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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर श्री अभिनव बिंद्रा ने की मुलाकात

छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाएं अब आकाश को छूएंगी। राज्य के खिलाड़ी प्रारंभिक स्तर से ही आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दक्ष बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज उनके निवास कार्यालय में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर श्री अभिनव बिंद्रा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी एवं स्पोर्ट्स साइंस डेवलपमेंट के विषय में विस्तारपूर्वक चर्चा की।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री बिंद्रा का पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने श्री बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में खेल गतिविधियों के विकास एवं खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने संबंधी योजनाओं पर गहन चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि एवं नैसर्गिक प्रतिभा है, विशेषकर आदिवासी अंचलों के युवाओं में अत्यधिक संभावनाएं हैं। इस परिप्रेक्ष्य में श्री बिंद्रा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वे छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी और स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की खेल प्रतिभाओं को निखारने में ये प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।

चर्चा के दौरान श्री बिंद्रा ने बताया कि वे अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए विविध कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि फाउंडेशन द्वारा खेलहित में संचालित ये कार्यक्रम निःशुल्क होते हैं, जिससे खिलाड़ियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी फाउंडेशन के माध्यम से ऐसे कार्यक्रम प्रारंभ किए जाने के सम्बन्ध में चर्चा की।

श्री बिंद्रा ने जानकारी दी कि ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों में ओलंपिक मूल्यों का विकास किया जाएगा। उन्हें उत्कृष्टता, सम्मान और मैत्री जैसे मूल्यों को अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा, जिससे प्रारंभिक अवस्था से ही खेल प्रतिभाओं का संवर्धन संभव हो सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय को श्री बिंद्रा ने अवगत कराया कि स्पोर्ट्स इंजरी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी कार्यक्रम के अंतर्गत खिलाड़ियों को निःशुल्क सर्जरी, पुनर्वास एवं उपचार उपरांत देखभाल की संपूर्ण सुविधा प्रदान की जाएगी, ताकि वे स्वस्थ होकर पुनः खेल क्षेत्र में सक्रीय हो सकें। इस हेतु फाउंडेशन के साथ देश के 30 उत्कृष्ट चिकित्सकों का नेटवर्क कार्यरत है, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा।

मुख्यमंत्री को श्री बिंद्रा ने बताया कि वर्तमान खेल परिदृश्य पूर्णतः विज्ञान-आधारित हो गया है। अतः वे छत्तीसगढ़ में स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं, जिससे आधुनिक एवं वैज्ञानिक पद्धति से खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जा सके। नवीनतम तकनीकों की सहायता से प्रतिभाओं की पहचान वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी तथा टेक्नोलॉजी के माध्यम से उनके कौशल को समुचित रूप से विकसित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आवश्यक सभी सुविधाएं प्रदान कर रही है। विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समुदाय के युवाओं में तीरंदाजी का प्राकृतिक कौशल है। इस प्रतिभा को बढ़ावा देने हेतु रायपुर एवं जशपुर में एनटीपीसी के सहयोग से 60 करोड़ रुपये की लागत से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जा रही है। इसी प्रकार बस्तर में आयोजित बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। राज्य सरकार द्वारा ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये एवं कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में देने की घोषणा की गई है।

इस अवसर पर खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर, खेल विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, डॉ. दिगपाल राणावत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
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विदेश में छत्तीसगढ़ की बेटियां बढ़ाएंगी मान

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार राज्य के युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार, खेल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेष अवसर उपलब्ध करा रही है। छत्तीसगढ़ की बेटियाँ आज खेल के मैदान से लेकर हर क्षेत्र में अपनी मेहनत, निष्ठा और जज्बे से नया इतिहास रच रही हैं। राज्य सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग और प्रोत्साहन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बीजापुर जिले की धरती एक बार फिर खेल जगत में अपनी प्रतिभा का परचम लहराने जा रही है। जिले के आवापली गांव की होनहार खिलाड़ी चंद्रकला तेलम का चयन भारतीय सॉफ्टबॉल टीम में एशिया कप सॉफ्टबॉल चौंपियनशिप 2025 के लिए हुआ है।  जो 14 से 20 जुलाई तक शियान, चीन में आयोजित होगी। चंद्रकला के साथ ही जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ की शालू डहरिया भी भारतीय टीम का हिस्सा होंगी, जो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है।

    खास बात यह है कि भारतीय टीम के कोच के रूप में बीजापुर जिले के श्रम निरीक्षक श्री सोपान कर्णेवार की नियुक्ति हुई है। इससे पहले भी श्री कर्णेवार के कोचिंग में जिले के अनेक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं। भारतीय टीम का गठन कई कठिन चयन परीक्षाओं के बाद हुआ है। चंद्रकला तेलम को अनंतपुर (आंध्र प्रदेश), नागपुर, श्रीनगर एवं इंदौर में आयोजित चयन परीक्षण और विशेष कोचिंग कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चुना गया है। भारतीय दल को नई दिल्ली में अंतिम प्रशिक्षण के बाद 13 जुलाई को शियान, चीन के लिए रवाना किया जाएगा।

    बीजापुर और जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर ने भी टीम को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। गौरतलब है कि इस टूर्नामेंट की विजेता एवं उपविजेता टीम को वर्ल्ड कप सॉफ्टबॉल चौंपियनशिप में भाग लेने का अवसर मिलेगा।चंद्रकला और शालू डहरिया की यह उपलब्धि जिले की अन्य बेटियों को भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

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छत्तीसगढ़ के प्रेम राजन रौतिया ने इंटरनेशनल पावरलिफ्टिंग में दिलाया स्वर्ण पदक, मुख्यमंत्री श्री साय से की मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एसबीकेएफ इंटरनेशनल गेम्स 2024 में स्वर्ण पदक विजेता पावरलिफ्टर श्री प्रेम राजन रौतिया ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें इस विशिष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं, जो हम सभी के लिए गर्व का विषय है।


उल्लेखनीय है कि श्री प्रेम राजन रौतिया महासमुंद जिले के पिथौरा के निवासी हैं। उन्होंने 31 अगस्त से 4 सितंबर 2024 तक नेपाल के पोखरा में आयोजित एसबीकेएफ इंटरनेशनल गेम्स में अंडर-30 कैटेगरी में भाग लेते हुए 735 किलोग्राम भार उठाकर शानदार प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और मजबूत उपस्थिति दिलाई है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, श्री खेमराज बाकरे सहित मेहर रविदास समाज के अनेक प्रतिनिधिगण उपस्थित थे, जिन्होंने श्री रौतिया को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
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छत्तीसगढ़ के लाल अनिमेष कुजूर ने रचा नया इतिहास, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई

छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने ग्रीस के एथेंस में आयोजित ड्रोमिया इंटरनेशनल स्प्रिंट मीट में 100 मीटर दौड़ को मात्र 10.18 सेकेंड में पूरा कर भारत के लिए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर पोस्ट कर उन्हें बधाई दी।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी के लिए यह अत्यंत गर्व और खुशी का क्षण है कि छत्तीसगढ़ के अनिमेष कुजूर ने ग्रीस में आयोजित ड्रोमिया इंटरनेशनल स्प्रिंट मीट में 100 मीटर दौड़ को मात्र 10.18 सेकेंड में पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया है। इससे पहले अनिमेष ने दक्षिण कोरिया में हुए एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 200 मीटर दौड़ को 20.32 सेकेंड में पूरा कर एक और राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किया था। उन्होंने युवा खिलाड़ी अनिमेष को बधाई देते हुए कहा कि आपकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि हर युवा को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। छत्तीसगढ़ को आप पर गर्व है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष की यह उपलब्धि युवा शक्ति के आत्मविश्वास और सपनों की उड़ान का प्रतीक है। उनका यह प्रदर्शन न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव की बात है। प्रदेश सरकार युवाओं की प्रतिभा को पहचानने और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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आगरा में आयोजित आल इंडिया इंटीनेशन सीनियर टूर्नामेंट के पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल के खिलाड़ी टी. एस. प्रकाश राव को मिला गोल्ड मेडल।

 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के पुरुष खिलाड़ी टी. एस. प्रकाश राव ने 04 से 06 मई 2025 तक आगरा में स्थित रेलवे कम्यूनिटी हॉल में पावरलिफ्टिंग खेल संघ द्वारा आयोजित ऑल इंडिया इंटीनेशन सीनियर टूर्नामेंट के पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 2025 के 120 किलोग्राम केटेगरी वर्ग के पावरलिफ्टिंग एवं बेंच प्रेस चैंपियनशिप में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का प्रतिनिधित्व करते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त किया है । 

         दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी टी. एस. प्रकाश राव बिलासपुर स्टेशन में वाणिज्य विभाग में डिप्टी सीटीआई के पद पर कार्यरत है । इससे पहले भी प्रकाश राव कई बार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में देश एवं भारतीय रेलवे का प्रतिनिधित्व करते हुये अनेक पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं ।
  बिलासपुर मंडल द्वारा हमेशा से खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जाता रहा है। इसी का परिणाम है कि आज विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के खिलाड़ी देश एवं भारतीय रेलवे के साथ ही साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का नाम रोशन कर रहे है ।
उनके शानदार प्रदर्शन एवं उपलब्धि पर वरि.मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अनुराग कुमार सिंह द्वारा बधाई दी गई है तथा भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया गया ।
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मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल: एशिया यूथ सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में भागीदारी के लिए ₹1.70 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की

छत्तीसगढ़ की बेटी और 12 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी सॉफ्टबॉल खिलाड़ी शालू डहरिया के चेहरे पर उस वक्त मुस्कान की लहर दौड़ गई, जब स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उन्हें वीडियो कॉल कर न सिर्फ शुभकामनाएं दीं, बल्कि उनके सपने को पूरा करने के लिए जरूरी आर्थिक मदद भी प्रदान किया ।


शालू डहरिया का चयन 14 से 20 जुलाई, 2025 को चीन के सिआन में होने वाली एशिया यूथ सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है।छत्तीसगढ़ से इस ओपन टूर्नामेंट के लिए केवल दो महिला खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जिनमें शालू डहरिया भी शामिल हैं। लेकिन इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भागीदारी के लिए आवश्यक ₹1.70 लाख की फीस उनके लिए एक बड़ी बाधा बन गई थी। 

आर्थिक रूप से साधारण परिवार से आने वाली शालू के पिता प्राइवेट सुरक्षा गार्ड हैं और माँ एक छोटे से ब्यूटी पार्लर का संचालन करती हैं। बावजूद इसके शालू ने आठवीं कक्षा से सॉफ्टबॉल खेलना शुरू किया और अब तक एक गोल्ड मेडल सहित 12 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शालू डहरिया को वीडियो कॉल कर कहा "बेटी, तुम आगे बढ़ो… हम सब तुम्हारे साथ हैं। छत्तीसगढ़ को तुम पर गर्व है। अच्छा खेलो, मेरी शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं। देश और प्रदेश का नाम रोशन करो।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार बेटियों को केवल प्रोत्साहित नहीं करती, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर उनके सपनों को पंख देने के लिए भी हमेशा तत्पर रहती है।

संवेदनशीलता की मिसाल बनी यह पहल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशानिर्देश पर त्वरित अमल करते हुए जांजगीर चांपा कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने शालू को ₹1.70 लाख की सहायता राशि का चेक सौंपा और प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

शालू की माता श्रीमती अल्का डहरिया ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी की संवेदनशील पहल और आर्थिक सहायता से मेरी बेटी को अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय की यह पहल बताती है कि सरकार सिर्फ योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं,  ज़रूरत की घड़ी में हाथ पकड़कर साथ निभाने वाली साथी है। बेटियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
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मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग की विजेता टीमों को सौंपा विनर्स कप

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज यहां नवा रायपुर के शहीद वीरनारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग की विजेता टीमों को विनर्स कप सौंपा। बारिश की वजह से सीसीपीएल का फाइनल मैच नहीं खेला जा सका। फाइनल में पहुंची दोनों टीमों रायपुर राइनोस और राजनांदगांव पैंथर्स को संयुक्त विजेता घोषित किया गया। 

छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य की बात है कि सीसीपीएल जैसे क्रिकेट टूर्नामेंट का यहां शानदार आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ में हम सभी खेलों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग के माध्यम से राज्य के प्रतिभावान क्रिकेट खिलाड़ियों को खेलने का बेहतरीन मौका मिला है। इस आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ बधाई का पात्र है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बारिश की वजह फाइनल मैच नहीं खेला जा सका। रायपुर राइनोस और राजनांदगांव पैंथर्स टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया है। मैं दोनों टीमों को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ और सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। यह बहुत खुशी की बात है कि मौसम खराब होने के बाद भी बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम में मौजूद हैं। मैं आशा करता हूँ कि छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ इसी तरह आगे भी छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग का आयोजन करता रहेगा। 

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 का आयोजन 6 जून से 15 जून तक किया गया। इसमें रायपुर राइनोस, राजनांदगांव पैंथर्स, रायगढ़ लायन्स, बस्तर बाइसन्स, बिलासपुर बुल्स और सरगुजा टाईगर्स टीमों ने हिस्सा लिया। 
मुख्यमंत्री के हाथों से रायपुर राइनोस और राजनांदगांव पैंथर्स टीम के कप्तान अमनदीप खरे और अजय मंडल ने विनर्स कप ग्रहण किया।

 इस अवसर पर खेल मंत्री  टंकराम वर्मा, राज्यसभा सांसद और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, बलदेव सिंह भाटिया,  प्रभतेज सिंह भाटिया सहित छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी उपस्थित थे।
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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की खिलाड़ी पुजा ने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर बढ़ाया देश का मान

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की होनहार एथलीट और बिलासपुर रेल मंडल में टिकट कलेक्टर सह वाणिज्य लिपिक (कमर्शियल क्लर्क) के पद पर कार्यरत पूजा ने 26वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया है । यह प्रतियोगिता गुमी, दक्षिण कोरिया में आयोजित की गई थी ।


पूजा ने 28 मई को हुए फाइनल मुकाबले में 4:10.83 मिनट का समय लेकर रजत पदक जीता और देश के साथ-साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का नाम भी रोशन किया ।

इस उपलब्धि पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने पूजा को हार्दिक बधाई दी तथा आगे भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रेलवे और देश का गौरव बढ़ाने के लिए शुभकामनाएँ दीं । 

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में खेल और खिलाड़ियों को विशेष महत्व दिया जाता है तथा उनकी सुविधाओं का पूर्ण ध्यान रखा जाता है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के खेल विभाग में कार्यरत एथलेटिक्स कोच श्री श्रीकांत पाढ़ी ने भी पूजा के प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त की और इसे उनके परिश्रम और समर्पण का फल बताया ।

यह उल्लेखनीय है कि इस स्पर्धा में चीन की ली चुनहुई ने 4:10.58 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि जापान की टोमोका किमुरा ने कांस्य पदक प्राप्त किया ।
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ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर अंतर्गत तिरंगा यात्रा क्रास कंट्री दौड़ का हुआ आयोजन

ग्रीष्म कालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 2025-26 का आयोजन 05 मई 2025 से प्रारंभ किया गया है। इस तारतम्य में रविवार को प्रातः 06ः00 बजे से तिरंगा यात्रा क्रास कंट्री दौड़ का आयोजन किया गया।यह दौड़ गांधी स्टेडियम परिसर के बास्केट बॉल ग्राउंड से प्रारंभ होकर घडी चौक, संगम चौक, गुदरी चौक, जोड़ा पीपल होते हुए पुनः गांधी स्टेडियम परिसर में सम्पन्न हुआ। रैली में लगभग 300 की संख्या में बच्चों, अभिभावक, कोच एवं अन्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग के रामकुमार सिंह, कन्या क्रीडा परिसर के कोच श्री देवेन्द्र कुमार सिंह, वॉलीबॉल संघ से राकेश कुमार मिश्रा,श्री मृत्युन्जय त्रिपाठी, श्री सज्जन सिंह, श्री मनोज अग्रवाल, श्री अनिल सिंह, बास्केटबॉल संघ से राजेश प्रताप सिंह शतरंज संघ से एस. एस. वर्मा, ताइक्वांडो संघ से गन्नू खत्री, टेबल टेनिस संघ से अनमोल बारी, एथलेटिक्स संघ से श्रीमती हर्ष सिंह, योगा से श्री प्रमोद यादव, श्री अमर प्रसाद सिंह, श्री संदीप कुमार देवांगन आदि उपस्थित रहे।

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रविचंद्रन अश्विन को मिला पद्मश्री पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

 भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भारतीय क्रिकेट में अहम योगदान के लिए इस पूर्व ऑफ स्पिनर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से ये सम्मान मिला। उनके साथ-साथ भारतीय हॉकी टीम के पूर्व गोलकीपर पीआर श्रीजेश को पद्म भूषण से नवाजा गया। बता दें कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पदम पुरस्कारों की घोषणा की गई थी और अब राष्ट्रपति भवन में समारोह हुआ।

अश्विन ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। अश्विन भारत के लिए टेस्ट मैचों में दूसरे सबसे ज्यादा (537) विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं। अनिल कुंबले 619 विकेट के साथ पहले स्थान पर हैं।

 
 

अश्विन ने भारत के लिए 116 वनडे मैच खेले थे। इस दौरान उन्होंने 33.20 की औसत से 156 विकेट अपने नाम किए थे। टी-20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 23.22 की औसत से 72 विकेट लिए थे।

 
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हर ओवर,हर गेंद पर वही एक सा रवैया

 सोमवार को जयपुर के मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रायल्स व गुजरात जायंटस के बीच खेले गए आईपीएल के २०-२० मैच में वह हुआ जिसकी कल्पना नहीं की गई थी।लगातार हार रहे राजस्थान रायल्स के खिलाफ गुजरात जायंटस ने २०९ रन का लक्ष्य रखा।गुजरात के बल्लेबाजों ने अच्छी बल्लेबाजी की और वह निश्चिंत थे कि वह तो जीत रहे हैं।इस मैच में वह हुआ जो कभी कभी होता है। हारने वाली टीम जीत गई और जीतने वाली टीम हार गई और ऐसा इसलिए हुआ कि देश के क्रिकेट इतिहास में एक स्टार बल्लेबाज का उदय इस मैच में हुआ।उसने असंभव को संभव कर दिखाया। उसने जो किया उसके लिए सभी ने कहा कि यह तो अद्भुत,अकल्पनीय,अविश्वसनीय,चमत्कार। क्रिकेट के इतिहास में एक से एक महान बल्लेबाज हुए हैं लेकिन १४ साल कुछ दिन में कोई ऐसा नहीं कर सका। बिहार के समस्तीपुर जिले के १४ साल को क्रिकेट खिलाडी़ ने टी-२० में ३५ गेंदों पर शतक मार दिया। वह भी आईपीएल के इतिहास के दूसरा सबसे तेज शतक।

शतक भी अनोखा क्योंकि इसमें वैभव ने ११ छक्के व ७चौके मारे यानि उसने १०१ रन बनाए तो उसमें ९४ रन उसने बाउंड्री मार कर यानी चौका व छक्का मारकर बनाए।अपना शतक तक छक्का मारकर पूरा किया।शतक तो कई खिलाड़ी बनाते हैं लेकिन कोई इतने चौके व छक्के मारकर नहीं बनाता है। यह तो लोगों के कल्पना से परे था कि कोई १४ साल का खिलाडी़ अपने तीसरे मैच में ही सबसे तेज दूसरा शतक बना सकता है, वह भी ९४ रन बाउंड्री मारकर। ऐसा हो सकता है कि इस बात का एहसास वैभव ने अपने पहले मैच में करा दिया था। वह मैच राजस्थान हार गया लेकिन वैभव ने पहली गेंद पर छक्का मारकर सबको चौंका दिया था।दो मैच में उसने क्रिक्रट प्रेमियाें को बता दिया था किसी स्टेडियम में आने वाले दिनों में तूफान आने वाला है।

 

लोग टी-२० में हर गेंद पर चौका व छक्का देखना चाहते है।यही वैभव ने दो मैच किया उसने हर गेंद को छक्का मारने का प्रयास किया।उसने कई छक्के मारकर दिखाया भी,जल्द आउट हो जाने के कारण लोगों को पता नहीं चला कि यह क्या कर सकता है। लोगों को यह तो पता चल गया कि यह करेगा तो कुछ खास करेगा।क्योंकि वह क्रिकेट खेलता इस तरह है कि जैसे वह हर गेंद को मारने के लिए मैदान में आया है।निडर बल्लेबाज ही ऐसा कर सकता है, निडर वह होता है जिसे आउट होने का डर नहीं होता है, जिसके सामने कोई भी गेंदबाज हो डर न लगता हो, जो यह सोच कर मैदान में आता है मुझे तो हर गेंदबाज की हर गेंद को सीमापार पहुंचाना है। 

 

वैभव ने शतक बनाने के बाद भी कहा भी कि मैं यह नहीं देखता कि सामने गेंद कौन कर रहा है, मुझे गेंदबाज दिखाई नहीं देता है, मुझे तो सिर्फ गेंद दिखाई देती है और मैं उसे पूरी ताकत से मारता हूं। गेंद बल्ले में आई तो सीधा सीमापार जाती है। यही वजह है कि उसने जयपुर स्टेडियम में गुजरात के हर गेंंदबाज की गेंद पर छक्का मारा। गुजरात के सारे गेंदबाज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेले हुए अऩुभवी गेंदबाज थे लेकिन वैभव  ने उनको जब मारना शुरु किया तो पूरा देश यह देखकर चकित था कि वह ऐसा कैसे कर पा रहा है। चाहे सिराज हो, प्रसिध्द हो, इशांत हो, वाशिंगटन हो, जन्नत हो, साइं सुदर्शन हो, सभी की गेंद पर चौका या छक्का जरूर मारा।

 

वैभव जब तक खेलता रहा लोग तालियां बजाते रहे क्योंकि ताली खत्म नहीं हुई होती थी कि वैभव छक्के के बाद छक्का मार देता था, चौके के बाद चौका मार देता था। कभी चौके के बाद छक्का तो कभी छक्के के बाद चौका। एक बार तो ऐसा हुआ कि लगातार कई गेंदों पर छक्का या चौका मारा। स्टेडियम में लोग उसकी बैंटिग देखकर पागल हो गए थे क्योंकि ऐसा कोई कभी कभी खेलता है जब उसे कोई रोक नहीं पाता है, वह जहां चाहे वहां चौका या छक्का मारता है। पूरे स्टेडियम के लोग वैभव की बल्लेबाजी देखकर सम्मोहित थे।

वैभव जब ९४ रन पर था तो लोग उम्मीद कर रहे थे कि वह शतक के लिए रुककर खेलेगा लेकिन वैभव ने तीसरे मैच में अपना शतक भी छक्का मारकर पूरा किया। ऐसा वही बल्लेबाज करता है जिसे खुद पर भरोसा होता है कि मुझे कोई आउट नहीं कर सकता।वैभव के शतक से पूरा स्टेडियम देर तक तालियों से गूंजता रहा। पूरा स्टेडियम वैभव के सम्मान में खडा़ हो गया था।यह देखकर भी लोगों को बहुत अच्छा लगा कि राजस्थान रायल के कोच राहुल द्रविड भी वैभव का शतक पूरा होने पर खड़े नहीं होने की स्थिति में होने के बाद भी खड़े हुए और उनकी खुशी देखने योग्य थी।उनको वैभव की प्रतिभा पर भरोसा था, वैभव ने अपनी प्रतिभा दिखाई, साबित किया तो राहुल द्रविड जिन्होने उऩको खेलने का मौका दिया था, खुश होना स्वाभाविक था।

 

राजस्थान रायल्स की जीत तय हो गई थी जब वैभव आउट हुआ। उसके बाद जीत की औपचारिकता बची थी जिसे यशस्वी व कप्तान ने पूरी की। वैभव की अविश्वसनीय बल्लेबाजी के कारण ही राजस्थान गुजरात को हरा सका है और उसकी रेस में बने रहने की उम्मीद बनी हुई है।वैभव को मौका मिला, उसने खुद को साबित किया और अपने पिता का सपना पूरा किया। बहुत कम पिता ऐसे होते हैं जिनका सपना उनका बेटा पूरा करता है। वैभव को वैभव बनाने में उनके पिता व माता की भूमिका बहुत अहम है। उन्होंने वैभव के लिए वह सब किया जो वह कर सकते थे। वैभव ने भी अपने माता पिता का सपना पूरा किया और देश के माता पिता को संदेश दिया है कि अपने बच्चों पर भरोसा करो और वह जो करना चाहते हैं, उनको करने दो।

हर बच्चे में वैभव होता है, जरूरत है कि माता पिता उसे पहचाने।सचिन के घरवालों के कारण सचिन जिस तरह सचिन बन सका था वैसे ही वैभव भी अपने घरवालों के कारण वैभव बन सका और खुद को साबित करने में सफल रहा।सचिन ने भी खुद को पहले टेस्ट मैच में साबित कर दिया था, वैभव ने भी अपने तीसरे मैच में साबित कर दिया कि वह दूसरो से कुछ अलग है। सचिन पाकिस्तान में घायल होने के बाद कहा था कि मैं खेलेगा और उसके बाद सचिन कैसा खेला सारे देश ने देखा है।वैभव मारने के चक्कर दो बार आउट होने के बाद कोच से कहा कि वह मारेगा और तीसरे मैच में उसने मारकर दिखाया कि वह बड़े बड़े गेंदबाजों को कैसे मार सकता है। पहले मैच में आउट होकर रोते हुए वैभव को सबने देखा था लेकिन वह वैभव जब तीसरे मैच में आया तो उसने देश-विदेश के सारे गेंदबाजों को मार मार कर रुला दिया।वैभव को देखकर लोग उम्मीद कर रहे हैं कि गावस्कर, सचिन, विराट की तरह महान बल्लेबाज बनेगा। देश की शुभकामनाएं उसके साथ है।

 

 

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आईपीएल : शतक के मुहाने पर अटक गए 'चैंपियन' कप्तान !

 इंडियन प्रीमियर लीग-2025 (आईपीएल) सीजन का पांचवां मैच पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटन्स के बीच अहमदाबाद में खेला गया। यह मैच काफी रोमांचक रहा। जिस रफ्तार से पंजाब ने शुरू से रन बटोरने शुरू किए थे, उससे ऐसा लग रहा था कि स्कोर 260 के पार जा सकता है, लेकिन गुजरात ने ये सफर 243 पर रोक दिया। हालांकि 243 रनों का स्कोर भी आईपीएल में काफी बड़ा है, लेकिन गुजरात की टीम ने भी तगड़ा मुकाबला करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 232 रन बना डाले। और इस मैच में पंजाब को 11 रनों से जीत मिली।

इस मैच के मुख्य आकर्षण रहे पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर, जिन्होंने अपनी कप्तानी पारी खेली। श्रेयस ने 50 रन तो 27 गेंदों पर ही पूरे कर लिए और शतक की ओर तेजी से बढ़ते दिखाई दिए लेकिन आखिर के 2 ओवरों में शशांक सिंह के साथ पारी संभाल रहे श्रेयस को स्ट्राइक ही नहीं मिल पाया और वे शतक से  चूक गए। लेकिन श्रेयस ने 42 गेंदों पर शानदार 97 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाने में पूरा योगदान दिया। शशांक ने इस मैच में 16 गेंदों पर शानदार 44 रनों की पारी खेली।

 

श्रेयस अय्यर चैंपियन कप्तान रहे हैं। यानी पिछले साल 2024 में जब कोलकाता नाइड राइडर्स ने खिताब अपने नाम किया था, तब श्रेयस ही वहां की कप्तानी संभाल रहे थे। वहीं 2020 सीजन में दिल्ली कैपिटल्स ने श्रेयस के नेतृत्व में फाइनल तक का सफर तय किया था। अब पंजाब किंग्स को भी श्रेयस से काफी उम्मीदें हैं, जो अब तक आईपीएल खिताब नहीं जीत सकी है। पंजाब किंग्स ने 2014 के आईपीएल फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन पिछले 4 सीजन में वह टॉप-5 में भी जगह नहीं बना पाई।

 

वैसे पंजाब और गुजरात के बीच कल (25 मार्च) को हुए मुकाबले में सब तो उम्मीद लगा ही बैठे थे कि अब अय्यर ने अपना शतक पूरा कर लिया, समझो। पर वे 3 रन से ही शतक के मुहाने पर आकर अटक गए। खैर, क्रिकेट में आखिर बाल तक कुछ भी हो सकता है, ये कहा जाता है। और कई टीमों ने तो आखिरी बाल पर चौके और छक्के लगा कर टीम को जीत दिलाई है। फिलहाल हम बात कर रहे हैं श्रेयस की कप्तानी पारी की।

 

आईपीएल-2025 के पहले ही सीजन में जिस तेजी से पंजाब ने अपनी रफ्तार पकड़ी है, निश्चित ही वे आगे बढ़ेंगे। पंजाब किंग्स ने अब तक आईपीएल की ट्राफी अपने नाम नहीं की है, लेकिन पहले ही मैच में अपने आपको साबित कर दिया कि हम भी किसी से कम नहीं। और पिछले साल का 'चैंपियन कप्तान' जब पंजाब के साथ हो तो निसंदेह इसका फायदा तो टीम को होगा ही। फिलहाल श्रेयस अय्यर अपने पहले ही शतक लगाने से मात्र 3 रन दूर रहे, लेकिन आगे  के मैचों में उनका ये सफर जरूर पूरा होगा, ऐसी उम्मीद है।

 

6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने वाले प्रियांश का धमाकेदार डेब्यू

 

अय्यर से पहले पंजाब की ओर से आक्रामकता की शुरुआत युवा ओपनर प्रियांश आर्य ने. आर्य ने 23 गेंदों पर 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 47 रन बनाये। आर्य पहली बार सुर्खियों में पिछले साल दिल्ली प्रिमियर लीग के दौरान आए थे जब उन्होंने एक मैच में 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाए थे।

इससे पहले आईपीएल-2026 के दूसरे मुकाबले में हैदराबाद ने जीत के साथ ही आईपीएल के इतिहास में अब तक के दूसरे सबसे ज्यादा स्कोर का रिकार्ड अपने नाम कर लिया है। हैदराबाद ने इस मैच में 286 रन बनाए। इससे पहले 287 रनों का सबसे बड़ा स्कोर का रिकार्ड भी इसी टीम के नाम है। हैदराबाद की जीत के हीरो ईशान किशन रहे। ईशान आईपीएल-2025 के पहले शतकवीर बनें। उन्होंने ने 46 गेंदों में शानदार 107 रनों की पारी खेलकर अपने आपको साबित करने के साथ ही हैदराबाद के भरोसे पर पूरी तरह खरे भी उतरे हैं। आईपीएल में 16 आईपीएल के 18वें सीजन के लिए हुई मेगा ऑक्शन से पहले मुंबई इंडियंस ने भी उन्हें रिटेन न करते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया था और नीलामी में फिर से खरीदने तक की कोशिश भी नहीं की। मुंबई इंडियंस के कैंप में 7 साल बिताने वाले और हर तरफ आलोचना और चुनौती झेल ईशान के लिए सनराइजर्स हैदराबाद ने किस्मत के बंद दरवाजे खोलने का काम किया और 11.25 करोड़ में खरीदकर  उनपर भरोसा जताया। और आज 45 गेंदों में शतक लगाकर ईशान उस भरोसे पर पूरी तरह खरे भी उतरे हैं।

 

 

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय क्रिकेट टीम को चैम्पियंस ट्रॉफी में ऐतिहासिक जीत पर दी बधाई

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने भारतीय क्रिकेट टीम को आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में शानदार जीत की बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। दुबई में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को 140 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों और दृढ़ संकल्प की जीत करार दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने भारतीय टीम के जुझारूपन, अनुशासन और टीम वर्क की सराहना करते हुए कहा कि बारह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भारत ने एक बार फिर चैम्पियंस ट्रॉफी अपने नाम की। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह जीत हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने टीम इंडिया को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास जताया कि भारतीय क्रिकेट टीम आने वाले वर्षों में भी इसी जोश और जज्बे के साथ देश को गौरवान्वित करती रहेगी।
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इंटरनेशनल मास्टर्स लीग टी-20 चैंपियनशिप के अंतिम चरण का आगाज: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया शुभारंभ

 छत्तीसगढ़ के खेल प्रेमियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शाम नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में इंटरनेशनल मास्टर्स लीग टी-20 चैंपियनशिप के अंतिम चरण का शुभारंभ किया। इस रोमांचक लीग में भारत और वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ियों के बीच मुकाबला हुआ।

आज का मैच इंडिया मास्टर्स बनाम वेस्टइंडीज मास्टर्स के बीच खेला जा रहा है, जहां इंडिया मास्टर्स की कमान सचिन तेंदुलकर और वेस्टइंडीज मास्टर्स की अगुवाई क्रिकेट लीजेंड ब्रायन लारा कर रहे हैं। इस महामुकाबले को देखने के लिए हजारों क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम पहुंचे और अपने चहेते खिलाड़ियों के चौके-छक्कों पर उत्साह से झूम उठे।

मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर दी शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मैच शुरू होने से पहले मैदान में पहुंचकर दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उन्हें बेहतरीन खेल प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक  खुशवंत साहेब और मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कॉर्पोरेट बॉक्स में बैठकर मैच का रोमांच भी देखा और खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की।

छत्तीसगढ़ – खेलों का नया हब बनने की ओर अग्रसर

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर इंटरनेशनल मास्टर्स लीग में भाग लेने आए सभी महान क्रिकेट खिलाड़ियों का हृदय से स्वागत है। यह हमारे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है कि हम क्रिकेट जगत के दिग्गजों को एक साथ खेलते हुए देख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से प्रदेश की युवा खेल प्रतिभाओं को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार खेल अधोसंरचनाओं के विकास और खिलाड़ियों को उन्नत सुविधाएँ प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि और सुविधाओं के विस्तार को देखते हुए छत्तीसगढ़ तेजी से 'स्पोर्ट्स हब' बनने की दिशा में अग्रसर है।

मुख्यमंत्री साय ने  चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह टूर्नामेंट क्रिकेट प्रेमियों के लिए अविस्मरणीय अनुभव होगा और भविष्य में भी छत्तीसगढ़ ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी करता रहेगा।

"क्रिकेट के भगवान" सचिन तेंदुलकर से मिलकर अच्छा लगा – मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सचिन तेंदुलकर से मुलाकात के बाद अपने उत्साह को साझा करते हुए कहा कि हमने सचिन को अब तक सिर्फ टीवी पर खेलते हुए देखा था, लेकिन आज उनसे प्रत्यक्ष भेंट का अवसर मिला। यह मेरे लिए अविस्मरणीय क्षण है।

सचिन तेंदुलकर ने छत्तीसगढ़ आने पर खुशी व्यक्त करते हुए यह आश्वासन दिया कि वह भविष्य में भी छत्तीसगढ़ में खेलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज युवराज सिंह, यूसुफ पठान, इरफान पठान और ब्रायन लारा जैसे महान खिलाड़ियों को लाइव खेलते देखना बेहद रोमांचक अनुभव था। इन दिग्गज खिलाड़ियों को देखकर छत्तीसगढ़ के युवा न केवल खेलों के प्रति प्रेरित होंगे, बल्कि अपने जीवन में भी उनसे सीख लेकर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से छत्तीसगढ़ में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह आयोजन एक यादगार खेल उत्सव साबित हो रहा है, जहाँ क्रिकेट की दुनिया के दिग्गज खिलाड़ी अपनी चमक बिखेर रहे हैं। राज्य सरकार भविष्य में भी ऐसे आयोजन करती रहेगी, ताकि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
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दक्षिण अफ्रीका को 50 रनों से हराकर न्यूजीलैंड चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में

  रचिन रविंद्र (108), केन विलियमसन (102) की शानदार शतकीय पारियों के बाद गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत न्यूजीलैंड ने बुधवार को चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 50 रनों से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। रविवार को फाइनल में न्यूजीलैंड का मुकाबला भारत के साथ होगा।

363 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 20 रन के स्कोर पर अपने रायन रिकलटन (17) का विकेट गवां दिया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आये रासी वान दर दुसें ने कप्तान तेम्बा बवूमा के साथ पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी हुई। 23वें ओवर में मिचेल सैंटनर ने तेम्बा बवूमा को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। तेम्बा बवूमा ने 71 गेंदों में 56 रनों की पारी खेली। 27वें ओवर में सैंटनर ने रासी वान दर दुसें को बोल्ड कर दक्षिण अफ्रीका को तीसरा झटका दिया।

 
 

रासी वान दर दुसें ने 66 गेंदों में चार चौके और दो छक्के लगाते हुए (69) रनों की पारी खेली। इसके बाद न्यूजीलैंड के गेंदबाजी आक्रमण के आगे दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज संधर्ष करते दिखे और अपने विकेट गवांते रहे। हाइनरिक क्लासन (तीन), एडन मारक्रम (31), वियान मुल्डर (आठ), मार्को यानसन (तीन), केशव महाराज (एक) और कगिसो रबाडा (16) रन बनाकर आउट हुये। डेविड मिलर अंत तक डटे रहे और आखिरी ओवरों में आतिशी बल्लेबाजी का प्रदर्शन कर मैच में रोमांच भरने का प्रयास करते देखे गये। मिलर ने मैच की आखिरी गेंद पर अपना शतक पूरा किया। मिलर ने 67 गेंदों में 10 चौके और चार छक्के लगाते हुए (नाबाद 100)रनों की पारी खेली। दक्षिण अफ्रीका की टीम निर्धारित 50 ओवरों में नौ विकेट पर 312 रन ही बना सकी और 50 रनों से मुकाबला हार गई।

 
 

न्यूजीलैंड की ओर मिचेल सैंटनर ने तीन विकेट लिये। मैट हेनरी, ग्लेन फिलिप्स (दो-दो), माइकल ब्रेसवेल और रचिन रविंद्र ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। इससे पहले आज यहां न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड के लिए विल यंग और रचिन रविंद्र की सलामी जोड़ी संभल कर खेलते हुए पहले विकेट के लिए 48 रन जोड़े। आठवें ओवर में लुंगी एन्गिडी ने विल यंग (21) को आउटकर दक्षिण अफ्रीका को पहली सफलता दिलाई।

 
 

इसके बाद बल्लेबाजी करने आये केन विलियमसन ने रचिन रविंद्र के साथ पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 164 रनों की साझेदारी हुई। रचिन ने 32वें ओवर की पहली गेंद पर दो रन लेकर अपना पांचवां एकदिवसीय शतक बनाया। 33वें ओवर में कगिसो रबाडा ने रचिन रविंद्र को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। रचिन रविंद्र ने 101 गेंदों में 13 चौके और एक छक्का लगाते हुए (108) रनों की पारी खेली। इसके बाद केन विलियमसन ने 40वें ओवर की पहली गेंद पर चौका लगाकर अपना 15वां एकदिवसीय शतक पूरा किया।

इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर वियान मुल्डर ने उन्हें अपना शिकार बना लिया। केन विलियमसन ने 94 गेंदों में 10 चौके और दो छक्के लगाते हुए (102) रन बनाये। टॉम लेथम (चार) रन बनाकर आउट हुये। 47वें ओवर में लुंगी एन्गिडी ने डैरिल मिचेल (49) को आउट किया। 50वें ओवर में माइकल ब्रेसवेल (16) रन बनाकर आउट हुये। ग्लेन फिलिप्स ने 27 गेंदों में छह चौके और एक छक्का लगाते हुए (नाबाद 49) रनों की पारी खेली। न्यूजीलैंड ने निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट पर 362 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

दक्षिण अफ्रीका की ओर से लुंगी एन्गिडी को तीन विकेट मिले। कगिसो रबाडा ने दो विकेट लिये। वियान मुल्डर ने एक बल्लेबाज काे आउट किया।

 
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चैंपियंस ट्रॉफी : फाइनल में टीम इंडिया

 ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराया

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का पहला सेमीफाइनल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दुबई में खेला गया। इस मुकाबले को 4 विकेट से अपने नाम करके भारत ने फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 49.3 ओवर में 264 रनों पर ऑलआउट हो गई। गेंदबाजी की बात करें तो भारत के लिए मोहम्मद शमी ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। वहीं वरुण चक्रवर्ती और रवींद्र जडेजा ने 2-2 विकेट अपने नाम किए।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज गिल 8 रन बनाकर आउट हुए। वहीं रोहित शर्मा 28 रन बनाकर चलते बने। इसके बाद तीसरे विकेट के लिए विराट और श्रेयस अय्यर के बीच 91 रनों की पार्टनरशिप हुई। विराट 84 रन बनाकर आउट हुए तो वहीं श्रेयस अय्यर ने 45 रनों की पारी खेली। अंत में केएल राहुल 34 गेंदों में 42, हार्दिक पांड्या ने 24 गेंदों में 28 रनों की तेज पारी खेलकर भारत को एक बड़ी जीत दिलाई।  

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सेमीफाइनल में भारत-ऑस्ट्रेलिया का महामुकाबला

 चैंपियंस ट्रॉफी में मंगलवार को पहला सेमीफाइनल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दुबई में खेला जाएगा। नॉकआउट मैचों में हमेशा ही दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखी जाती है। इस बार भारतीय टीम 2023 में अपने घर पर हुए विश्व कप फाइनल में मिली हार का बदला लेने के लिए मैदान में उतरेगी।

भारतीय टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें तीनों मैच जीतकर टॉप पोजीशन हासिल की। अब उनकी नजरें सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में पहुंचने पर हैं। ऑस्ट्रेलिया ने बारिश से प्रभावित अपने मैचों के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया है। ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ मैच में 352 रन के भारी भरकम लक्ष्य को 48वें ओवर में ही हासिल कर लिया था।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे क्रिकेट में अब तक 151 मैच खेले गए हैं, जिनमें से 84 मैच ऑस्ट्रेलिया ने जीते हैं और भारत ने 57 मैचों में जीत हासिल की है। इसके अलावा 10 मैच बिना परिणाम के रहे हैं। दोनों टीमों का हेड टू हेड रिकॉर्ड चैंपियंस ट्रॉफी और अन्य आईसीसी टूर्नामेंट्स में भी ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में रहा है। दोनों टीमों के बीच 18 आईसीसी वनडे मैचों में से ऑस्ट्रेलिया ने 10 मैच जीते हैं, जबकि भारत ने 7 में जीत हासिल की है। आईसीसी नॉकआउट राउंड में भी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबले कड़े रहे हैं। दोनों टीमों ने नॉकआउट मुकाबलों में 4-4 बार जीत हासिल की है, लेकिन हाल के वर्षों में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को लगातार तीन नॉकआउट मैचों में हराया है। भारतीय टीम के लिए यह आंकड़ा चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि 2011 के वर्ल्ड कप के बाद से भारत को आईसीसी नॉकआउट मैचों में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोई जीत नहीं मिली है।
आईसीसी नॉकआउट में भारत और ऑस्ट्रेलिया का हेड टू हेड रिकॉर्ड: 1998 में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी में जीत हासिल की थी, वहीं 2000 में भी भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया को हराया था। इसके बाद 2003 के वनडे वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराया, जबकि 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मात दी। 2011 में भारत ने वनडे वर्ल्ड कप में जीत दर्ज की, लेकिन 2015 के वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इसके बाद 2023 में ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और वनडे वर्ल्ड कप दोनों में भारत को हराया।
दूसरी तरफ, भारत की टीम इस बार बदला लेने के लिए पूरी तरह तैयार है। खासतौर पर विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज बल्लेबाजों से बड़ी उम्मीदें हैं। कोहली और रोहित का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार रहा है, और दोनों खिलाड़ी इस मैच में अपनी टीम के लिए बड़ा योगदान देने की कोशिश करेंगे।
कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में 49 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 2367 रन बनाए हैं, जबकि रोहित शर्मा ने 45 मैचों में 2379 रन बनाए हैं और 8 शतक लगाए हैं। दोनों का ही औसत इन मैचों में 50 से ऊपर का रहा है। भारत को उम्मीद है कि ये दोनों अनुभवी खिलाड़ी अपनी टीम को सेमीफाइनल में जीत दिलाने में सफल होंगे।
चैंपियंस ट्रॉफी के इस सेमीफाइनल मैच में पिच भी अहम भूमिका निभाएगी। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में स्पिनरों के लिए परिस्थितियां मुफीद रही हैं, और पिछले मैचों में भी स्पिनरों ने बीच के ओवरों में सफलता हासिल की थी। हालांकि यह सेमीफाइनल मुकाबला ताजा पिच पर होगा।
दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम के रिकॉर्ड इस प्रकार हैं: कुल मैच 61 खेले गए हैं, जिनमें पहले बल्लेबाजी करते हुए 23 मैच जीते गए और टारगेट का पीछा करते हुए 36 मैच जीते गए। यहां का सबसे उच्चतम स्कोर 355/5 है, जबकि सबसे निम्नतम स्कोर 91 रहा है। चेज करते हुए सबसे उच्चतम स्कोर 287/8 है। पहले बल्लेबाजी करते हुए औसत स्कोर 229 रहा है।
इस मैच में एक और दिलचस्प पहलू यह है कि भारत के पास ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 'स्पिन चौकड़ी' उतारने का दांव हो सकता है। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ चार स्पिनरों के साथ मैदान में उतरा था, और यह रणनीति सफल भी रही थी। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी इस रणनीति को अपनाता है, या फिर वे अपनी गेंदबाजी में कुछ बदलाव करेंगे। भारतीय स्पिनरों ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने आखिरी लीग मैच में यहां 9 विकेट झटके थे, जिसमें 'मिस्ट्री स्पिनर' वरुण चक्रवर्ती ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस बार भी सेमीफाइनल में स्पिनरों का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
ऑस्ट्रेलिया की टीम के पास इस समय बेन द्वार्शुईस, ग्लेन मैक्सवेल, स्पेंसर जॉनसन और एडम जंपा हैं, जो भारत के लिए चुनौती पेश करेंगे। ऑस्ट्रेलिया के पास इस समय एडम जंपा के रूप में एक बढ़िया स्पिनर हैं और विराट कोहली के साथ उनका मुकाबला देखने लायक होगा। टीम में मार्नस लाबुशेन, ग्लेन मैक्सवेल, कूपर कोनोली, ट्रेविस हेड और स्टीव स्मिथ के रूप में पांच पार्ट टाइम स्पिनर मौजूद हैं।
भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, केएल राहुल (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या, रविंद्र जडेजा, हर्षित राणा, मोहम्मद शमी, कुलदीप यादव, ऋषभ पंत, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह
ऑस्ट्रेलिया: मैथ्यू शॉर्ट, ट्रेविस हेड, स्टीव स्मिथ (कप्तान), मार्नस लाबुशेन, जोश इंग्लिस (विकेटकीपर), एलेक्स कैरी, ग्लेन मैक्सवेल, बेन द्वार्शुईस, नाथन एलिस, एडम जम्पा, स्पेंसर जॉनसन, जेक फ्रेजर-मैकगर्क, आरोन हार्डी, सीन एबॉट, तनवीर सांघा

 
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खेलो इण्डिया : तीन महिला टीम ने भाग लेकर किया बेहतरीन प्रदर्शन

 कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन एवं खेल अधिकारी दुर्गेश्वरी सिंह के नेतृत्व में खेलो इण्डिया के तहत अस्मिता सिटी लीग हॉकी आयोजन का विगत दिवस सम्पन्न हुआ।

आयोजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नगरपालिका के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अरविन्द भगत के द्वारा मॉ सरस्वती जी के छायाचित्र पर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अस्मिता सिटी लीग हॉकी में तीन महिला टीम ने भाग लेकर अपने जौहर का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इनमें कन्या क्रीड़ा परिसर जशपुर ने प्रथम स्थान, कन्या महाविद्यालय जशपुर द्वित्तीय स्थान एवं शा.म.ल.बा.कन्या उ.मा.वि. जशपुर तृतीय स्थान प्राप्त किए। इस अवसर पर आशुतोष कुमार राय, संतोष ठाकुर, अजीत कुमार शुक्ला, शांति एक्का, प्रदीप चौरसिया, कु. सुष्मिता कुजूर, कु. सुप्रिया तिग्गा, अनीस अहमद, नजारियुस तिग्गा, अंजलुस तिर्की कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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