अब पाकिस्तान को भी तेल बेचेगा रूस, जानिए पुतिन ने शाहबाज शरीफ को क्या दिया ऑफर?
काहिरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने काहिरा में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी से मुलाकात की। रक्षा मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए राष्ट्रपति अल-सीसी ने बताया कि भारत और मिस्र के बीच ऐतिहासिक रूप से द्विपक्षीय संबंध अच्छी तरह से स्थापित हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।
दोनों नेताओं ने सैन्य सहयोग को और मजबूत करने और संयुक्त प्रशिक्षण, रक्षा सह-उत्पादन और उपकरणों के रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने रक्षा उत्पादन की आवश्यकता पर बल दिया और उस संबंध में विशिष्ट प्रस्तावों पर चर्चा की। राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ मिस्र द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। राष्ट्रपति सिसी ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद के खतरे का मुकाबला करने के लिए भारत और मिस्र को विशेषज्ञता और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने की आवश्यकता है।
रक्षा मंत्री ने यह स्वीकार किया कि मिस्र अफ्रीका में भारत के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदारों में से एक है और दोनों देशों में द्विपक्षीय व्यापार में काफी विस्तार हुआ है। उन्होंने भारत और मिस्र के बीच बहुपक्षीय मंचों में घनिष्ठ सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। राजनाथ सिंह ने नवंबर 2022 में कॉप 27 की सफल मेजबानी के लिए शुभकामनाएं दीं।
काठमांडू (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस चोलेंद्र शमशेर राणा को शेर बहादुर देउबा की सरकार ने नजरबंद कर दिया है। इसके बाद राणा ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं होने दिया। पुलिस ने मुझे कोर्ट जाने से रोक दिया। चीफ जस्टिस राणा ने कहा कि मुझे नजरबंद कर दिया है और मेरे घर के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा है।
राणा ने एक पत्र में कहा था, संसद का आखिरी सत्र समाप्त हो चुका है और नवंबर में चुनाव हैं। ऐसे में उनके खिलाफ चल रही महाभियोग की प्रक्रिया भी खत्म हो चुकी है। अब मैं चीफ जस्टिस के तौर पर काम करूंगा। राणा के इस दावे के बाद सरकार ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया है।
बता दें कि इसी साल 13 फरवरी को नेपाली कांग्रेस, नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी सेंटर) और सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट) के 98 सांसद राणा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लेकर आए थे। राणा पर भ्रष्टाचार और सरकार में हिस्सेदारी के लिए सौदेबाजी समेत 21 आरोप लगे और उन्हें फरवरी में निलंबित किया गया था।
महाभियोग प्रस्ताव संसद में पारित नहीं हो पाया और सरकार का शनिवार को आखिरी संसद सत्र भी समाप्त हो गया। वहीं, नेपाल बार एसोसिएशन और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा है कि कोर्ट में राणा का विरोध जारी रहेगा।
लंदन/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का अंतिम संस्कार सोमवार, 19 सितंबर को लंदन में होगा। इस दौरान विश्व के कई नेता, रॉयल्टी और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल होंगे। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू महारानी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लंदन पहुंच चुकी है।
राष्ट्रपति मुर्मू लंदन के वेस्टमिंस्टर एब्बे में महारानी के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होंगी। राष्ट्रपति सोमवार को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए 17 से 19 सितंबर तक यूनाइटेड किंगडम के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस दौरान वो महारानी के निधन पर भारत सरकार की ओर से शोक व्यक्त करेंगी।
विदेश सचिव विनय क्वात्रा सहित राष्ट्रपति मुर्मू और उनके दल के सदस्यों को लेकर राष्ट्रपति विमान रात 8बजकर 50 मिनट (भारतीय समय अनुसार) पर लंदन के गैटविक हवाई अड्डे पर उतरा। यहां से सभी उस होटल के लिए रवाना हुए, जहां वह इस दौरे के दौरान ठहरेंगे। लंदन के हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति मुर्मू के आगमन पर, ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त द्वारा उनका स्वागत किया गया।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति आज वेस्टमिंस्टर पैलेस में महारानी के लेटिंग-इन-स्टेट को श्रद्धांजलि देंगी। जिसके बाद वो बकिंघम पैलेस के पास लैंकेस्टर हाउस में भारत सरकार की ओर से शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर करेंगी। जिसके बाद दिन में राष्ट्रपति स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे लंदन के बकिंघम पैलेस में विदेशी नेताओं के लिए किंग चार्ल्स III द्वारा आयोजित एक स्वागत समारोह में शामिल होंगी। अगले दिन, राष्ट्रपति मुर्मू वेस्टमिंस्टर एब्बे के वेस्ट गेट पर राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होंगी। सोमवार को दोपहर में, वो ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों के विदेश मंत्री, जेम्स क्लेवर्ली द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में भाग लेंगी। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का 96 वर्ष की आयु में 8 सितंबर को निधन हो गया था। उनका 19 सितंबर को वेस्टमिंस्टर एब्बे में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
लंदन/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का अंतिम संस्कार सोमवार 19 सितंबर को लंदन में होगा। इस दौरान विश्व के कई नेता, रॉयल्टी और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल होंगे। लंदन में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले मेहमानों की एक लंबी लिस्ट है। लंदन में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले मेहमानों की एक लंबी लिस्ट है। महारानी के अंतिम संस्कार में तकरीबन 500 लोगों को आमंत्रित किया गया है। भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू महारानी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लंदन पहुंच चुकी है।
महारानी के अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले अपेक्षित लोग:
रॉयल अटेंडीज
जापान के सम्राट नारुहितो और की महारानी मसाको
राजा विलेम-अलेक्जेंडर और नीदरलैंड की रानी मैक्सिमा
किंग फेलिप VI और स्पेन की रानी लेटिजिया
स्पेन के पूर्व राजा जुआन कार्लोस
बेल्जियम के राजा फिलिप और रानी मथिल्डे
डेनमार्क की रानी मार्गरेट द्वितीय, क्राउन प्रिंस फ्रेडरिक और क्राउन प्रिंसेस मैरी
किंग कार्ल सोलहवें गुस्ताफ और स्वीडन की रानी सिल्विया
राजा हेराल्ड वी और नॉर्वे की रानी सोनजा हैराल्डसन
भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक
ब्रुनेई के सुल्तान हसनल बोल्कियाह
जॉर्डन के राजा अब्दुल्लाह
कुवैत के क्राउन प्रिंस, शेख मेशल अल-अहमद अल-सबाही
लेसोथो के राजा, लेत्सी III
लिकटेंस्टीन के वंशानुगत राजकुमार एलोइस
लक्जमबर्ग हेनरी के ग्रैंड ड्यूक
पहांगी के मलेशियाई सुल्तान अब्दुल्ला
मोनाको के राजकुमार, अल्बर्ट II
मोरक्को के क्राउन प्रिंस मौले हसन
ओमान के सुल्तान, हैथम बिन तारिक अल-सैद
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानीक
टोंगा के राजा, टुपो VI
विश्व के नेता
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो
ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो
त्रिनिदाद और टोबैगो के राष्ट्रपति पाउला-मे वीक्स
बारबाडोस के राष्ट्रपति सैंड्रा मेसन
जमैका के प्रधान मंत्री एंड्रयू होल्नेस
बेलीज के गवर्नर जनरल फ्लोयला तजालम
सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस के गवर्नर जनरल सुसान डौगन
यूरोप और मिडिल ईस्ट
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर
इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला
आयरलैंड के राष्ट्रपति माइकल डी. हिगिंस
आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन
पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूसा
ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलेन
हंगरी के राष्ट्रपति कैटलिन नोवाक
पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेजेज डूडा
लातविया के राष्ट्रपति एगिल्स लेविट्स
लिथुआनिया के राष्ट्रपति गीतानस नौसेदा
फिनलैंड के राष्ट्रपति सौली निनिस्टो
ग्रीस की राष्ट्रपति कतेरीना सकेलारोपोलू
माल्टा के राष्ट्रपति जॉर्ज वेला
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस अनास्तासीदेस
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल
यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन
नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग
इजराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग
फिलीस्तीनी प्रधानमंत्री मोहम्मद शतयेह
अफ्रीका
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा
नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति येमी ओसिनबाजो
घाना के राष्ट्रपति नाना अकुफो-एडो
गैबॉन के राष्ट्रपति अली बोंगो
एशिया
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
चीन के उपराष्ट्रपति वांग किशन
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना
न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न
ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री एंथोनी अल्बनीज
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति यूं सुक-योल
इन देशों को नहीं किया गया आमंत्रित
रूस
म्यांमार
बेलारूस
सीरिया
वेनेजुएला
अफगानिस्तान।
रूस, उज्बेकिस्तान और ईरान के राष्ट्राध्यक्षों के साथ करेंगे द्विपक्षीय वार्ता
समरकंद/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। वो गुरुवार को रात तकरीबन नौ बजे उज्बेकिस्तान के समरकंद पहुंचे थे। पीएम मोदी शिखर सम्मेलन में में पहुंचने वाले आखिरी नेता हैं। शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी रूस, उज्बेकिस्तान और ईरान के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। पीएम मोदी आज एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे जिसके बाद एससीओ नेताओं की एक जरूरी बैठक होगी।
पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे पीएम मोदी
शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में शामिल होंगे, जिसपर पूरे विश्व की नजरें हैं। कोविड महामारी और यूक्रेन संघर्ष के बाद पीएम मोदी और पुतिन की पहली बैठक है। पीएम मोदी ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
अगले साल भारत में होगा शिखर सम्मेलन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत 15 वैश्विक नेताओं के साथ समरकंद शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उज्बेकिस्तान एससीओ शिखर सम्मेलन 2022 की अध्यक्षता कर रहा है। जिसके बाद भारत समरकंद शिखर सम्मेलन के अंत में एससीओ की रोटेशनल वार्षिक अध्यक्षता ग्रहण करेगा। एससीओ संगठन में मौजूदा वक्त में आठ सदस्य देश हैं। इनमें चीन, भारत, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान शामिल हैं। साथ ही चार पर्यवेक्षक देश हैं जो कि पूर्ण सदस्य के तौर पर संगठन में शामिल होने की रुचि रखते हैं। इनमें अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया शामिल हैं। संगठन में छह डायलॉग पार्टनर्स देश हैं। ये आर्मेनिया, अजरबैजान, कंबोडिया, नेपाल, श्रीलंका और तुर्की हैं।
साल 2017 में भारत संगठन में हुआ शामिल
साल 1996 में गठित शंघाई फाइव, उज्बेकिस्तान को शामिल करने के साथ 2001 में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) बन गया। वहीं 2017 में भारत और पाकिस्तान के समूह में प्रवेश करने और 2021 में तेहरान को पूर्ण सदस्य के रूप में स्वीकार करने के फैसले के साथ, SCO सबसे बड़े बहुपक्षीय संगठनों में से एक बन गया। शिखर सम्मेलन में भारत ने दृढ़ता से क्षेत्रीय सुरक्षा से संबंधित चिंताओं, रक्षा, आतंकवाद का मुकाबला करने और अवैध नशीली दवाओं के व्यापार आदि पर सहयोग को लेकर आह्वान किया है।
ढाका (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को कहा कि उनकी हालिया भारत यात्रा से बांग्लादेश को फायदा हुआ है और वह खाली हाथ नहीं लौटी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी यात्रा ने दो मित्र पड़ोसी देशों के बीच संबंधों में एक नया क्षितिज खोल दिया है। हसीना की यात्रा के दौरान, भारत और बांग्लादेश ने सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें से एक कुशियारा नदी के पानी के बंटवारे पर था, जिससे दक्षिणी असम और बांग्लादेश के सिलहट के इलाकों को लाभ होने की उम्मीद है।
हसीना ने पांच से आठ सितंबर के बीच भारत के चार दिवसीय दौरे के करीब हफ्ते भर बाद यहां संवाददाताओं को बताया, उन्होंने (भारत) ने गंभीरता दिखाई और मैं खाली हाथ नहीं लौटी हूं। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि कोविड महामारी के कारण तीन साल के लंबे अंतराल के बाद मेरी यात्रा ने बांग्लादेश-भारत संबंधों में एक नया क्षितिज खोल दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के लोगों को उनकी भारत यात्रा के दौरान पहचाने गए सभी क्षेत्रों में सहयोग और मौजूदा द्विपक्षीय समस्याओं को हल करने के लिए लिए गए निर्णयों से लाभ होगा।
उनकी टिप्पणी तब आई जब मुख्य विपक्ष बीएनपी के नेताओं ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश को उनकी (हसीना की) भारत यात्रा से कुछ नहीं मिला, जबकि इसके महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा, हसीना भारत से समझौते में असमर्थ हैं। हसीना ने कुशियारा नदी को लेकर सहमति पत्र को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और हरित अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक व लोगों से लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्र में सहयोग पर भी समझौते किए हैं।
इस्लामाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। तालिबान सरकार ने मीडिया में आईं उन खबरों का बुधवार को खंडन किया, जिसमें अफगानिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) प्रमुख मसूद अजहर की मौजूदगी का दावा किया गया है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने कहा कि ऐसे आतंकवादी संगठन पाकिस्तान की जमीन से संचालन कर सकते हैं और यहां तक कि सरकारी संरक्षण में भी वे अपना काम जारी रख सकते हैं।
पाकिस्तानी मीडिया में जैश प्रमुख अजहर के अफगानिस्तान में होने संबंधी दावे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तालिबान की अंतरिम सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इसे कड़े शब्दों में खारिज किया। खबरों में दावा किया गया कि पाकिस्तान ने उसे (मसूद अजहर) सौंपने की मांग वाला एक पत्र भी अफगानिस्तान को भेजा है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी के हवाले से मंगलवार को सामने आई खबर में कहा गया, हमने अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय को एक पन्ने का पत्र लिखा है, जिसमें उन्हें मसूद अजहर का पता लगाने और गिरफ्तार करने के लिए कहा गया है, क्योंकि हम मानते हैं कि वह अफगानिस्तान में कहीं (पूर्वी नंगरहार प्रांत) में छिपा हुआ है।
मुजाहिद ने एक साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने इस बाबत मीडिया में आई खबर देखी है। मुजाहिद ने कहा, लेकिन, यह सच नहीं है। किसी ने भी हमसे ऐसी मांग नहीं की है। मुजाहिद ने कहा, जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख अफगानिस्तान में नहीं है। ऐसे संगठन पाकिस्तान की जमीन से संचालन कर सकते हैं - और यहां तक कि आधिकारिक संरक्षण में भी। प्रवक्ता ने कहा, हम किसी को भी, किसी दूसरे देश के खिलाफ अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देंगे।
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