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मैक्सिको के राष्ट्रपति को PM मोदी से उम्मीद, जंग खत्म कर दुनिया में ला सकते हैं शांति, UN में रखेंगे प्रस्ताव

 

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रूस-यूक्रेन युद्ध और चीन-ताइवान में बढ़ते तनाव के बीच मैक्सिको के राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर संयुक्त राष्ट्र को एक लिखित प्रस्ताव पेश करने पर विचार कर रहे हैं। इस प्रस्ताव में दुनिया में सम्मानित 3 लोगों का एक आयोग बनाने की मांग होगी। यह आयोग दुनिया भर में अगले पांच साल के लिए युद्ध विराम को बढ़ावा देगा। इस अवधि में न कोई शीत युद्ध होगा न ही कोई व्यापार युद्ध। राष्ट्रपति ओब्रेडोर ने इन तीन लोगों में पीएम मोदी को शामिल करने की बात कही है।

पीएम मोदी से जताई उम्मीद
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ओब्रोडोर ने कहा, "मैं संयुक्त राष्ट्र में लिखित प्रस्ताव दूंगा। उम्मीद है कि मीडिया इसे फैलाने में हमारी मदद करेगा। आयोग का गठन पोप फ्रांसिस, एंटोनियो गुटेरेस और नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा।" मैक्सिकन राष्ट्रपति के कहा कि उनका लक्ष्य इन तीनों को एक साथ लाना है, जो दुनिया भर में युद्ध को समाप्त करने के लिए तेजी से एक योजना प्रस्तुत कर सकें और कम से कम पांच साल तक चलने वाले संघर्ष को देखने के लिए एक समझ विकसित कर सकें।

पांच साल शांति कायम करने पर बल
ओब्रेडोर ने कहा कि आयोग के गठन के जरिए कम से कम पांच साल का समझौता करने की कोशिश होगी ताकि दुनिया भर की सरकारें अपने लोगों के लिए काम कर सकें। उन्होंने कहा कि दुनिया में पांच साल, बिना तनाव हिंसा के बीतेगा और शांति होगी। इससे युद्ध और उसके प्रभावों से सबसे अधिक पीड़ित लोगों का जीवन बदला जा सकेगा। लोपेज ओब्रेडोर ने संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और रूस से युद्ध जैसी स्थितियों को समाप्त करने और शांति की दिशा में काम करने का प्रयास करने का भी आग्रह किया।

युद्ध के कारण दुनिया पर छाया संकट
ओब्रेडोर ने कहा कि एक साल से अधिक समय से इन तीन देशों के टकराव के चलते आज दुनिया को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। दुनिया रिकॉर्ड मुद्रास्फीति और आपूर्ति श्रृंखला की समस्याओं से जूझ रही है। बहुत से इंसानों की जानें जा चुकी हैं। ओब्रेडोर ने उम्मीद जताई कि अमेरिका, रूस और चीन मध्यस्थता को सुनेंगे और स्वीकार करेंगे। यह संघर्ष विराम ताइवान, इजरायल और फिलिस्तीन के मामले में समझौतों तक पहुंचने में मदद करेगा। इससे टकराव शांत होगा।

बातचीत को दी जाए प्राथमिकता
राष्ट्रपति ओब्रेडोर ने आगे कहा कि देशों को अपने व्यापार संघर्षों को रोकना चाहिए और अपनी प्रासंगिक प्रतिबद्धताओं पर नजर रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र के ढांचे का उपयोग करना चाहिए। अमेरिका के निचले सदन की स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद से एशिया प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बारे में बोलते हुए, लोपेज़ ओब्रेडोर ने कहा कि संघर्ष पर बातचीत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, यह दुनिया के हित में होगा।
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सरकार ने इस न्यूज चैनल का प्रसारण किया बंद, पत्रकार भी गिरफ्तार...

 स्लामाबाद/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान में शहबाज सरकार की तानाशाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि देश के नियामक अधिकारियों द्वारा पाकिस्तानी के टेलीविजन स्टेशन एआरवाई न्यूज के प्रसारण पर रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं इसके बाद इस चैनल के वरिष्ठ पत्रकार अम्माद यूसुफ को भी गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी के मुताबिक एआरवाई न्यूज पाकिस्तान का सबसे बड़ा निजी प्रसारक है। अपने पत्रकार की गिरफ्तारी के बाद एआरवाई न्यूज ने अपना बयान जारी किया है। न्यूज चैनल ने कहा है कि कराची पुलिस ने आधी रात को हमारे पत्रकार के घर का मेन गेट तोड़ उसे जबरन गिरफ्तार किया है। सभी पुलिसकर्मी सादे कपड़े में थे। पीटीआई नेता मुराद सईद ने वरिष्ठ पत्रकार की देर रात गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है।

चैनल पर गंभीर आरोप

सूत्रों के अनुसार नियामक निगरानी संस्था पीईएमआरए ने आरोप लगाया है कि चैनल गलत, घृणित और देशद्रोही सामग्री प्रसारित कर रहा था। चैनल का यह प्रसारण सशस्त्र बलों के भीतर विद्रोह को भड़काकर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट और वर्तमान खतरे के साथ पूर्ण दुष्प्रचार पर आधारित था। समाचार आउटलेट को अपने नोटिस में, नियामक प्रहरी ने समाचार एंकर को पक्षपाती करार दिया। PEMRA ने चैनल के सीईओ को आज (10 अगस्त) सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से पेश होने का भी निर्देश दिया है।

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गोल्ड मेडल जीतने के बाद सौरव गांगुली के अंदाज में लक्ष्य सेन ने मनाया जश्न, 'दादा' की तरह उतार दी जर्सी

 

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नेटवेस्ट ट्रॉफी (NatWest Tropy) का फाइनल मैच जीत से ज्यादा सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) के कारण चर्चाओं में रहा था। लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान में नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल मैच में इंग्लैंड को हराने के बाद उस समय के भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने कुछ अलग ही अंदाज में जीत का जश्न मनाकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। लॉर्ड्स की बालकनी में खड़े होकर अपनी जर्सी उतारकर इसे अपने हाथों से जोर-जोर से लहराते हुए सौरव गांगुली ने इस ऐतिहासिक जीत को और भी खास बनाने का काम किया था।

लक्ष्य सेन ने जीत के बाद उतार दी जर्सी
कॉमनवेल्थ गेम्स में बैडमिंटन सिंगल्स के फाइनल में लक्ष्य सेन ने जीत के बाद सौरव गांगुली की तरह अपना जर्सी उतार दिया। लक्ष्य सेन ने 19-21, 21-9 और 21-16 से जीत हासिल की और गोल्डन ब्वाय बन गए। इस जीत के साथ देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने वालों की लिस्ट में लक्ष्य सेन ने अपना नाम भी जोड़ लिया। जीत की खुशी इतनी थी कि उन्होंने अपनी जर्सी उतार दी और खुशी से चिल्लाने लगे।

थॉमस कप में भी जीता था गोल्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले इसी साल हुए थॉमस कप में लक्ष्य सेन ने गोल्ड मेडल जीतने का कारनामा किया था। बैडमिंटन के लिए भारत के भविष्य के रूप में लक्ष्य सेन को देखा जा रहा है। इतनी छोटी उम्र में ही लक्ष्य सेन देश-विदेश जाकर अपनी छाप छोड़ रहे हैं। ऐसे में उम्र बढ़ने के साथ-साथ वह और भी परिपक्कव होते चले जाएंगे। लक्ष्य सेन के पास ऐसी काबिलियत है जिससे वह अपनी खेल में महारथ हासिल कर सकते हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
गोल्ड मेडल जीतने के बाद से ही लक्ष्य सेन को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाओं का माहौल गर्म है। खासतौर से लक्ष्य सेन की जर्सी उतारने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। फैंस इस वीडियो पर तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं। लक्ष्य सेन ने जीत के बाद न सिर्फ अपनी जर्सी उतारी बल्कि उन्होंने अपनी रैकेट को भी दर्शकों के बीच फेंक दिया। लक्ष्य सेन के जीत का जश्न मनाने के तरीके को लोग काफी पसंद कर रहे हैं।
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चीन में पढ़ाई कर रहे छात्र हो जाएं तैयार, वहां जाने को लेकर आई जरूरी सूचना

 बीजिंग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। चीन ने मंगलवार को कहा कि उसने स्वदेश वापसी के बाद कोविड-19 से जुड़ी वीजा पाबंदियों के कारण घर में फंसे भारतीय विद्यार्थियों की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है और बहुत जल्द ही इनका पहला बैच आ सकता है। चीन के इस फैसले से वहां के कॉलेजों में पढ़ाई दोबारा शुरू करने की प्रतीक्षा कर रहे हजारों विद्यार्थियों में उम्मीदें जगी हैं।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि हम चीन में विदेशी छात्रों की वापसी के लिए गहनता से काम कर रहे हैं और भारतीय छात्रों की वापसी के लिए यह प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह पूछे जाने पर कि लौटने के इच्छुक भारतीय छात्रों के बारे में यहां भारतीय दूतावास द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची की प्रक्रिया किस चरण में हैं, उन्होंने कहा कि संबंधित जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी। चीन द्वारा पढ़ाई के लिए तुरंत लौटने के इच्छुक विद्यार्थियों के नाम मांगे जाने के बाद भारत ने कई सौ विद्यार्थियों की सूची प्रस्तुत की है। वांग ने उम्मीद जताई कि बहुत जल्द भारतीय विद्यार्थियों के पहले बैच की वापसी होगी। चीन में पढ़ाई कर रहे 23,000 विद्यार्थी, जिसमें ज्यादातर चिकित्सा शिक्षा की पढ़ाई कर रहे हैं, भारत वापस आने के बाद कोविड-19 से जुड़े वीजा प्रतिबंधों के कारण फंस गये और पढ़ाई के लिए चीन नहीं लौट सके।

दोनों देशों के बीच जल्द उड़ान होंगी शुरू 
हाल के हफ्तों में श्रीलंका, पाकिस्तान, रूस और कई अन्य देशों के कुछ विद्यार्थी चार्टर्ड विमानों से चीन पहुंचे। चीन भी विभिन्न देशों से उड़ानों की अनुमति दे रहा है, लेकिन अभी तक भारत-चीन के बीच उड़ान सेवा शुरू नहीं की गई है। भारत और चीन के बीच दो साल पहले कोरोना वायरस महामारी के कारण विमान सेवाएं रूकी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोनों देश सीमित ऊड़ानें बहाल करने के लिए बातचीत कर रहे हैं।
 
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अमेरिका के बोस्टन में भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ का खास जश्न मनाया जाएगा

 वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका के बोस्टन शहर में भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ का जश्न खास तरीके से मनाया जाएगा। इसमें 32 देश भाग लेंगे और शहर पर एक विमान से 220 फुट लंबा अमेरिका-भारत ध्वज लहराया जाएगा। फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन-न्यू इंग्लैंड के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने कहा कि इस साल, भारत की आजादी के जश्न समारोह में कई चीजें पहली बार होंगी।

मैसाच्युसेट्स के गवर्नर चार्ली बेकर ने स्वतंत्रता दिवस के 75 वर्षों को भारत दिवस घोषित किया, जो 15 अगस्त को बोस्टन में इंडिया स्ट्रीट पर और इससे एक दिन पहले 14 अगस्त को रोड आइलैंड में स्टेट हाउस में मनाया जाएगा। इस अवसर पर परेड में ग्रैंड मार्शल के तौर पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर आर पी सिंह को आमंत्रित किया गया है।

एफआईए न्यू इंग्लैंड आजादी का अमृत महोत्सव के बैनर तले भारत की आजादी के 75 वर्षों का जश्न मना रहा है। उसने कहा कि अमेरिका के इतिहास में पहली बार 32 देशों के लोग भारत दिवस परेड में शामिल होने जा रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस अवसर पर पहले से रिकॉर्ड किया गया एक संदेश भेजा है। गोयल ने अपने संदेश में कहा, भारत-अमेरिका संबंधों ने लंबा सफर तय किया है। आज हम स्वाभाविक साझेदार हैं। हम दोस्त हैं और हम बहुत महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। हमारी साझेदारी रणनीतिक, बहुत गहरी और महत्वपूर्ण आयामों वाली है।

 

 

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अमेरिका के इस शहर में पहली बार भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ का जश्न होगा खास

 

वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका के बोस्टन शहर में भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ का जश्न खास तरीके से मनाया जाएगा। आजादी के इस जश्न में 32 देश भाग लेंगे। वहीं समारोह को और भी खास बनाने के लिए बोस्टन शहर पर एक विमान से 220 फुट लंबा अमेरिका-भारत ध्वज लहराया जाएगा। 

बोस्टन में आजादी का जश्न
इस विषय पर 'फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन-न्यू इंग्लैंड' के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने कहा कि इस साल, भारत की आजादी के जश्न समारोह में कई चीजें पहली बार होने जा रहा है।

75 वर्षों को 'भारत दिवस'
दूसरी तरफ, भारत की आजादी के 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मैसाच्युसेट्स के गवर्नर चार्ली बेकर ने स्वतंत्रता दिवस के 75 वर्षों को 'भारत दिवस' घोषित किया। उत्सव 15 अगस्त को बोस्टन में इंडिया स्ट्रीट पर और इससे एक दिन पहले 14 अगस्त को रोड आइलैंड में स्टेट हाउस में मनाया जाएगा। इस अवसर पर परेड में ग्रैंड मार्शल के तौर पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर आर पी सिंह को आमंत्रित किया गया है।

'आजादी का अमृत महोत्सव'
बता दें कि, एफआईए न्यू इंग्लैंड 'आजादी का अमृत महोत्सव' के बैनर तले भारत की आजादी के 75 वर्षों का जश्न मना रहा है। एफआईए न्यू इंग्लैंड ने कहा कि अमेरिका के इतिहास में पहली बार 32 देशों के लोग भारत दिवस परेड में शामिल होने जा रहे हैं।

भारत-अमेरिका संबंधों पर पीयूष गोयल
दूसरी तरफ, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस अवसर पर पहले से रिकॉर्ड किया गया एक संदेश भेजा है। गोयल ने अपने संदेश में कहा, 'भारत-अमेरिका संबंधों ने लंबा सफर तय किया है। आज हम स्वाभाविक साझेदार हैं। हम दोस्त हैं और हम बहुत महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। हमारी साझेदारी रणनीतिक, बहुत गहरी और महत्वपूर्ण आयामों वाली है।'
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ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री पद के लिए लिज ट्रस ने भारतवंशी ऋषि सुनक से बनाई बढ़त

 लंदन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री पद के लिए भारतवंशी ऋषि सुनक और लिज ट्रस के बीच मुकाबला तेज हो गया है। शुरुआत में सुनक को अपनी कंजरवेटिव पार्टी के 137 सांसदों का समर्थन मिला था। लिज ट्रस 113 सांसदों का ही समर्थन जुटा पाई थीं। अब फाइनल में कंजरवेटिव पार्टी के लगभग 2 लाख स्थायी मेंबर वोटिंग करेंगे। इससे ही नए प्रधानमंत्री का चुनाव होगा।

पार्टी के स्थायी मेंबर्स में से 96 फीसदी श्वेत हैं। कंजरवेटिव पार्टी के हालिया YouGov पोल में ट्रस को सुनक से 28 फीसदी बढ़त हासिल हुई है। ट्रस को 58 फीसदी, जबकि सुनक को 30 फीसदी ही वोट मिले हैं। पार्टी के स्थायी मेंबर्स के समर्थन में सुनक पिछड़ते दिखाई दे रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में भी सुनक और ट्रस के बीच यही अंतर रहने वाला है।

 

एक अन्य सर्वे के मुताबिक, पार्टी के हर 10 में से 6 मेंबर्स ट्रस के साथ हैं। अब सुनक और ट्रस वोट मांगने के लिए कंजरवेटिव पार्टी के सदस्यों के बीच जा रहे हैं। इसे हस्टिंग्स कहते हैं। एक्सिटर, कार्डिफ और ईस्टबोर्न में इस प्रकार की हस्टिंग्स में पार्टी मेंबर्स के बीच सुनक की छवि पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से गद्दारी कर सत्ता हथियाने की लालसा रखने वाले नेता की बनाई जा रही है।

 

वैसे तो कंजरवेटिव पार्टी के मेंबर अपनी राय को सार्वजनिक करने से बचते हैं, लेकिन एक मेंबर ने बताया कि जॉनसन के सत्ता गंवाने का प्रमुख कारण सुनक को माना जा रहा है। सुनक ने ही जॉनसन के खिलाफ इस्तीफा देकर बगावत शुरू की थी। अधिकांश पार्टी मेंबर जॉनसन की गलतियों को उनके पतन का कारण नहीं मानते हैं। वे इसके लिए ऋषि सुनक को दोषी करार देते हैं।

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चीन के तीसरे सबसे मशहूर द्वीप पर 80 हजार लोगों को सरकार ने कर दिया है कैद, वजह ये है


बीजिंग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप फिर तेजी से बढ़ने लगा है। कोरोनो वायरस अचानक तेजी से बढ़ने के कारण चीन के लोकप्रिय द्वीप हैनान में हजारों पर्यटक फंस गए हैं। डीपीए समाचार एजेंसी के मुताबिक द्वीप पर शनिवार को 129 कोविड-19 संक्रमण के नए मामले सामने आने के बाद सान्या शहर के लिए उड़ानें और रेल सेवाएं रद्द कर दी गईं है। ऐसे में 10 मिलियन से अधिक की आबादी वाले शहर सान्या में लगभग 80 हजार प्रयर्टक फंस गए हैं।

सभी उड़ानों को सरकार ने किया रद्द
सान्या प्रांत को आमतौर पर 'चीन का हवाई' कहा जाता है। शहर के डिप्टी मेयर हे शिगांग के मुताबिक अधिकांश फंसे पर्यटक कम जोखिम वाले इलाके सान्या बे और यालोंग बे में हैं। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक सान्या प्रांत में ओमीक्रान 5.1.3 वैरियंट की पहचान की गई है। जिसके बाद शहर में सभी सार्वजनिक परिवहन शनिवार को निलंबित कर दिए गया है, जबकि सान्या एयरपोर्ट पर शनिवार की सभी उड़ानों को रद्द कर दिया गया। सान्या फिनिक्स के मुताबिक सिर्फ शनिवार को 164 उड़ानें रद्द की गई हैं।

आसमान छू रहे टिकट के दाम
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में यात्री कहते हुए नजर आ रहे हैं कि हम घर जाना चाहते हैं। वहीं एयरपोर्ट के अधिकारी उनसे मेगाफोन पर अपने होटल लौटने की अपील कर रहे है। सान्या चीन का तीसरा सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चूंकि रेल यात्राओं को पहले ही रद्द कर दिया गया है ऐसे में सान्या से जाने वाले हवाई टिकटों के दाम आसमान छू रहे हैं। सान्या से संघाई की उड़ानों के लिए लगभग 443 अमेरिकी डॉलर चुकाने पड़ रहे हैं। जबकि बिजनेस क्लास की कीमत लगभग 15,000 डॉलर बैठती है।

चीन में मिल रहे नए वैरिएंट
महामारी की शुरुआत के बाद से चीन में कोरोना वायरस के कुल 2,30,886 मामले दर्ज किए गए हैं। जबकि इस दौरान संक्रमण से 5,226 मरीजों की मौत हुई है। जब पूरी दुनिया में वायरस के कारण हाहाकार मचा था, तब चीन में लोगों ने पहले की तरह सामान्य जिंदगी जीना शुरू कर दिया था। लेकिन अब जब पूरी दुनिया वायरस के प्रकोप को नियंत्रित कर चुकी है, तो चीन में दोबारा मामलों में इजाफा देखने को मिल रहा है। बीते महीने बीजिंग और शांक्सी में ओमिक्रॉन के नए रूप सामने आए हैं।

कठोर नीति की सराहना कर रहे अधिकारी
चीन के अधिकारियों ने कोरोना वायरस के प्रसार और उसकी वजह से होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के लिए अपनी 'कोई कोविड नहीं' की कठोर नीति की सराहना की है। हालांकि इस नीति के कारण चीन की अर्थव्यवस्था को भारी कीमत चुकानी पड़ी और चीन की विनिर्माण एवं नौवहन क्षमता पर निर्भर अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला पर बुरा असर पड़ा। चीन ने बार-बार इस नीति का बचाव किया है और ऐसे संकेत हैं कि वह कम से कम 2023 के वसंत ऋतु तक इसे जारी रखेगा। संभावना है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को तब तक तीसरा कार्यकाल भी मिल जाएगा।
 
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भारत के दबाव पर श्रीलंका ने ‘जासूसी जहाज’ रोका, चीन में बवाल, राष्ट्रपति को चुपके से करनी पड़ी मीटिंग!

कोलंबो (छत्तीसगढ़ दर्पण)। श्रीलंका के पोर्ट पर चीन के 'खुफिया जहाज' को लेकर अबतक असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कभी हंबनटोटा पोर्ट पर चीनी जहाज के आने की अनुमति मिल जाती है तो कभी यह अनिश्चित काल के लिए टाल दिया जाता है। दरअसल भारत ने चीन के इस जहाज को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद श्रीलंका फैसला बदलने को मजबूर हो गया। श्रीलंकाई सरकार के निर्णय के बाद चीन में खलबली मच गयी है। इसके बाद कोलंबो में चीनी दूतावास सीनियर अधिकारियों के साथ एक मीटिंग बुलाई गई है।

चीनी दूतावास ने बुलाई बैठक
चीनी दूतावास ने वरिष्ठ श्रीलंकाई अधिकारियों के साथ तत्काल एक बैठक बुलाई है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार ये बैठक श्रीलंका के उस फैसले के बाद बुलाई जा रही है जिसमें उच्च तकनीक वाले एक चीनी जहाज की निर्धारित यात्रा को स्थगित करने की बात कही गई थी। ऐसा माना जा रहा है कि श्रीलंका ने ये फैसला भारत के दबाव में आकर लिया है। सूत्रों ने बताया कि कोलंबो में चीनी दूतावास ने श्रीलंकाई विदेश मंत्रालय से इस तरह का संदेश मिलने के बाद इस मुद्दे पर चर्चा के लिए श्रीलंका के उच्च अधिकारियों के साथ तत्काल बैठक की मांग की है।

राष्ट्रपति ने चीनी राजदूत से मीटिंग की? 
यह स्पेस ऐंड सैटलाइट ट्रैकिंग रिसर्च वेसेल (जहाज) 11 से 17 अगस्त तक पोर्ट पर रहना था। श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने चीन के दूतावास को एक पत्र लिखा और कहा, 'मंत्रालय निवेदन करना चाहता है कि अगले फैसले तक हंबनटोटा में आने वाले जहाज को रोक लिया जाए।' श्रीलंका के कई न्यूज पोर्टल ने भी इस बात की रिपोर्टिंग की थी। रिपोर्ट्स यह भी हैं कि राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने चीनी राजदूत क्यूई जेनहोंग के साथ बंद कमरे में बैठक की है। हालांकि राष्ट्रपति कार्यालय ने इस बात से इनकार किया है। 

भारत के दबाव में श्रीलंका ने बदला फैसला 
इससे पहले श्रीलंका की पिछली गोटाबाया राजपक्षे सरकार ने 12 जुलाई को चीनी जहाज को अनुमति दी थी। खास बात यह है कि श्रीलंका से भागने से कुछ दिन पहले ही उन्होंने यह कदम उठाया था। उस वक्त यही कहा गया था कि चीन का यह जहाज केवल रीफ्यूलिंग के लिए यहां रुकेगा। हालांकि बाद में पता चला कि यह जहाज कम से कम सात दिनों के लिए हंबनटोटा में रुकने वाला है। शिप में 400 लोगों का क्रू है। साथ ही इस पर एक बड़ा सा पाराबोलिक एंटिना लगा हुआ है और कई तरह के सेंसर मौजूद हैं। इसके बाद भारत ने भी ऐतराज जताया।
 
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व्हाइट हाउस के बाहर गिरी गाज, 3 की मौत, कई घायल...

 वाशिंगटन/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में गुरुवार शाम 7.0 बजे  राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास व्हाइट हाउस के पास आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना उस समय घटी जब एक दंपती अपने परिवार के साथ व्हाइट हाउस के पास स्थित एक पार्क  लाफायेट स्क्वायर में शादी की सालगिरह मनाने आया था।


डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया फायर एंड इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज डिपार्टमेंट के अनुसार गुरुवार को व्हाइट हाउस परिसर के बाहर स्थित लाफायेट पार्क में बिजली गिरने के बाद कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इन सभी को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती करवाया गया लेकिन इनमें से तीन ने दो दिन बाद दम तोड़ दिया। पार्क का एक हिस्सा गुरुवार को शाम को एक घंटे से अधिक समय तक बंद रहा और आपातकालीन दल घटनास्थल पर मौजूद रहा।

व्हाइट हाउस ने जताया दुख
व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने कहा कि बाइडेन प्रशासन जान गंवाने वाले लोगों के लिए गहरी संवेदना प्रकट करता है। वहीं प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे ने  बयान में कहा कि हम उन लोगों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं जो अभी भी अपने जीवन के लिए लड़ रहे हैं।

 

 

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चीन ने नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा के विरोध में अमरीका के साथ सहयोग रोकने की घोषणा की

 वशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  चीन ने अमरीका की सीनेट की स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा के विरोध में अमरीका के साथ सहयोग रोकने की घोषणा की है। इनमें दोनों देशों के बीच वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और जलवायु परिवर्तन वार्ता सहित कई क्षेत्रों में आपसी बातचीत पर रोक शामिल है। चीन के विदेश मंत्रालय ने आज कहा कि चीन अमरीका के साथ सीमा पार अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम और अवैध प्रवासियों की वापसी लाने पर वाशिंगटन के साथ सहयोग को भी निलंबित कर रहा है।

 

पेलोसी के जापान यात्रा समाप्‍त होने के तुरंत बाद चीन ने अमरीका के साथ समुद्री सैन्य सुरक्षा तंत्र पर एक द्विपक्षीय बैठक को भी रद्द कर दिया। पेलोसी 25 वर्षों में ताइवान की यात्रा करने वाली सर्वोच्च रैंकिंग अमरीकी अधिकारी हैं। व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमरीका की नीति में बदलाव नहीं आया है और यह यथास्थिति को बदलने या ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता को कमजोर करने के एकतरफा प्रयासों का कड़ा विरोध करता है। इस बीच, अमरीका ने ताइवान के खिलाफ चीन की बढ़ती कार्रवाई का विरोध दर्ज कराने के लिए कल चीन के राजदूत खाइन गेन्‍ग को तलब किया। व्‍हाइट हाउस ने कहा कि अमरीका इस क्षेत्र में अस्थिरता नहीं चाहता है। 
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नाइट क्लब में लगी आग, 40 की मौत, 10 झुलसे

 बैंकाक/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  थाईलैंड में शुक्रवार एक नाइट क्लब में जबर्दस्त आग लग गई। आग की चपेट में आने से 40 लोगों की मौत और 10 बुरी तरह झुलस गए हैं। आग की घटना चोनुबरी प्रांत के सट्टाहिप जिले में हुई। यह थाईलैंड की राजधानी बैंकाक के दक्षिण पूर्व में स्थित है। पुलिस कर्नल वुटिपोंग सोमजाई के अनुसार माउंटेन बी नाइट क्लब में आग बीती रात करीब एक बजे लगी। हताहतों में शामिल सभी लोग थाईलैंड के नागरिक बताए गए हैं। राहत व बचाव कार्य में जुटे सवांग रोजनाथम्मासथान फाउंडेशन ने खबर दी है कि आग में झुलसने से 40 लोगों की मौत हो गई है।

यह नाइट क्लब रंगीन रातों के लिए मशहूर था। यहां बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक भी पहुंचते थे। सोशल मीडिया में वायरल आग के वीडियो में लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर भागते देखा जा रहा है। लोग जान बचाने के लिए चीखते नजर आए। आग के कारणों का अभी पता नहीं चल रहा है।

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चीन की ताइवान को अलग-थलग करने की योजना को कभी पूरा नहीं होने देगा अमेरिका : नैंसी पेलोसी

टोक्‍यो (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्‍पीकर नैंसी पेलोसी ने कहा है कि यूएस ताइवाान को अलग-थलग करने की चीन की योजना को कभी सफल नहीं होने देगा। उन्‍होंने ये बयान जापान पहुंचकर दिया है।जापान के दौरे पर नैंसी ने कहा कि चीन चाहता है कि ताइवान कहीं भी किसी भी मंच पर सहभागिता न दिखा सके। यही वजह है कि वो उसको अलग-थलग रखना चाहता है। चीन हमें किसी को भी ताइवान जाने से रोक नहीं सकता है।

बता दें कि नैंसी के एशिया दौरे में जापान उनका आखिरी पड़ाव है। इससे पहले वो दक्षिण कोरिया गई थीं, जहां पर उन्होंने उत्‍तर-दक्षिण कोरिया के बीच बने Demilitrised zone को भी देखा था। उनसे पहले इस जगह पर वर्ष 2019 में तत्‍कालीन अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप गए थे।

नैंसी के जापान दौरे पर दोनों देशों ने ताइवान का साथ देने पर सहमति जताई है। जापान का कहना है कि चीन की करीब 5 मिसाइल उसके इकनामिक जोन में भी गिरी हैं। टोक्‍यो की तरफ से इस पर कड़ी नाराजगी जताई गई है बता दें कि जापान पहुंचकर शुक्रवार को नैंसी पेलोसी ने जापान के पीएम फूमियो किशिदा से मुलाकात की। किशिदा का कहना है कि चीन की लाइव फायर ड्रिल से उनकी सुरक्षा को भी खतरा खड़ा हो गया है। इस बीच चीन ने कहा है कि वो आसिया सम्‍मेलन में जापान का बायकाट करेगा। ये सम्‍मेलन कंबोडिया में होगा।

 

 

 

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अमेरिका ताइवान को अकेला नहीं छोड़ेगा : पेलोसी

 ताइपे (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका की प्रतिनिधिसभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने बुधवार को कहा कि ताइवान की यात्रा पर पहुंचा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल यह संदेश दे रहा है कि अमेरिका स्वशासी द्वीप के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे नहीं हटेगा। चीन के विरोध के बावजूद पेलोसी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ताइवान में कई नेताओं के मुलाकात कर रहा है।

ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन के साथ मुलाकात के बाद एक संक्षिप्त बयान में उन्होंने कहा, आज विश्व के सामने लोकतंत्र और निरंकुशता के बीच एक को चुनने की चुनौती है। ताइवान और दुनियाभर में सभी जगह लोकतंत्र की रक्षा करने को लेकर अमेरिका की प्रतिबद्धता अडिग है।

ताइवान को अपना क्षेत्र बताने और ताइवान के अधिकारियों की विदेशी सरकारों के साथ बातचीत का विरोध करने वाले वाले चीन ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के मंगलवार रात ताइवान की राजधानी ताइपे पहुंचने के बाद द्वीप के चारों ओर कई सैन्य अभ्यासों की घोषणा की और कई कड़े बयान भी जारी किए।

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संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि के रूप में रचनात्मक कार्यकाल की कामना करती हूं: कंबोज

 संयुक्त राष्ट्र (छत्तीसगढ़ दर्पण)। संयुक्त राष्ट्र में भारत की पहली महिला स्थायी प्रतिनिधि के रूप में कार्यभार संभालने वाली राजदूत रुचिरा कंबोज ने कहा कि वह एक ऐसे रचनात्मक कार्यकाल की कामना कर रही हैं, जो देश के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बाकी बचे कार्यकाल में और उसके बाद भी भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को बहुपक्षीय ढांचे का रूप दे पाए।

कंबोज (58) ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस को मंगलवार को अपना परिचय पत्र सौंपा था। वह 1987 बैच की भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी हैं और भूटान में भारत की राजदूत के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं। उन्हें जून में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत की स्थायी प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने राजदूत टीएस तिरुमूर्ति की जगह ली है।

कंबोज ने ऐसे समय में पदभार ग्रहण किया है, जब 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत का अस्थायी सदस्य के रूप में दो साल का कार्यकाल इस साल दिसंबर में समाप्त होने वाला है। दिसंबर में देश संयुक्त राष्ट्र की इस शक्तिशाली निकाय की अध्यक्षता भी करेगा।

कंबोज ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, मैं संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के रूप में पद ग्रहण करके बहुत सम्मानित महसूस कर रहीं हूं और ऐसे समय में यह और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है, जब हम इस साल भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मनाएंगे।

गुतारेस के साथ बैठक के बाद उन्होंने ट्वीट किया, आज, मैंने संयुक्त राष्ट्र में भारत की नयी स्थायी प्रतिनिधि के रूप में विश्व निकाय के महासचिव एंतोनियो गुतारेस को अपना परिचय पत्र सौंप दिया। इस पद पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला होना गर्व की बात है। सभी लड़कियों से कहना चाहूंगी कि हम सब कुछ कर सकते हैं।

कंबोज ने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख को परिचय पत्र सौंपने से पहले सोमवार को ट्वीट किया था, सुरक्षा परिषद में आज अपने सभी सहयोगी राजदूतों से मिलकर बहुत अच्छा लगा। इस नए पद के जरिए अपने देश की सेवा करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है।

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संकटग्रस्त श्रीलंका को मदद देने के लिए विक्रमसिंघे ने भारत को धन्यवाद दिया

 कोलंबो (छत्तीसगढ़ दर्पण)। श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे उनके देश को समय पर आर्थिक मदद देकर बेहद जरूरी राहत पहुंचाने के लिए भारत एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार को धन्यवाद दिया।

राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने सात दिन तक स्थगित रहने के बाद बुधवार को फिर से बुलाए गए संसद के सत्र को संबोधित कते हुए कहा, मैं आर्थिक संकट से उबरने के हमारे प्रयासों के लिए हमारे निकटतम पड़ोसी देश भारत द्वारा मुहैया कराई गई मदद का विशेष रूप से जिक्र करना चाहता हूं।

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने हमें बेहद जरूरी मदद दी। मैं अपने लोगों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत सरकार एवं भारत के लोगों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं। मोदी ने पिछले सप्ताह राष्ट्रपति विक्रमसिंघे से कहा था कि भारत आर्थिक संकट से उबरने एवं स्थिरता के प्रयासों में श्रीलंका के लोगों की स्थापित लोकतांत्रिक माध्यमों से मदद करना जारी रखेगा।

श्रीलंका की नयी सरकार के सामने देश को आर्थिक संकट से उबारने और व्यवस्था बहाल करने की चुनौती है। श्रीलंका में आर्थिक संकट के मद्देनजर विरोध प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को देश छोड़कर जाना पड़ा था और इस्तीफा देना पड़ा था।

भारत सरकार श्रीलंका को इस साल जनवरी से अब तक करीब चार अरब डॉलर की मदद दे चुकी है। श्रीलंका को अपने करीब दो करोड़ 20 लाख लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए अगले छह महीनों में करीब पांच अरब डॉलर की जरूरत है। देश वित्तीय मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और अन्य देशों से बातचीत कर रहा है, ताकि वह आर्थिक संकट से उबर सके।

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अब इन दो देशों के बीच छिड़ी जंग, हमले में तीन सैनिकों की मौत, कई घायल...

 येरेवान/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच एक बार फिर तनातनी शुरू हो गई है। नागोर्नो-कारबाख के एक इलाके में दोनों देशों के सुरक्षाबलों के बीच संघर्ष हुआ है। हमले में तीन सैनिकों के मारे जाने की खबर है।


नागोर्नो-कारबाख के सैन्य अधिकारियों ने दावा किया है कि अजरबैजान की आर्मी ने ड्रोन हमले किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, हमले में उनके दो सैनिक मारे गए हैं जबकि 14 घायल हो गए।

अजरबैजान ने लगाया आतंकी हमले का आरोप

वहीं, अजरबैजान ने आर्मेनियाई सैनिकों पर हमले का आरोप लगाया है। अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि आर्मेनियाई सैनिकों द्वारा अवैध आतंकी कार्रवाई में उनके देश का एक सैनिक मारा गया है। अजरबैजान ने आर्मेनियाई सैनिक के हमले पर जवाबी कार्रवाई की है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि जवाबी हमले में अवैध आर्मेनियाई आतंकी मारे गए हैं। हमले में कुछ घायल भी हुए हैं। इस हमले के बाद नागोर्नो-कराबाख के अलगाववादी नेता ने बुधवार को आंशिक सैन्य लामबंदी की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।

नागोर्नो-कराबाख पर दशकों पुराना है विवाद
नागोर्नो-कराबाख को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद काफी पुराना है। ये इलाका अभी अजरबैजान में है। हालांकि, इस पर 1994 से आर्मेनिया का नियंत्रण है। इस क्षेत्र में 2020 में भी एक युद्ध हुआ था। इस युद्ध में 6600 से ज्यादा लोग मारे गए थे। 6 हफ्तों तक चली जंग के बाद रूस ने मध्यस्थता कर दोनों देशों के बीच शांति समझौता कराया था। रूस ने इलाके में दो हजार से ज्यादा जवानों को भेजा था।

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चेतावनी के बावजूद पेलोसी पहुंचीं ताइवान, चीन ने इन वस्तुओं के आयात-निर्यात पर लगाई पाबंदियां...

 बीजिंग/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिकी स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे से चिढ़े चीन ने जहां ताइवान में अपने लड़ाकू विमान उड़ाकर शक्ति प्रदर्शन किया, वहीं आज से नेचुरल सैंड के निर्यात और कई अन्य वस्तुओं के आयात-निर्यात पर पाबंदी लगा दी। नेचुरल सैंड यानी सिलिका सेमीकंडक्टर बनाने के काम आती है। ताइवान को सेमीकंडक्टर उत्पादन में महारथ हासिल है।

ताइवान को नेचुरल सैंड (बालू रेत) का निर्यात रोकने का फैसला चीन के वाणिज्य मंत्रालय सीटीजीएन ने किया। चीन द्वारा ताइवान पर कई अन्य व्यापार पाबंदियां भी लगाए जाने की खबर है। इससे अमेरिका और ताइवान का चीन के साथ तनाव और बढ़ सकता है। कराची में चीन के महावाणिज्यदूत लिबिजियन ने बताया कि बुधवार से ताइवान क्षेत्र से खट्टे फलों, ठंडे सफेद बालों की पूंछ और फ्रोजन हॉर्स मैकेरल आदि के आयात को रोक दिया गया है। चीन के सीमा शुल्क सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।  का कहना है।

उल्लेखनीय है कि ताइवान दुनिया का अग्रणी सेमीकंडक्टर चिप निर्माता है। ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कारपोरेशन (TSMC) का सेमीकंडक्टर उत्पादन में 56 फीसदी हिस्सेदारी है। दरअसल, सेमीकंडक्टर  किसी भी इलेक्ट्रॉनिक व अन्य उपकरण और वाहनों आदि में बिजली के प्रवाह को रोकने का काम करते हैं। इन्हें अर्द्धचालक भी कहा जाता है। ये पावर डिस्प्ले और डेटा ट्रांसफर जैसे कई प्रकार के कार्य करती हैं। इनका कारों व अन्य वाहनों के अलावा फ्रीज, लैपटॉप, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में होता है।

बता दें, पेलोसी मंगलवार रात चीन की तमाम धमकियों को दरकिनार कर ताइवान पहुंच गई हैं। इसके विरोध में चीन ने जहां अपने लड़ाकू विमान ताइवान के वायु क्षेत्र में भेजे वहीं, युद्धाभ्यास भी शुरू कर दिया। हालांकि, अमेरिका और नैंसी पेलोसी पर इनका कोई असर नहीं हुआ।
 
पेलोसी ने बताया, इसलिए आई हूं यहां...
अमेरिकी स्पीकर पेलोसी ने ताइवानी मीडिया से चर्चा में कहा, 'मैं यहां ताइवानी जनता की बात सुनने और यह सीखने के लिए आई हूं कि हम एक साथ कैसे आगे बढ़ सकते हैं। हम ताइवान को कोविड से सफलतापूर्वक निपटने के लिए बधाई देती हैं। यह स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और शासन का मुद्दा भी है।' पेलोसी ने यह भी कहा कि ताइवान सरकार से बातचीत में जलवायु संकट से पृथ्वी को बचाने के लिए मिलकर काम करने पर बात करेंगे। हमारी यात्रा मानवाधिकारों, अनुचित व्यापार परंपराओं और सुरक्षा मुद्दों के बारे में है।

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