता मैकडोनल्ड कियारान को 5-0 के अंतर से मात दी। सबसे पहले रिंग में उतरी नीतू ने महिलाओं के मिनिममवेट (45-48 किग्रा) वर्ग के फाइनल में विश्व चैम्पियनशिप 2019 की कांस्य पदक विजेता रेस्जटान डेमी जेड को सर्वसम्मत फैसले में 5-0 से पराजित किया।

विश्व चैम्पियनशिप के रजत पदक विजेता और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पंघाल अपने छोटे कद के बावजूद मुकाबले में दोनों मुक्केबाजों में बेहतर दिखायी दिये। राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण में ही नीतू ने गजब का आत्मविश्वास दिखाया और फाइनल में भी वह इसी अंदाज में खेली जैसे पिछले मुकाबलों में खेली थीं। 

उन्होंने पूरे नौ मिनट तक मुकाबले के तीनों राउंड में नियंत्रण बनाये रखा और विपक्षी मुक्केबाज को कहीं भी कोई मौका नहीं दिया। नीतू ने तेज तर्रार, सटीक मुक्कों से प्रतिद्वंद्वी को चारों खाने चित्त कर दिया।

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क्रिकेट सहित इन खेलों में भारत के मेडल दांव पर, जानें आज का कार्यक्रम...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कॉमनवेल्थ का 10वां दिन भारत के लिए बेहद खास है। एक तरफ जहां भारतीय क्रिकेट टीम गोल्ड मेडल जीतने कर इतिहास रचने की कोशिश में उतरेगी तो वहीं दूसरी ओर महिला हॉकी टीम ब्रॉन्ज मेडल मैच में न्यूजीलैंड से भिड़ेगी। इसके अलावा टेबल टेनिस, बॉक्सिंग और बैडमिंटन में भी भारत अपनी दावेदारी पेश करेगा। भारत अब तक 40 मेडल अपने नाम कर चुका है और 10वें दिन इस संख्या में और भी इजाफा हो सकता है। आइए जानते हैं 10वें दिन कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का पूरा कार्यक्रम-

एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स:
पुरुषों की ट्रिपल जंप फाइनल: अब्दुल्ला अबूबकर, एल्डहोस पॉल, प्रवीण चित्रवेल - 2:45 बजे
पुरुषों की 10,000 मीटर रेस वॉक फाइनल: अमित, संदीप कुमार - 3:50 बजे
महिला भाला फेंक फाइनल: शिल्पा रानी, ​​अन्नू रानी - 4:05 बजे
महिलाओं की 4 x 100 मीटर रिले फाइनल: शाम 5:24 बजे

पुरुषों की भाला फेंक फाइनल:
रोहित यादव, डीपी मनु - 12:10 AM (सोमवार)
पुरुषों की 4 x 400 मीटर रिले फाइनल: दोपहर 1 AM (सोमवार)

जानें भारत के मेडल टैली का पूरा हाल

बैडमिंटन:
वुमेंस सिंगल्स सेमीफाइनल: पीवी सिंधु - दोपहर 2:20 बजे
मेंस सिंगल्स सेमीफाइनल 1: लक्ष्य सेन - दोपहर 3:10 बजे
मेंस सिंगल्स सेमीफाइनल 2: किदांबी श्रीकांत - दोपहर 3:10 बजे

बॉक्सिंग:
महिला 48 किग्रा फाइनल: नीतू - दोपहर 3 बजे
पुरुषों का 51 किग्रा फाइनल: अमित पंघाल - दोपहर 3:15 बजे
महिलाओं का 50 किग्रा फ़ाइनल: निकहत ज़रीन - शाम 7 बजे

क्रिकेट गोल्ड मेडल मैच:
महिला टी20 फ़ाइनल: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया - रात 9:30 बजे

हॉकी:
वुमेन ब्रॉन्ज मेडल मैच: भारत बनाम न्यूजीलैंड - दोपहर 1:30 बजे

स्क्वैश:
मिक्स्ड डबल्स ब्रॉन्ज मेडल मैच: दीपिका पल्लीकल/सौरव घोषाल - रात 10:30 बजे

टेबल टेनिस और पैरा टेबल टेनिस:
वुमेंस सिंगल्स ब्रॉन्ज मेडल मैच: श्रीजा अकुला - 3:35 बजे
मेंस डबल्स गोल्ड मेडल मैच: अचंता शरथ कमल/जी साथियान - शाम 6:15 बजे
मेंस सिंगल्स सेमीफाइनल 1: अचंता शरथ कमल
मेंस सिंगल्स सेमीफ़ाइनल 2: जी साथियान
मिक्स्ड डबल्स गोल्ड मेडल मैच: अचंता शरथ कमल और श्रीजा अकुला - 12:15 AM (सोमवार को)।

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खेल मड़ई में संरक्षित जनजातियों के पारंपरिक खेलों का हो रहा प्रदर्शन

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर दो दिवसीय पारंपरिक खेल मड़ई का आयोजन स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, कोटा रायपुर आज से शुरू हुआ। इस खेल मड़ई में राज्य 17 जिलों के लगभग 700 प्रतिभागी हिस्सा ले रहें है। खेल मड़ई में विशेष रूप से संरक्षित जनजातियों की पारंपरिक खेलों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
राजधानी के विवेकानंद स्टेडियम कोटा में आयोजित किए जा रहे खेल मड़ई में फुगड़ी, गेड़ी, रस्साकसी, मटका दौड़ सहित अन्य पारंपरिक खेलों में विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस मड़ई में तीरंदाजी विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। जनजातीय महोत्सव में स्कूली बच्चों के साथ ही युवाओं ने भी हिस्सा लिया। आदिम जाति तथा अनु जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य गठन के बाद संभवतः यह पहला अवसर है, जब विशेष रूप से संरक्षित जनजातियों के पारंपरिक खेल मड़ई का इतने व्यापक राज्य स्तर पर आयोजन किया जा रहा है।

आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा आयोजित किए जा रहे इस खेल प्रतियोगिता में विभिन्न जनजातीय समुदायों द्वारा पारंपरिक रूप से खेले जाने वाले खेल जैसे तीरंदाजी, गुलेल, मटका दौड़, गिल्ली डंडा, गेड़ी दौड़, भौरा, फुगडी, बिल्ला रस्साखींच, सत्तुल, भारा दौड, बोरा दौड, सुई धागा दौड, मुदी लुकावन, तीन टंगड़ी दौड़ तथा नौकायन आदि का आयोजन किया जा रहा है। बालक एवं बालिकाओं हेतु दो वर्ग 14 वर्ष से 18 वर्ष आयु वर्ग तथा खुली प्रतियोगिता अंतर्गत 18 वर्ष एवं अधिक की महिला एवं पुरुष हेतु पारंपरिक रूप से खेले जाने वाली खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। उल्लेखनीय है कि जिला स्तर पर जनजातीय अभिकरण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी विकासखण्डों से खेलवार विशेष संरक्षित जनजातीय समुदायों से एंट्री आमंत्रित कर विगत 22 से 28 जुलाई तक खेल प्रतियोगिता जिलों में आयोजित की गई थी। जिला स्तर से चयनित प्रतिभागी इस प्रतियोगिता में शामिल हो रहे हैं।

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यह पेरिस ओलंपिक के बड़े लक्ष्य के लिए छोटा सा कदम है : श्रीशंकर

 बर्मिंघम (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में मामूली अंतर से स्वर्ण पदक से चूक कर रजत पदक से संतोष करने वाले भारतीय एथलीट मुरली श्रीशंकर ने कहा कि यह अधिक से अधिक सफलता हासिल करने की उनकी भूख की शुरुआत मात्र है।

लंबे कद के इस एथलीट के लिए पदक जीतना आसान नहीं रहा क्योंकि तीसरे प्रयास में बाद 7.84 मीटर कूद लगाकर छठे स्थान पर खिसक गए थे। इसके बाद उन्होंने अच्छी वापसी की और चौथे प्रयास में 8.08 मीटर कूद लगाई जिससे वह ऐतिहासिक रजत पदक हासिल करने में सफल रहे।

श्रीशंकर ने कहा, मैं वैश्विक प्रतियोगिताओं में लंबे समय से पदक का इंतजार कर रहा था। मैं विश्व इनडोर और विश्व आउटडोर प्रतियोगिताओं में सातवें, विश्व जूनियर में छठे, एशियाई इंडोर में चौथे और एशियाई खेलों में छठे स्थान पर रहा था।

उन्होंने कहा, हर बार मैं पदक से वंचित रह जाता इसलिए यहां रजत पदक जीतकर मैं वास्तव में बहुत खुश हूं। मैं विश्व स्तर की प्रतियोगिता में पदक के लिए वास्तव में लंबे समय से इंतजार कर रहा था। यह पेरिस ओलंपिक 2024 के बड़े लक्ष्य के लिए मेरा छोटा सा कदम है। मेरी निगाहें अब पेरिस ओलंपिक पर टिकी हैं।

श्रीशंकर ने कहा, हर एथलीट इस दौर से गुज़रा है। (वर्तमान ओलंपिक चैंपियन) मिल्टियाडिस टेंटोग्लू ने यूनान में मुझसे कहा कि वह भी कई बार छठे और सातवें स्थान पर आए हैं और फिर उन्होंने तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता। यह कदम दर कदम आगे बढ़ने की प्रक्रिया है।

श्रीशंकर ने राष्ट्रमंडल खेलों की लंबी कूद में 44 साल बाद भारत को पदक दिलाया। उनसे पहले 1978 में सुरेश बाबू ने कांस्य पदक जीता था। वह बाबू, अंजू बॉबी जॉर्ज (2002 में मैनचेस्टर खेलों में कांस्य), और एमए प्रजुषा (2010 में नयी दिल्ली खेलों में रजत) के बाद इन खेलों में लंबी कूद में पदक जीतने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी हैं।

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कुश्ती में भारतीय पहलवानों ने दिखाया दम, 3 स्वर्ण सहित 6 पदक जीते

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कॉमनवेल्थ गेम्स का 8वां दिन भारत के लिए बेहद खास रहा। भारत ने 6 मेडल अपने नाम किए जिसमें से 3 गोल्ड मेडल सहित एक सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल है। खास बात यह है कि ये सभी मेडल भारत को रेसलिंग में मिले। मेडल की शुरुआत भारत की महिला पहलवान अंशु मलिक ने की जिन्होंने भारत के लिए पहला सिल्वर मेडल पक्का किया।


अंशु ने जीता अपना पहला कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल
अंशु मलिक अपना पहला कॉमनवेल्थ गेम्स खेल रही थी और उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पोडियम फीनिश किया। हालांकि उन्हें सिल्वर मेडल से ही संतोश करना पड़ा। फाइनल मुकाबले में उन्हें नाइजीरिया की खिलाड़ी ओडूनायो एडिकोरोयो ने 7-4 से हराया।

बजरंग, दीपक और साक्षी ने जीते गोल्ड
रेसलिंग में भारत ने 8वें दिन 3 गोल्ड मेडल जीते। भारत की तरफ से बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और दीपक पूनिया ने गोल्ड मेडल जीता। बजरंग ने 65 किलोग्राम भारवर्ग में कनाडा के पहलवान लकलान मैकनील को पिन डाउन(चित) करके गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने अपने विरोधी को 9-2 से हराया।

62 किलोग्राम भारवर्ग में भारत की साक्षी मलिक ने कनाडा की एना गॉडिनेज को हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

86 किलोग्राम भारवर्ग में दीपक पूनिया ने पाकिस्तान के पहलवान मोहम्मद इनाम को हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया। उन्होंने फाइनल मुकाबले में उन्होंने 3-0 से जीत दर्ज की। इसके अलावा भारत के मोहित ग्रेवाल और दिव्या काकरान ने भी भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाए। रेसलिंग के अलावा भारत की भाविना पटेल ने पैरा टेबल टेनिस में अपना मेडल पक्का किया। हालांकि हॉकी में भारतीय महिला टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। भारतीय महिला टीम को पेनेल्टी शूट आउट में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा जबकि मैच का स्कोर 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ था। पैरा टेबल टेनिस के फाइनल में भाविना

भारत के लिए 8वें दिन की हाइलाइट
    बैडमिंटन में वुमेंस डबल्स की जोड़ी क्वार्टर में
    एथलेटिक्स, लॉन्ग जंप में भारत को निराशा
    टेबल टेनिस- शरथ कमल ने फिन लू को 4-0 से हराया
    बजरंग पूनिया ने जीता गोल्ड मेडल
    अंशू मलिक ने जीता सिल्वर
    साक्षी मलिक ने भी जीता गोल्ड मेडल
    हॅाकी सेमीफाइनल मुकाबले में भारत को ऑस्ट्रेलिया ने हराया।

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खो-खो में दंतेवाड़ा तो राइफल शूटिंग में धमतरी का रहा दबदबा

 केवि में तीन दिवसीय संभागीय खो-खो और राइफल शूटिंग प्रतियोगिता का समापन

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  केंद्रीय विद्यालय धमतरी में 4 से 6 अगस्त तक तीन दिवसीय 51वीं केंद्रीय विद्यालय संगठन संभागीय खेलकूद प्रतियोगिता का समापन समारोह 6 अगस्त को हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य डा एसएस धुर्वे प्राचार्य केवि धमतरी तथा विशेष अतिथि शारदा शरण प्राचार्य केवि कुरुद थे।  एसके पांडेय खेल शिक्षक ने बताया कि खो.खो बालक अंडर.17 की कुल 9 टीम आई हुई थी जिसमें केवि दंतेवाड़ा प्रथम, केवि क्रमांक.1,रायपुर प्रथम पाली द्वितीयए केवि मनेन्द्रगढ़ तृतीय स्थान पर रहा। इसी प्रकार खो.खो बालक अंडर.14 की कुल 2 टीम आई हुई थी जिसमें केवि अम्बिकापुर प्रथम और केवि कुरुद द्वितीय स्थान पर रही।

10 मीटर ओपन साइट एयर राइफल शूटिंग अंडर.14 बालक वर्ग में पुष्कर साहू केवि धमतरी प्रथम स्थान, अंडर.14 बालिका वर्ग में स्वास्तिका सिंह केवि धमतरी प्रथम, प्रकृति श्रीवास्तव केवि धमतरी द्वितीय और देवानतीका सेन केवि धमतरी  तृतीय स्थान पर रही। अंडर.17 बालक वर्ग में तुषार  टेमभुरकर केवि धमतरी प्रथम स्थान पर रहा। अंडर.19 बालक वर्ग में हर्षल मेश्राम केवि धमतरी प्रथम, पूरब वर्मा केवि धमतरी द्वितीय और आशुतोष सोनी केवि क्रमांक.1 रायपुर प्रथम पाली तृतीय स्थान पर रहा। अंडर.19 बालिक वर्ग में काजल साहू केवि धमतरी प्रथम और अनुष्का जैन केवि धमतरी द्वितीय स्थान पर रही। 10 मीटर पीप साइट एयर राइफल शूटिंग अंडर.14 बालक वर्ग में कृष्णा कश्यप केवि क्रमांक.1 रायपुर द्वितीय पाली प्रथम, अंडर.17 बालक वर्ग में मानस कन्नौजे केवि क्रमांक.2 रायपुर प्रथम और विभोर डागा केवि क्रमांक.2 रायपुर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। अंडर.19 बालक वर्ग में दियांश देवांगन केवि रायगढ़ प्रथम स्थान तथा अंडर.19 बालिक वर्ग में शीतल कौर केवि धमतरी प्रथम स्थान पर रहे। मुख्य अतिथि डॉ एसएस धुर्वे ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उन को इस स्थान को बरकरार रखने के लिए निरंतर अभ्यास और प्रयास करते रहने को कहा । उन्होने सफल न होने वाले प्रतिभागियों को भी आत्म विश्वाश बढ़ाकर कठिन परिश्रम करने कि लिए प्रेरित किया। विशेष अतिथि  शारदा शरण प्राचार्य केवि कुरुद ने केविएस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए रायपुर संभाग की टीम में चयनित प्रतिभागियों को बधाई देते हुए स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया प्रतियोगिता में सफलता के लिए अग्रिम शुभकामनाएँ भी दी।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए सुरेश देवांगन ने बताया कि खो.खो और राइफल शूटिंग कि प्रतियोगिताओं को सफलतापूर्वक निष्पक्ष रूप से सम्पन्न कराने और रायपुर संभाग की टीम बनाने के लिए राज्य फेडरेशन के पदाधिकारी  प्रखर श्रीवास्तव, सुनील कुमार सिन्हा, शैलेंद्र सिन्हा,मोती साहू, उमेश निर्मलकर,हेमलाल सिन्हा, संदीप सिन्हा, हेमंत चक्रधारी, और  हेमसिंग पटेल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। धन्यवाद ज्ञापन पीएल साहू ने कियन। इस टीनदिवसीय प्रतियोगिता को सफल बनाने में संजय पवार, पवन वर्मा, बी आर यादवए रीमन देवांगनए प्रदीप रावत, कविता, योगिता सहित समस्त स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस प्रकार केंद्रीय विद्यालय धमतरी में 4 अगस्त से 6 अगस्त तक होने वाली तीन दिवसीय 51वीं केंद्रीय विद्यालय संगठन संभागीय खेलकूद प्रतियोगिता सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।
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ऐसे आयोजनों से पारंपरिक खेलों को मिलेगा बढ़ावा : विधायक खेल साय

सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  जिला मुख्यालय के कालेज मैदान स्थित स्टेडियम में विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए पारंपरिक खेल प्रतियोगिता खेल मड़ई 2022 का आयोजन किया गया। जिसमें 6 से 10, 10 से 14, 14 से 18 व 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए तीरंदाजी, गुलेल, कबड्डी, पि_ुल, मटका दौड़, बोरा दौड़, फुगड़ी, रस्सा खींच इत्यादि प्रतियोगिता महिला तथा पुरुष वर्ग के लिए पृथक पृथक आयोजित की गई।

प्रतियोगिता के समापन समारोह के मुख्य अतिथि सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष व विधायक प्रेमनगर खेल साय सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों से पिछड़ी जनजाति के लोगों को मुख्यधारा में आने का अवसर मिलता है तथा वह एक दूसरे से परिचित होते हैं। छत्तीसगढ़ शासन की ओर से विशेष पिछड़ी जनजाति के उत्थान के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि प्राय: जंगलों में रहने वाले पंडो समाज के लोगों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। खेल साय सिंह ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए राज्य स्तरीय स्पर्धा में अच्छा प्रदर्शन कर जिले का मान बढ़ाने की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नरेश राजवाड़े उपाध्यक्ष जिला पंचायत सूरजपुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि खेल हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, हमारे पंडो समाज के लोग तीरंदाजी, गुलेल विधा में महारत रखते हैं। ऐसे आयोजन से इनकी प्राचीन पारंपरिक पद्धति को संरक्षित करने में काफी सहायता मिलेगी। 

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सूरजपुर लीना कोसम ने कहा कि खेलकूद को अतिरिक्त गतिविधियों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए क्योंकि यह उससे कहीं अधिक है, यह खिलाड़ी को कई चीजें सिखाता है, जो उसके जीवन में एक बेहतर इंसान बनने में उसकी मदद करते हैं। सहायक आयुक्त के विश्वनाथ रेड्डी ने अतिथियों का स्वागत किया और स्वागत उद्बोधन में बताया कि जिला स्तर पर विभिन्न विधाओं में विजेता प्रतिभागी राज्य स्तरीय स्पर्धा में सम्मिलित होने 6 अगस्त को स्पेशल बस से रायपुर जाएंगे। रायपुर में 7 एवं 8 अगस्त को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर पंडो समाज के प्रदेश अध्यक्ष विनोद पंडो, जिला अध्यक्ष बनारसी पंडो सहित बृजेश पंडो व समाज के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम का मंच संचालन अशोक उपाध्याय मंडल संयोजक ने किया। प्रतियोगिता को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में शबाब हुसैन जिला क्रीड़ा अधिकारी, मंडल संयोजक महेश शांडिल्य, अजय राजवाड़े, मनोहर गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, अजय राठौर, शिव भजन सिंह, भरत देवदास, कौशल्या सिंह, गेंदले सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए हुए पीटीआई व छात्रावास अधीक्षकों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 

 

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खेल जगत की हस्तियों ने नाडा विधेयक की सराहना की

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्यसभा ने राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी विधेयक 2022 पारित कर दिया। इस विधेयक को 17 दिसंबर, 2021 को लोकसभा में पेश किया गया और 27 जुलाई, 2022 को पारित किया गया। यह विधेयक राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी एजेंसी (नाडा) को खेल में डोपिंग-रोधी गतिविधियों को विनियमित करने के लिए एक वैधानिक निकाय के रूप में स्थापित करने का प्रावधान प्रदान करता है। साथ ही, यह ऐतिहासिक अवसर भी है जब भारत उन चुनिंदा 30 देशों के समूह में शामिल हो जाता है, जिनके पास अपना राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी कानून है।

देश में खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों ने विधेयक की सराहना करते हुए कहा कि इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ियों के बीच उच्चतम स्तर की एकजुटता सुनिश्चित करते हुए खेलों को स्वच्छ बनाने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

बर्मिंघम से विधेयक के बारे में, एथलेटिक्स महासंघ के अध्यक्ष और पूर्व एथलीट आदिले सुमरिवाला ने कहा, मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई कि डोपिंग-रोधी विधेयक पारित किया गया है। यह लगभग 6 साल पहले शुरू किया गया था। इस विधेयक को संसद में लाने के लिए मैं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर को धन्यवाद देना चाहता हूं।

इस विधेयक को पारित करना सही दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। क्योंकि, हम डोपिंग के प्रति जीरो टॉलरेंस के साथ खेल को यथासंभव स्वच्छ रखना चाहते हैं। इससे माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत में एक खेल पावरहाउस बनाने के साथ-साथ ओलंपिक खेलों के लिए प्रयास में जुटने में मदद मिलेगी।

विधेयक का स्वागत करते हुए, सुमरिवाला ने यह भी कहा, इससे भारत दुनिया के उन शीर्ष देशों में शामिल हो जाएगा, जो डोपिंग के खतरे से लड़ने के लिए तैयार हैं।

 

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वैशाली की सहायता से भारत ने महिला वर्ग में जॉर्जिया पर जीत दर्ज की

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  कोनेरू हम्पी के मामल्लापुरम, तमिलनाडु में चल रहे 44वें शतरंज ओलम्पियाड में बुधवार को महिलाओं के सर्किट की शीर्ष खिलाड़ियों में से एक नाना डेजाग्निडेज को मात देने के साथ भारत ए ने महिलाओं के वर्ग के छठे राउंड में तीसरी वरीयता प्राप्त जॉर्जिया पर 3-1 से शानदार जीत दर्ज की है। हम्पी के अलावा, आर वैशाली ने भी लीला जावाशिविली को एकतरफा मुकाबले में मात दी, वहीं तानिया सचदेव और हरिका द्रोनावल्ली के ड्रा से भारत को जीत दर्ज करने में सहायता मिली।

हम्पी ने कहा, मैं प्रतिस्पर्धा के इस चरण में पदक के बारे में नहीं सोच रही हूं, क्योंकि हमें अभी यूक्रेन के अलावा कई अच्छी टीमों के साथ खेलना है। हमारी टीम भावना ऊंची है, जब भी जीत की जरूरत होती है तो हमेशा टीम का कोई न कोई खिलाड़ी आगे आता है। उन्होंने कहा, मैं ढाई साल के बाद खेल रही हूं और वास्तव में शुरुआती कुछ मैचों में संघर्ष करना पड़ा। आज भी मेरा मैच खासा लंबा चला। भारत और जॉर्जिया के साथ संयुक्त रूप से मौजूद रोमानिया ने यूक्रेन के साथ 2-2 से ड्रा खेला, जबकि अजरबेजान ने कजाखस्तान को 3-1 से मात दी। वहीं पोलैंड ने सर्बिया को 4-0 से हरा दिया।

 

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36वें राष्ट्रीय खेल की तैयारियां शुरू

 खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया जाएगा प्रशिक्षण कैम्प का आयोजन

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 36वां राष्ट्रीय खेल गुजरात में होने जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य से विभिन्न खेलों में खिलाड़ी भाग लेंगे। राष्ट्रीय खेल का आयोजन आगामी सितंबर माह में होगा। राज्य के खिलाड़ी नेशनल गेम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके और अधिक से अधिक पदक जीत सकें, इसके लिए खेल संचालनालय ने तैयारियां प्रारंभ कर दी है।

36वां राष्ट्रीय खेल के लिए क्वालिफाई करने वाले खिलाड़ियों की अधिकृत जानकारी खेल संचालनालय द्वारा खेल संघों से मंगाई गई है, जिसके आधार पर खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण कैम्प का आयोजन कराया जायेगा। राज्य की खिलाड़ियों को उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा सहायता एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा।

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टी20 विश्व कप में तीसरे तेज गेंदबाज की भूमिका निभाने के लिए तैयार हूं : हार्दिक

 बासेटेरे (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने कहा चोट से उबरने के बाद उन्हें गेंदबाजी शुरू करने के लिए कुछ समय चाहिए था लेकिन अब वह ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप में तीसरे तेज गेंदबाज की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

हार्दिक ने कहा, मैंने हमेशा गेंदबाजी का पूरा लुत्फ उठाया है। मैं पहले भी कई बार कह चुका हूं कि मुझे गेंदबाजी में वापसी करने के लिए कुछ समय चाहिए। जब मैं गेंदबाजी करता हूं इससे टीम को संतुलन और कप्तान को आत्मविश्वास मिलता है।

हार्दिक का चोट से उबरने के बाद वापसी करने पर एक गेंदबाज के रूप में कभी कभार ही उपयोग किया गया, लेकिन अब वह अपने कोटे के सभी ओवर कर रहे हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में चार ओवर में 19 रन देकर एक विकेट लिया। भारत यह मैच सात विकेट से जीतकर पांच मैचों की श्रृंखला में 2-1 से बढ़त बनाई।

उन्होंने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, इस बीच मेरा फिलर के तौर पर उपयोग किया गया लेकिन अब मैं कह सकता हूं कि मैं टीम के तीसरे या चौथे तेज गेंदबाज के रूप में पूरे चार ओवर कर सकता हूं। मैं जिस तरह से बल्लेबाजी में योगदान देता हूं उसी तरह का योगदान गेंदबाजी में भी दे सकता हूं।

हार्दिक ने कहा, जिंदगी ने मुझे जो कुछ दिया है मैं उसके लिए आभारी हूं। अगर आप ईमानदारी से कड़ी मेहनत करते हो तो जिंदगी के उतार-चढ़ाव के बावजूद आपको उसका फायदा मिलता है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच चौथा टी20 मैच फ्लोरिडा के लॉडरहिल में खेला जाएगा।

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नहीं चले श्रीकांत और युगल जोड़ियां, मलेशिया से हारा भारत, रजत पदक मिला

 बर्मिंघम (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत को किदांबी श्रीकांत और युगल जोड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के कारण राष्ट्रमंडल खेलों की बैडमिंटन मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में मंगलवार को यहां मलेशिया के खिलाफ 1-3 की हार के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

इस मुकाबले में भारत के एकल खिलाड़ियों और मलेशिया की युगल जोड़ियों पर नजरें थी। भारत के एकल खिलाड़ी हालांकि अपने से कम रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए जिससे भारत स्वर्ण पदक जीतने से चूक गया। दूसरी तरफ मलेशिया की युगल जोड़ियां उम्मीद पर खरी उतरीं।

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की दुनिया की सातवें नंबर की जोड़ी सबसे पहले कोर्ट पर उतरी। इस जोड़ी को हालांकि दुनिया की छठे नंबर की टेंग फोंग आरोन चिया और वूई यिक सोह की जोड़ी के खिलाफ 18-21, 15-21 से हार झेलनी पड़ी।

भारत को दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और दुनिया की सातवें नंबर की खिलाड़ी पीवी सिंधू से वापसी दिलाने की उम्मीद थी। पूर्व विश्व चैंपियन सिंधू ने भारत को बराबरी तो दिला दी लेकिन महिला एकल में उन्हें दुनिया की 60वें नंबर की खिलाड़ी जिन वेई गोह को 22-20, 17-21 से हराने के दौरान काफी जूझना पड़ा।

दुनिया के 13वें नंबर के खिलाड़ी श्रीकांत ने निराश किया। उन्होंने दुनिया के 42वें नंबर के खिलाड़ी एनजी टीजे योंग के खिलाफ पहला गेम 19-21 से गंवा दिया लेकिन अगले गेम में वापसी करते हुए 21-6 की एकतरफा जीत दर्ज की।

श्रीकांत हालांकि तीसरे और निर्णायक गेम में लय कायम रखने में नाकाम रहे और 16-21 से हार गए जिससे भारत 1-2 से पिछड़ गया। कूंग ली पियर्ली टेन और मुरलीधरन थिन्नाह की दुनिया की 11वें नंबर की जोड़ी ने इसके बाद महिला युगल में त्रीशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की 38वें नंबर की जोड़ी को 21-18, 21-17 से हराकर स्वर्ण पदक मलेशिया की झोली में डाल दिया।

इस जीत से मलेशिया ने फिर से खिताब हासिल किया जो उसने चार साल पहले गोल्ड कोस्ट में भारत को गंवा दिया था। भारत को खिताब बरकरार रखने के लिए एकल और पुरुष युगल जोड़ी पर भरोसा था क्योंकि महिला युगल और मिश्रित युगल उसका कमजोर पक्ष था।

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विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स : भारत की रिले टीम ने एशियाई जूनियर रिकॉर्ड से रजत पदक जीता

 कैली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत की मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने यहां विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के फाइनल में अपना ही एशियाई रिकॉर्ड बेहतर करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। भरत श्रीधर, प्रिया मोहन, कपिल और रूपल चौधरी की भारतीय चौकड़ी ने मंगलवार की रात तीन मिनट 17.67 सेकेंड के समय से अमेरिका (तीन मिनट 17.69 सेकेंड) के पीछे दूसरा स्थान हासिल किया।

भारतीय टीम ने हालांकि हीट के दौरान एक दिन पहले बने तीन मिनट 19.62 के एशियाई रिकॉर्ड को बेहतर किया। उनका यह नया रिकॉर्ड जूनियर वर्ग में स्पर्धा के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर है। टीम तीन हीट में अमेरिका के बाद कुल दूसरे स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंची थी।

साथ ही विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में यह भारत का लगातार दूसरा पदक है। टीम ने 2021 में पिछले नैरोबी चरण में कांस्य पदक जीता था जिसमें यह स्पर्धा पहली बार शुरू की गयी थी। पिछली बार पदक जीतने वाली टीम में रूपल को छोड़कर तीनों अन्य खिलाड़ी शामिल थे।

यह प्रदर्शन काफी प्रभावित करने वाला है क्योंकि वीजा मुद्दों के कारण ज्यादातर खिलाड़ी प्रतियोगिता शुरू होने से महज एक दिन पहले ही यहां पहुंचे थे। जमैका ने तीन मिनट 19.98 सेकेंड के समय से कांस्य पदक जीता।

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